Big Story Hindi

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By The QuintNews
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Big Story Hindi episodes

  • DDC चुनावों ने दिखाई जम्मू-कश्मीर पॉलिटिक्स की कौन सी तस्वीर?
    जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद कई चीजें लोकतांत्रिक तरीके से नहीं हो पाईं, लेकिन इन तमाम विवादों के बाद आखिरकार पहला बड़ा चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से हुआ. जिला विकास परिषद यानी डीडीसी चुनावों के नतीजे घोषित हो चुके हैं. इसमें कश्मीर और जम्मू की 280 सीटों पर चुनाव हुए. साथ ही  2,178 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई. मुकाबला बीजेपी और फारूक अब्दुल्लाह के नेतृत्व में बने पीपल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (PAGD) के बीच था. जहां जम्मू रीजन में बीजेपी बाजी मारने में कामयाब रही, वहीं कश्मीर घाटी में गुपकार गठबंधन का दबदबा कायम रहा.

    ये तो हो गई डीडीसी चुनाव की खबर लेकिन पूरी पिक्चर इसके मुख्य पहलुओं को समझने के बाद ही साफ होगी. मसलन, एक नई यूनियन टेरिटरी बनने के बाद कश्मीर में इन चुनावों के मायने क्या हैं? गुपकार के लिए कश्मीर में ये चुनाव जीतने का क्या मतलब है? और बीजेपी भले ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन गठबंधन का मुकाबला उस तरह नहीं कर पाई, क्या ये बीजेपी की जीत है या फिर इसे हार माना जाएगा? इन सभी बातों को समझेंगे आज इस पॉडकास्ट में.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
    म्यूजिक: बिग बैंग फज

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    11 min
  • PM के भाषण में अचानक कैसे बदली तस्वीर, AMU बना 'मिनी इंडिया'
    पिछले साल CAA विरोध प्रदर्शन को लेकर अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के साथ काफी सुर्ख़ियों में रही. इसके बाद नागरिकता कानून के समर्थकों ने  AMU को 'मिनी-पाकिस्तान' तक कहा. इस यूनिवर्सिटी की इमेज कुछ इस तरह बनाई गई कि आज तक कई लोग शक की निगाहो से एएमयू को देखते हैं. लेकिन, जिसे कुछ महीने पहले तक मिनी पाकिस्तान नाम दिया जा रहा था, 22 दिसंबर को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने AMU की 100वीं वर्षगांठ के मौके पर इसे 'मिनी-इंडिया' कह डाला. पूरे संबोधन में PM मोदी ने यूनिवर्सिटी की खूब तारीफें की. जिसे मुस्लिम स्कॉलर्स और इंटेलेक्चुअल्स काफी पॉजिटिव बता रहे हैं लेकिन भाषण में कई चीज़ें ऐसी थी, जो मिसिंग थी और मेल नहीं खा रही थीं.

    एक लाइन में कहें तो एक तरफ तो PM मोदी अपने भाषण में ये कहते हैं की ग़रीबों के लिए उनकी योजनाएं धर्म के आधार पर नहीं हैं, लेकिन जिन एक्सपर्ट्स को आप इस पॉडकास्ट में सुनेंगे, उनका कहना है की मोदी सरकार की धर्म के आधार पर बनी पॉलिसियां एक ही धर्म के लोगों को टारगेट कर रही हैं. तो कथनी और करनी के फर्क को यहां पहचानना बड़ा ज़रूरी है. इसी पर तफ्सील से आज अपने एमिनेंट एक्सपर्ट्स से बात करेंग.

    पॉडकास्ट में सुनिए पूर्व एमपी और सीनियर पोलिटिकल एनालिस्ट, शाहिद सिद्दीकी को, इतिहासकार सय्यद इरफ़ान हबीब को, और सुनिए लेखक और एनालिस्ट सुधींद्र कुलकर्णी को भी जिन्होंने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में काम किया है.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
    म्यूजिक: बिग बैंग फज

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    21 min
  • कोरोना ने बदला रूप- कहां तक फैला वायरस, वैक्सीन का कितना असर?
    करीब 10 महीने से दुनिया खतरनाक कोरोना वायरस से लड़ रही है, लेकिन वैक्सीन आने की खबर से दुनियाभर में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हर कोई सिर्फ वैक्सीन डोज लेने का इंतजार कर रहा था, क्योंकि लंबे लॉकडाउन और कई अपनों को खोने के बाद आखिरकार इस महामारी का इलाज मिलता दिख रहा था. लेकिन कोरोना वायरस ने लोगों की इस खुशी को ज्यादा देर तक नहीं टिकने दिया, अब इस घातक वायरस ने अपना रूप बदल लिया है और पहले से भी ज्यादा खतरनाक हो चुका है.
    ब्रिटेन में इस वायरस के एक ऐसे स्ट्रेन के बारे में पता चला जो काफी तेजी के साथ फैल रहा है. ये खबर सुनते ही तमाम देशों में एक बार फिर हड़कंप सा मच गया है. देशों ने जो गलती पहले की थी, उसे अब दोहराना नहीं चाहते हैं. इसीलिए भारत समेत तमाम देशों ने ब्रिटेन से आने वाली सभी फ्लाइट्स पर बैन लगा दिया है.

