कहने के तो लोग मुझे मिसेज आचार्य भी कहते हैं। वैसे मेरा नाम आनंदी। आपको जो भी अच्छा लगे, कह लें।
"आनंदी, नाम तो बहुत अच्छा है, मां बाप ने बहुत सोच समझ कर रखा है। जीवन में न सही,नाम में तो आनंद है ही.....
सुनिए, कैसे एक महिला अपनी सारी परेशानियों को परे कर आनंदित रहती है!!!!