भजन - कीर्तन - आरती

भजन - कीर्तन - आरती

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भजन - कीर्तन - आरती episodes

  • नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् - उमा
    नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।महावीर वीरेश त्रिकाल वेशम् घनानन्द निर्द्वन्द हर्तां कलेशम् ।नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।संजीवन जड़ी लाय नागेश काजेगयी मूर्च्छना रामभ्राता निवाजे।सकल दीन जन के हरो दुःख स्वामीनमो वायुपुत्रं नमामि नमामि।नमो अंजनि नंदनं वायुपूतम्  सदा मंगलागार श्री राम दूतम् ।Listen to Bhajan sung by Dr.
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  • रघुवर तेरो ही दास कहाऊँ - उमा
    रघुवर तेरो ही दास कहाऊँतेरो नाम जपूँ निसि वासरतेरो ही गुण गाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँतुम ही मेरे प्राण जीवन धनतुम तजि अनत न जाऊँतुम्हरे चरण कमल को भज कररतन हरि सुख पाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
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  • साधो, मन का मान त्यागो - उमा
    साधो, मन का मान त्यागो।काम, क्रोध, संगत दुर्जन की, इनसे अहि निशि भागो,साधो, मन का मान त्यागो…सु:ख-दुःख दोऊ सम करि जानो, और मान अपमाना,हर्ष-शोक से रहै अतीता, तीनों तत्व पहचाना,साधो, मन का मान त्यागो…अस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, जो है परमपद पाना,जन नानक यह खेल कठिन है, सद्गुरु के गुन गाना, साधो, मन का मान त्यागो…alternateअस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, खोजो पद निरवाना,जन नानक यह खेल कठिन है,
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  • मंगल मूरति राम दुलारे - उमा
    मंगल मूरति राम दुलारे,आन पड़ा अब तेरे द्वारे,हे बजरंगबली हनुमान,हे महावीर करो कल्याण,हे महावीर करो कल्याण ॥तीनों लोक तेरा उजियारा,दुखियों का तूने काज सँवारा,हे जगवंदन केसरीनंदन,कष्ट हरो हे कृपानिधान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरे द्वारे जो भी आया,खाली नहीं कोई लौटाया,दुर्गम काज बनावन हारे,मंगलमय दीजो वरदान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,नासे रोग हरे सब पीरा,राम लखन सीता मन
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  • रघुवर तुमको मेरी लाज - उमा
    रघुवर तुमको मेरी लाज ।सदा सदा मैं शरण तिहारी,तुम हो गरीब निवाज़ ॥पतित उधारण विरद तिहारो,श्रवनन सुनी आवाज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …हौँ तो पतित पुरातन कहिए,पार उतारो जहाज ॥तुलसीदास पर किरपा कीजै,भगति दान देहु आज ॥तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …अघ खंडन दुःख भन्जन जन के,यही तिहारो काज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज  …Listen to Bhajan sung by
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  • प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर - उमा
    प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर,प्रभु को नियम बदलते देखा ।उनका मान भले टल जाए,भक्त का मान न टलते देखा ॥जिनकी केवल कृपा दृष्टि से,सकल सृष्टि को पलते देखा ।उनको गोकुल के गोरस पर,सौ-सौ बार मचलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनके चरण कमल कमला के,करतल से न निकलते देखा ।उनको बृज करील कुञ्जों में,कंटक पथ पर चलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनका ध्यान विरंचि शम्भुसनकादिक से न सम्हलते देखा ।उनको बाल
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  • अब तो माधव मोहे उबार - उमा
    अब तो माधव मोहे उबार |दिवस बीते रैन बीती, बार बार पुकार ||नाव है मझधार भगवान्, तीर कैसे पाए,घिरी है घनघोर बदली पार कौन लगाये |काम क्रोध समेत तृष्णा, रही पल छिन घेर,नाथ दीनानाथ कृष्ण मत लगाओ देर |दौड़ कर आये बचाने द्रौपदी की लाज,द्वार तेरा छोड़ के किस द्वार जाऊं आज |Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
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  • गोविंद कबहुँ मिले पिया मेरा - उमा
    गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥चरण-कंवल को हंस-हंस देखूं राखूं नैणां नेरा।गोविंद, राखूं नैणां नेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा।गोविंद, कब देखूं मुख तेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥व्याकुल प्राण धरत नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद, मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा।गोविंद, ताप
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  • भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना - उमा
    Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava
    भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।
    अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥
    दल बल के साथ माया, घेरे जो मुझको आ कर ।तो देखते न रहना, झट आ के बचा लेना ॥
    भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।
    संभव है झंझटों में मैं तुमको भूल जाऊं ।
    पर नाथ कहीं तुम भी मुझको ना भुला देना ॥
    भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना ।
    तुम देव मैं पुजारी, तुम ईश मैं उपासक
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  • अब सौंप दिया इस जीवन का - उमा
    Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava
    अब सौंप दिया इस जीवन का,
    सब भार तुम्हारे हाथों में.
    उद्धार पतन अब मेरा है,
    भगवान तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का…
    हम तुमको कभी नहीं भजते,
    फिर भी तुम हमें नहीं तजते.
    अपकार हमारे हाथों में,
    उपकार तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का…
    हम में तुम में है भेद यही,
    हम नर हैं, तुम नारायण हो.
    हम हैं संसार के हाथों में,
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