    आखिर कोरोना का ये नया रंग रूप कितना खतरनाक है, और जिस वैक्सीन को बनाने में दुनिया भर की मेडिकल fraternity ने एढ़ी चोटी का जोर लगा दिया, क्या वो इस नए स्ट्रेन के खिलाफ उतनी ही असरदार होगी या फिर इसके लिए कोई नई वैक्सीन तैयार करनी होगी? कोरोना के इस नए स्ट्रेन से जुड़े कुछ ऐसी ही जरूरी सवालों का जवाब आज इस पॉडकास्ट में देंगे.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
    म्यूजिक: बिग बैंग फज

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    9 min
  • कोरोना वैक्सीन कैसे मिलेगी? कितनी सुरक्षित है?- हर सवाल का जवाब
    जिस कोरोना वैक्सीन का दुनियाभर में इंतजार हो रहा था वो अब आ चुकी है, कई देशों ने इसके इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी भी दे दी है और दुनिया के तमाम देशों में इसका प्रोसेस जारी है. यानी लोगों तक वैक्सीन अब जल्द ही पहुंच सकती है. लेकिन वैक्सीन जल्द आने की उम्मीद के साथ वैक्सीन की सुरक्षा को लेकर डर बढ़ भी रहा है. वैक्सीन के साइड इफेक्ट की खबरें भी लोगों को परेशान कर रही हैं. वैक्सीन का डोज लेने को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं.

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    9 min
  • Podcast | बंगाल में किसकी धमक, क्या बन रहे हैं राजनीतिक समीकरण?
    पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले सियासी घमासान शुरू हो चुका है. ममता बनाम केंद्र की लड़ाई तो काफी पहले से चल रही थी, लेकिन अब चुनाव नजदीक देखकर जोरआजमाइश तेज हो चुकी है. 2021 में होने वाले बंगाल चुनाव कई मायनों में खास हैं. क्योंकि बीजेपी बिहार चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद अब पश्चिम बंगाल में अपना झंडा गाड़ना चाहती है. 

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    15 min
  • ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत की अहम टेस्ट सीरीज, क्या कहते हैं आंकड़े?
    17 दिसंबर से टीम इंडिया ऑस्ट्रेलियाई टीम के साथ बॉर्डर गावस्कर सीरीज खेलने जा रही है. ये भले ही टेस्ट मैचों की सीरीज है लेकिन इस सीरीज की अहमियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने पिछली सीरीज में मिली जीत को वर्ल्ड कप में विजय से भी बड़ा माना था. जी हां 2018-19 में खेली गई बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज में ऑस्ट्रेलिया पर भारत की जीत खासी अहम थी. अब फिर से वही मौका आया है और टीम इंडिया ये इसके लिए ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर है. इससे टेस्ट सीरीज से पहले भारत, ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे और टी-20 सीरीज खेल चुका है. जहां वनडे में ऑस्ट्रेलिया भारत पर भारी पड़ता दिखा, वहीं टी-20 में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को जमकर आड़े हाथों लिया.

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    15 min
  • कड़े कानूनों से सुरक्षित होंगी महिलाएं? सामाजिक बदलाव भी है जरूरी
    निर्भया के गुनाहगारों को इस साल 20 मार्च को फांसी तो दे दी गई, लेकिन रेप जैसे खौफनाक अपराध के खिलाफ हमारी जंग अब भी जारी है. फांसी की सजा के बाद लगा कि अब ऐसा काम करने वालों के मन में डर पैदा होगा और बालात्कार जैसी हैवानियत के मामले कम होंगे. लेकिन इसके बाद भी लगातार देश के हर हिस्से से ऐसी कई दरिंदिगी की खबरें सामने आईं. इनसे कहीं न कहीं ये तो साबित हो गया कि कड़ी सजा उसका इलाज नहीं है, बल्कि जरूरत समाज को और उसकी सोच को बदलने की है.

    महिलाओं के खिलाफ अपराध की ये चर्चा हम इसलिए कर रहे हैं क्योंकि महाराष्ट्र सरकार शक्ति कानून लाने की तैयारी में है. इस प्रस्ताव को कैबिनेट की हरी झंडी भी मिल चुकी है. इसमें महिलाओं के प्रति अपराध के लिए सजा ए मौत जैसी कड़ी सजा का प्रावधान भी है. लेकिन महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली कई संस्थाओं ने इसका विरोध किया है और कहा है कि शक्ति विधेयक महिलाओं के बारे में पितृसत्तात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है, और इसे वर्तमान रूप में पारित नहीं किया जाना चाहिए। क्यूंकि नीतियों और कानूनों में सजा पर फोकस ना करते हुए अगर हम 'मानसिकता' पर फोकस करेंगे तो वो बेहतर होगा.

