ऋषि कमलेश अग्रवाल कौन है? इस व्यक्ति पर आरोप है कि इसने 28 बैंकों के साथ करीब 23 हजार करोड़ रुपये का फ्रॉड किया है. इस व्यक्ति के बारे में बहुत कम जानकारी उपलब्ध है. हमने ऋषि अग्रवाल की तलाश में इंटरनेट में मौजूद तमाम खबरों को सर्च किया. देखिए रवीश कुमार का प्राइम टाइम...
महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में अव्वल रहने वाले मध्य प्रदेश में दो साल से राज्य महिला आयोग में ताले पड़े हैं. 15 हजार शिकायतें लंबित हैं. कमलनाथ सरकार ने जाते-जाते महिला आयोग के अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त किए थे, लेकिन शिवराज सरकार ने इस पर रोक लगा दी.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा से लखीमपुर हिंसा मामले में आरोपी और उनके बेटे आशीष मिश्रा की जमानत को लेकर सवाल किया गया था, जिस पर हमारे सहयोगी आलोक पांडे के साथ धक्कामुक्की की गई. साथ ही अजय मिश्रा सवालों से कन्नी काटकर बिना जवाब दिए ही चले गए.
लोकतंत्र के कई खतरे होते हैं. हर खतरे का संबंध दूसरे खतरे से होता है. इसलिए एक साथ सभी खतरों पर नजर रखनी चाहिए. कोई किसी से बड़ा और छोटा नहीं होता है. प्रधानमंत्री परिवारवाद को सबसे बड़ा खतरा बताते हैं. लेकिन पैसावाद को नहीं बताते.
मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति/जनजाति के खिलाफ अपराध थम नहीं रहे हैं. अक्सर पुलिस के पहरे के साथ यहां शादियां हो रही है. कुछ दिनों पहले सागर से ऐसे ही मामले के बाद अब छतरपुर से मामला सामने आया है.
तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन के सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया है कि गुजरात में 20 डॉक्टरों की कोरोना से मौत हुई है. राज्य में कोरोना से 6 एंबुलेंस चालकों की और 20 नर्सों की भी मौत हुई है. 128 पैरामेडिकल स्टाफ की कोरोना से मौत हुई है.
महंगाई के सपोर्टरों के अच्छे दिन आने वाले हैं. उन्हें फिर से मध्यम वर्ग को गर्व से समझाने का मौका मिलने वाला है कि पेट्रोल और डीजल के बढ़े हुए दाम को राष्ट्र के नाम योगदान समझें. 100 रुपये लीटर पेट्रोल खरीदना इस वक्त बहुत जरूरी है.
जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दल परिसीमन का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि नई सीटों का गठन बीजेपी के हितों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है. देखिए ये विशेष रिपोर्ट...
आज सोशल मीडिया और गोदी मीडिया के जरिए दिनभर बहुत मेहनत की गई और कराई गई. जिससे धार्मिक मुद्दे की बहस गरम हो जाए, ताकि उसके तवे पर टीवी के स्टूडियो में लावा बनकर मकई के दाने उछलने लगे. खूब गलत बातें कही गई, ताकि सही बात करने वाले सही करने आ जाए.
मुंबई के आरे जंगल में एक बार फिर पर्यावरण बनाम विकास का मुद्दा सामने आ गया है. आदिवासियों के घरों को बस्ती बताकर एसआरए यानी झोपड़ पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण की ओर से इन घरों का सर्वे किया जा रहा है.