Ramkatha 
by Ritika

Ramkatha by Ritika

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Ramkatha by Ritika episodes

  • देवप्रिय को मृत्यु दंड-22
    राम द्वारा सुबाहु वध के पश्चात आश्रम में खुशी की लहर दौड़ उठी।गुरु विश्वमित्र का यज्ञ निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हो गया था।गहन के पुत्र देवप्रिय को बंदी बना कर ले आये थे। वे न्याय चाहते थे।गुरु ने न्याय का भार राम को सौंप दिया।राम ने गहन के परिवार के साथ अन्याय की सज़ा देवप्रिय को मृत्यु दंड के रूप में दी।
    8 min
  • सुबाहु वध -21
    राक्षसों ने आश्रम में घुस कर धावा बोल दिया। मारीच ने यज्ञ को अपवित्र करने के लिए मांस का एक टुकड़ा यज्ञ वेदी की और फेंका और राम पर झपट पड़ा।किन्तु राम ने तत्परता से अपने बाण द्वारा मांस के टुकड़े को यज्ञ में गिरने से रोक लिया और अगले ही पल शीतेषु नामक बाण द्वारा मारीच को घायल कर दिया।उधर सुबाहु भी राम पर झपटा ।राम ने अपने आग्नेय बाण के प्रयोग से सुबाहु को मार गिराया। तब तक लक्ष्मण ने बाकी की राक्षसी सेना को खदेड़ दिया था।आश्रमवासी पूरी बहादुरी के साथ राक्षसों को डूड तक खदेड़ने में सफल रहे।और इस तरह गुरु का यज्ञ सफल हो गया।
    10 min
  • सिद्धाश्रम में यज्ञ-20
    राम ,लक्ष्मण के आने से सभी आश्रमवासियों में एक नए उत्साह का संचार हो गया था। सभी बड़ी व्यग्रता से राक्षसों का इंतज़ार कर रहे थे। सुबह गुरु विश्वामित्र ने यज्ञ आरम्भ किया। राम को सूचना मिली कि राक्षस अपने शिविर से निकल कर आश्रम की तरफ आ रहे थे।राम लक्ष्मण के साथ बाकी आश्रमवासी सतर्क हो गए।
    10 min
  • आश्रमवासियों का आत्मविश्वास-19
    ताड़का का वध करने के पश्चात राम लक्ष्मण गुरु विश्वामित्र के साथ सिद्धाश्रम पहुँचे। राम की शौर्य गाथा आश्रम तक पहुंच चुकी थी।अब सारे आश्रमवासियों में एक नया उत्साह और आत्मविश्वास का जन्म हो चुका था। सभी राक्षसों के विरुद्ध युद्ध1के लिए अब तत्पर हो गए थे।
    11 min
  • सिद्धाश्रम-18
    राक्षसों के विरुद्ध युद्व का आगाज़ हो गया था । राम ने ताड़का का वध कर दिया,पर गुरु विश्वामित्र अब भी किसी डर से ग्रसित थे।क्योंकि अभी तो युद्व की शुरुआत हुई थी। आगे की रणनीति गुरु ने तैयार की।
    12 min
  • ताड़कावन में राम का प्रवेश -16
    गुरु विश्वामित्र ने राम को कई दिव्यास्त्र दिए।ताकि वो राक्षसों का सामना कर सकें। अब राम ,लक्ष्मण और गुरु विश्वामित्र ने ताड़कावन में प्रवेश किया।
    12 min
  • राम की प्रतिज्ञा -15
    गुरु विश्वामित्र को राम ने ये वचन दिया कि वो स्वयं जगह जगह जाकर अन्याय का समूल नाश करेंगे और पूरे आर्यावर्त को रावण के आतंक से मुक्ति दिलाएंगे।
    14 min
  • दिव्यास्त्रों पर चर्चा -14
    विश्वमित्र ने राम लक्ष्मण के साथ अपनी यात्रा आगे बढ़ाई।अब वो गंगा नदी पार करके सिद्धाश्रम पहुंचने की राह पर थे। रास्ते में विश्वामित्र ने दिव्यास्त्रों के विषय में बात की।
    13 min
  • राम की परीक्षा- 13
    गुरु वशिष्ठ ने राम लक्ष्मण के साथ आगे की यात्रा पैदल ही शुरू कर दी। वे सरयू के तट पर विश्राम हेतु रुके। फिर उन्होंने राम को पूरे आर्यावर्त में फैले रावण के अत्याचार से परिचित कराया।राम ने भी धैर्यपूर्वक उनकी बातें सुनी और उनपर उचित प्रतिक्रिया दी। राम ने ये प्रण लिया कि वो रावण के अत्याचारों से समाज को मुक्ति दिलाएंगे।गुरु वशिष्ठ अब राम के प्रति आश्वस्त हो गए थे।
    14 min

About Ramkatha by Ritika

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एक ऐसी राम कथा जो सामयिक,लौकिक और तर्कसंगत है।ये किसी अदभुत देश या काल की कहानी नही बल्कि इसी लोक और काल की कहानी है जो हमारे ही जीवन से जुड़ी समस्याओं पर आधारित है।इस कहानी में हमें अपने ही कई सवालों…