विश्वामित्र अब थक चुके थे। आश्रमवासियों की सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी थी जिसमें वो स्वयं को असफ़ल महसूस कर रहे थे।अब उन्होंने आजानुबाहु को आदेश दिया कि जंगल में रहनेवाली सभी जातियों के प्रतिनिधियों से मिलकर आश्रमवासियों की सुरक्षा का प्रबंध करें।
एक ऐसी राम कथा जो सामयिक,लौकिक और तर्कसंगत है।ये किसी अदभुत देश या काल की कहानी नही बल्कि इसी लोक और काल की कहानी है जो हमारे ही जीवन से जुड़ी समस्याओं पर आधारित है।इस कहानी में हमें अपने ही कई सवालों…