    आज शक्ति बिल के लीगल पहलू को समझेंगे और साथ ही भारत में रेप जैसी गंभीर समस्या पर क्या सवाल पूछे जाने चाहिए, उस पर भी बात करेंगे.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
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    14 min
  • CAA- एक साल बाद भी ताजा हैं घाव, नागरिकता के इंतजार में लोग
    CAA कानून को पास हुए एक साल पूरा हो चुका है. इस कानून के तहत पाकिस्ताान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के उन लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है, जो प्रताड़ित होकर भारत में रह रहे हैं. लेकिन शर्त ये है कि वो मुस्लिम समुदाय के नहीं होने चाहिए. यानी मुस्लिमों को इस कानून के तहत नागरिकता नहीं मिलेगी. इसी बात को लेकर पिछले साल कई प्रदर्शन और हिंसक प्रदर्शन हुए. ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी कानून के तहत नागरिकता देने में धर्म को आधार बनाया गया हो.

    एक साल बाद इस कानून को याद करने की वजह सिर्फ इतनी नहीं है. हम सीएए को याद इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि इसी कानून की वजह से सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गंवा दी, सैकड़ों लोग बेघर हो गए, क्योंकि उनके घर दंगों में जला दिए गए. यानी प्रदर्शन ने कई घरों को बुरी तरह उजाड़कर रख दिया. सैकड़ों लोग इन प्रदर्शनों की वजह से जेल भी गए.

    आज बिग स्टोरी पॉडकास्ट में CAA के एक साल पूरा होने पर क्विंट की ख़ास कवरेज आप को सुनाएंगे.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
    म्यूजिक: बिग बैंग फज


    क्विंट की सीरिज जिसका नाम है ‘सीएए: ऐसा न हो कि हम भूल जाएं’ में देखिए CAA के एक साल पूरा होने पर हमारा ख़ास कवरेज:

    https://bit.ly/3acS4Ho
    https://bit.ly/2Lzq5HM
    https://bit.ly/3oWhEop

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    14 min
  • PM किसान योजना में फर्जीवाड़ा, एक्टर के नाम से खोला गया खाता
    पीएम किसान योजना का जिक्र आपने कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के कई बड़े नेताओं से सुना होगा. अब इसी योजना के तहत बॉलीवुड एक्टर रितेश देशमुख, भगवान हुनमान, यानी बजरंगबली और एक पाकिस्तान जासूस को बतौर किसान पैसे ट्रांसफर हुए हैं. रुकिए... रुकिए हम आपको समझाते हैं कि असली माजरा क्या है. दरअसल इन लोगों का आधार कार्ड इस्तेमाल कर पीएम किसान योजना में फर्जीवाड़ा हुआ है. भगवान हनुमान, रितेश देशमुख और पाक जासूस महबूब राजपूत के नाम पीएम किसान योजना के तहत रजिस्टर कराए गए और पैसे ट्रांसफर हुए.
    क्विंट की एक इन्वेस्टीगेशन से ये पता चला है कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधार कार्ड के साथ बनाए गए फर्जी खातों का उपयोग पीएम किसान योजना तहत मिलने वाली नक़द राशि का फायदा उठाने के लिए किया है. इस मामले की गंभीरता और इस से बचने के उपाय के बारे में आज पॉडकास्ट में बात करेंगे.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
    म्यूजिक: बिग बैंग फज

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    12 min
  • गोहत्या को लेकर कर्नाटक में भी कानून, मानवाधिकारों का होगा उल्लंघन?
    गोहत्या को लेकर अब कर्नाटक की सरकार ने विधेयक पास किया है. जिसके बाद अब राज्य में गो हत्या पर पूरी तरह से बैन लग चुका है. वहीं अगर कोई अवैध तौर पर गाय की तस्करी या इधर-उधर ले जाता हुआ पाया गया तो उसे भी कड़ी सजा का प्रावधान है. बीएस येदियुरप्पा की अगुवाई वाली बीजेपी सरकार ने कर्नाटक मवेशी वध रोकथाम और संरक्षण बिल-2020 विधानसबा में पेश किया था. जिसके बाद इसे पास कर दिया गया. लेकिन इस बिल में जो लिखा है उसे कानूनी भाषा में कैसे समझें, और जानवरों को बचाने के लिए बनाया गया ये कानून कहीं किसी ह्यूमन राइट्स का तो उल्लंघन नहीं कर रहा?

    आज बिग स्टोरी पॉडकास्ट में इस कानून के लीगल पहलुओं को तफ्सील से समझेंगे.

    रिपोर्ट और साउंड एडिटर: फबेहा सय्यद
    असिस्टेंट एडिटर: मुकेश बौड़ाई
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    10 min

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