गुल्ली डंडा कहानी में बचपन के खेल किस तरह ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जात-पात आदि से दूर रहकर खेला जाता है। इसमें मुख्य दो ही पत्र हैं, एक थानेदार का बेटा और एक गरीब, दुबला पतला लड़का जो अपना दांव कभी भी किसी भी परिस्थिति में नही छोड़ता। वर्षों बाद जब वह एक बड़ा अफसर बनकर आया और गया के साथ वही खेल खेलता है, तो गया कैसा खेलता है ? जानने के लिए सुनिए ये कहानी - गुल्ली डंडा!!!!