KathaDarshan

KathaDarshan

Download on the App Store

KathaDarshan episodes

  • दान सौदा नहीं कहलाता है | दान की महिमा

    दान की महिमा तभी होती है, जब वह नि:स्वार्थ भाव से किया जाता है अगर कुछ पाने की लालसा में दान किया जाए तो वह व्यापार बन जाता है। जब इस भाव के पीछे कुछ पाने का स्वार्थ छिपा हो तो क्या वह दान रह जाता है ? यदि हम किसी को कुछ दान या सहयोग करना चाहते हैं तो हमे यह बिना किसी उम्मीद या आशा के करना चाहिए, ताकि यह हमारा सत्कर्म हो, न कि हमारा अहंकार ।

    #DharmikStory #kathaDarshan

    4 min
  • हनुमान चालीसा के दोहे का हिंदी अर्थ | Hanuman Chalisa Hindi Meaning

     पवनतनय  संकट  हरन, मंगल मूर्ति रुप ।

    राम लखन सीता सहित हृदय बसहु सुर भूप ।।


    आप संकट दूर करने वाले तथा, आप आनन्द मंगल के स्वरुप हैं ।  हे देवराज आप श्रीराम लक्ष्मण और सीताजी सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए । तुलसीदासजी हनुमानजी से प्रार्थना कर रहे हैं कि हे हनुमानजी ! आप राम लक्ष्मण और सीता सहित मेरे हृदय में निवास कीजिए ।  इस बात के पीछे गहरा अर्थ छुपा हुआ है ।  यहाँ पर भक्त श्रेष्ठ के रुप में हनुमानजी है तथा राम, सीता और लक्ष्मण, ज्ञान भक्ति और कर्म के रुप में हैं ।  


    #HanumanChalisa #HanumanKatha #JaiShreeRam

    7 min
  • हनुमान चालीसा के 40 चौपाई का अर्थ हनुमान कथा : गुरु ज्ञान

    तुलसीदास सदा हरि चेरा । 

    कीजै नाथ हृदय मह डेरा ॥ 40 ॥ 


    हे नाथ हनुमानजी ! तुलसीदास सदा ही श्रीराम का दास है। इसलिए आप उसके हृदय में निवास कीजिए । हनुमान जी तुलसीदास जी के गुरु हैं। तुलसीदास जी ने हनुमानजी को अपना गुरु माना है। उनके मार्गदर्शन के अनुसार ही उन्हे भगवान श्रीराम के दश्‍​र्रन हुए ।  इसलिए तुलसीदासजी हनुमानजी से प्रार्थना कर रहे हैं कि, हे हनुमानजी । 

    आप मेरे हृदय में निवास कीजिए । गुरु हो तो ज्ञान मिलता है, या सत्संग किया तो मार्गदर्शन मिलता है ।


    #HanumanChalisa #HanumanKatha #JaiShreeRam

    3 min
  • हनुमान कथा : चालीसा की रचना | हनुमान चालीसा के 39 चौपाई का अर्थ

    यह हनुमान चालीसा लिखवाया इसलिए वे साक्षी हैं कि जो इसे पढेगा उसे निश्चय ही सफलता प्राप्त होगी । भगवान शिव का रुप गुरु का रुप है ।  ज्ञानराणा शिव है, जिनके मस्तिष्क से अविरत ज्ञानगंगा का प्रवाह प्रवाहित होता रहता है । भगवान शंकर इस हनुमान चालीसा के साक्षी हैं ऐसा इस चौपाई में उल्लेख है ।  भगवान शंकर की प्रेरणा से तुलसदासजी ने हनुमान चालीसा की रचना की है । हनुमान चालीसा में हनुमत चरित्र पर पूर्ण रुप से प्रकाश डाला गया है । गुरु का मस्तिष्क ज्ञान से भरा हुआ रहता है । 


    जो यह पढै हनुमान चालीसा ।

    होय सिद्ध साखी गौरीसा ॥ 39  ॥


    #HanumanChalisa #HanumanKatha # JaiShreeRam

    3 min
  • हनुमान कथा : शब्दों की शक्ति | हनुमान चालीसा की अड़तीसवीं चौपाई का हिंदी अर्थ | Hanuman Katha : Power of Words

    जो शत बार पाठ कर कोई ।

    छूटहि बंदि महा सुख होई ॥ 38 ॥

    जो सौ बार हनुमान चालीसा का पाठ करेगा उसे सब बंधनो से मुक्ति मिलेगी तथा सुख की प्राप्ति  होगी । यहाँ पर तुलसदासजी ने जो शत बार शब्द का प्रयोग किया है, शत बार यानी बार बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए यह अभिप्रेरित है । गोस्वामी तुलसीदासजी का अभिप्राय यह है कि हनुमान चालीसा में भक्त श्रेष्ठ हनुमानजी का जो चरित्र चित्रण है उसका स्वाध्याय बार बार करना चाहिए । 

