KathaDarshan

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KathaDarshan episodes

  • हनुमान चालीसा की दूसरी चौपाई का हिंदी अर्थ | हनुमान कथा भगवान का कार्य

    राम दूत अतुलित बल-धामा।

    अंजनि पुत्र पवनसुत नामा ॥ 2॥


    अंजनी नन्दन श्री रामदूत  आपके समान दूसरा कोई बलवान नहीं है। पवनपुत्र श्री हनुमान जी के लिये अनेक भक्तों और कवियों ने अनेक प्रकार के गुण सूचक नाम का प्रयोग किया है। उन्हे अतुलित बलधाम, स्वर्ण पर्वत के समान चमचमाते शरीर वाला, और वायु का पुत्र, ज्ञानियों मे सबसे प्रथम कहा गया है ।संपूर्ण गुणों के से युक्त , वानरों के राजा और श्रीराम का श्रेष्ठ दूत कहा गया है। 


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    7 min
  • हनुमान चालीसा की पहली चौपाई का हिंदी अर्थ | हनुमान कथा श्री राम दूत की पदवी

    जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।

    जय कपीस तिंहुँ लोक उजागर॥1॥


    श्री हनुमानजी आपका ज्ञान और गुण अथाह है।आपकी जय , तीनों लोकों  स्वर्ग-लोक, भू-लोक, और पाताल-लोक  में आपकी कीर्ति और यश फला हुआ है। भगवान और उनके भक्तों के गुणों का वर्णन कोई मनुष्य कैसे कर सकता है।जो महापुरुष हो गये हैं, उन्हे गुणों की भूख रहती थी, उन्हे ऐसा लगता था कि जब भगवान के पास जाऊँगा तब सभी अच्छे गुणों को धारण कर जाऊँगा।


    #HanumanChalisa #HanumanKatha

    6 min
  • हनुमान चालीसा के दूसरा दोहा का हिंदी अर्थ | हनुमान कथा सफलता का कारण विनम्रता

    बुद्धिहिन तनु जानिके सुमिरों पवन-कुमार। 

    बल बुद्धि विद्या देहु मोहिं हरहु कलेस विकार॥


    हनुमान चालीया के प्रारंभ में गु़रू वन्दना करने के पश्चात् उन्होने हनुमानजी की वन्दना करते हुए राम चरित्र लिखने का संकल्प किया है। तुलसीदासजी ने अपना संकल्प हनुमानजी को बता चुके हैं। आप तो जानते ही हैं कि मेरा शरीर और बुद्धि निर्बल है, मुझे शारीरिक बल, सद्बुद्धि एवं ज्ञान दीजिए और मेरे दु:ख व दोषों का नाश कर दीजिए।

    6 min
  • हनुमान चालीसा के पहले दोहा का हिंदी अर्थ हनुमान कथा गुरु की महिमा

    श्रीगुरु चरण सरोज रज निज मन मुकुरु सुधारी।  

    बरनऊं रघुवर बिमल जसु जो दायक फल चारि॥

    तुलसीदासजी ने हनुमान चालीसा की शुरुआत गुरु वंदना से कि है, हमारी संस्कृति में गुरु को बहुत अधिक सम्मान दिया गया है। अज्ञान के अंधकार को दूर करने के लिए ज्ञान का प्रकाश जलाने वाले गुरु होते है। जीवनहीन और पशुतुल्य बने मानव को देवत्व की ओर ले जाने के लिए जिस व्यक्ति की आवश्यकता रहती है वह गुरु ही है।

    #HanumanChalisa #HanumanKatha


    5 min
  • हनुमान चालीसा का हिंदी अर्थ | हनुमान जन्म कथा

    हम सब हनुमान चालीसा पढते हैं, सब रटा रटाया. क्या हमें चालीसा पढते समय पता भी होता है, कि हम हनुमानजी से क्या मांग रहे हैं? या फिर बस रटा रटाया बोलते जाते हैं.  फल शायद तभी मिलेगा जब हमें इसका मतलब भी पता हो. श्री हनुमान चालीसा अर्थ सहित

    7 min
  • शिव पुत्र जलंधर | तुलसी और शालिग्राम का विवाह

    वृंदा ही तुलसी थी, जिसे भगवान गणेश ने असुर से शादी का श्राप दिया था. भगवान शिव के गणेश और कार्तिकेय के अलावा एक और पुत्र थे, जिनका नाम था जलंधर, वो सुर प्रवत्ति का था. वह खुद को सभी देवताओं से ज्यादा शक्तिशाली समझता था उसकी वीरता का रहस्य था, उसकी पत्नी वृंदा का पतिव्रता धर्म। उसी के प्रभाव से वह विजयी बना हुआ था। 

    5 min
  • क्यों गणेश जी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है

    भगवान् गणेश जो प्रत्येक कार्य में और प्रत्येक पूजा में सर्वप्रथम पूजे जाते है| जो तुलसी पत्र भगवान् विष्णु को अत्यंत प्रिय है , वही तुलसी पत्र भगवान् गणेश को इतनी अप्रिय क्यों है  आखिर क्यों गणेश जी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है. आइए जानते हैं इस की पौराणिक कथा

    4 min
  • करमा बाई रो खीचड़ो

    जगन्नाथपुरी धाम में आज भी ठाकुर जी को सर्वप्रथम मारवाड़ की करमा बाई की रसोई का भोग लगता है। जगन्नाथपुरी रथयात्रा के रथ में ठाकुर जी की मूर्ति के साथ करमा बाईसा की मूर्ति विद्यमान रहती है बिना करमा बाईसा की मूर्ति रथ में रखे, रथ  हिलता भी नहीं है

    6 min
  • अजगर करे ना चाकरी पंछी करे ना काम

    अजगर एक विशालकाय और आलसी जानवर के रूप में जाना जाता है, जो कोई काम नहीं करता है,उसी तरह पंक्षी भी कोई काम नहीं करता है।क्योंकि उनके लिए ईश्वर हैं जो उनके जीवन यापन की व्यवस्था करते हैं। अजगर करे ना चाकरी, पंछी करे ना काम, दास मलूका कह गए, सब के दाता राम !इस कथन के पीछे मलूका दास के नास्तिक से आस्तिक बनने की कहानी है, 

    7 min
  • vidhi ka vidhan | विधि का विधान |

    विधि शब्द अपने आप में ही विधाता से जुड़ा हुआ शब्द है। आध्यात्मिक जगत में जीवन एवं मृत्यु विधाता के द्वारा बनाया हुआ कानून है

    स्वयं मधुसूदन ने कहा है मैं विधाता होकर भी विधि के विधान को नही टाल सकता मेरी चाह राधा थी, चाहती मुझको मीरा थी, परंतु मेरा विवाह रुक्मणी से हुआ

    विधि का विधान कोई टाल नहीं सकता | 

    5 min

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किस्से-कहानियों का संसार अद्भुत है। इतिहास ऐसी रोचक कहानियों से भरा पड़ा है। कहानियों के इस सेक्शन में ऐसी ही पौराणिक कहानियां आपके के लिए लेकर आए हैं। पौराणिक कथाएं संस्कृति और मानवीय मूल्य दोनों से परिचय करवाती हैं।

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