    #HanumanChalisa #HanumanKatha #jaiShreeRam

    6 min
  • हनुमान कथा : भगवान मिलन | हनुमान चालीसा के सैंतीसवीं चौपाई का अर्थ

    हनुमान कथा : भगवान मिलन  | हनुमान चालीसा के सैंतीसवीं चौपाई का अर्थ 

    जै जै जै हनुमान गोसाईं । कृपा करहु गुरु देव की नाईं ॥ 37 ॥  

    हे हनुमानजी आपकी जय हो ऐसा तीन बार उन्होने लिखा है, इसके पीछे गहरा अर्थ छुपा हुआ है । हम जब आपस में एक दूसरे से मिलते हैं तब जय रामजी की कहते हैं ।  इन में से कोई भी बोलो मगर भगवान की जय होनी चाहिए । 

    #HanumanChalisa #HanumanKatha

    5 min
  • हनुमान चालीसा के छतीसवीं चौपाई का अर्थ | हनुमान कथा : मंगल का व्रत

    हनुमान चालीसा के छतीसवीं  चौपाई का अर्थ 

    हनुमान कथा : मंगल का व्रत 

    संकट कटै मिटै सब पीरा । 

    जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ॥ 36 ॥


    जो आपका स्मरण करता है, उसके सब संकट कट जाते हैं और सब पीडा मिट जाती हैं

    5 min
  • हनुमान कथा : संकट में मदद | हनुमान चालीसा की पैंतीसवीं चौपाई का हिंदी अर्थ

    और देवता चित्त न धरई । 

    हनुमंत सेई सर्व सुख करई ॥ 35 ॥


    शास्त्रीय पूजा का महत्व समझाते हैं । पूजा वैदिक ऋषियों के द्वारा मानव को दी हुई अनुपम भेंट है ।  विश्व का मानव चित्त शुद्धि कर अध्यात्मिक विकास कर सके, हमारे ऋषियों ने सरल, व्यावहारिक, बुद्धिगम्य एवं शास्त्रीय पूजा की आवश्यकता समझायी है । मन को पुष्ट करने के लिए सबेरे से शाम तक चलने वाली आज की पूजा क्या उपयोगी हो सकती है? 


    #HanumanChalisa #HanumanKatha

    5 min
  • हनुमान कथा : पुनर्जन्म | हनुमान चालीसा के 34 चौपाई का अर्थ | Hanuman Katha : Punarjanam

    अंत काल रघुबर पुर जाई ।

    जहां जन्म हरि भक्त कहाई ॥ 34 ॥

    हमारा अन्तकाल होता ही नहीं है, प्रयाणकाल होता है ।  हम मरेंगे तो दूसरा जन्म लेंगे । अन्तकाल का अर्थ यह है कि अब दूसरा जन्म लेना नहीं है । जीवन मे मृत्यु है । मृत्यु होनी ही चाहिए। मृत्यु में काव्य खडा करने वाला, मृत्यु का काव्य बताने वाला गुरु है । मृत्यु है इसलिए जीवन है । मृत्यु को भगवान ने ही बनाया है । 

    12 min
  • हनुमान चालीसा के तैंतीसवीं चौपाई का अर्थ | हनुमान कथा : भक्त के भगवान

    तुम्हरे भजन राम को पावै । जनम जनम के दुख बिसरावै ॥ 33 ॥

    हनुमाजी का भजन करने से भगवान राम प्रसन्न होते हैं तथा सब प्रकार के दु:ख बिसरा कर सुख की प्राप्ति होती है ।यहाँ तुलसीदासजी का आग्रह है कि हमें संतो के भजन गाने चाहिए । भक्तो के भजन गाने चाहिए क्योंकि उसमें जीवन विषय तत्वज्ञान भरा हुआ होता है । जीवन समझाया गया होता है क्या होना है, क्या करना चाहिए तथा क्या बनाना चाहिए यह सब उन भजनों में होता है ।  


    #HanumanChalisa #HanumanKatha

    6 min

About KathaDarshan

From the publisher's feed

किस्से-कहानियों का संसार अद्भुत है। इतिहास ऐसी रोचक कहानियों से भरा पड़ा है। कहानियों के इस सेक्शन में ऐसी ही पौराणिक कहानियां आपके के लिए लेकर आए हैं। पौराणिक कथाएं संस्कृति और मानवीय मूल्य दोनों से परिचय करवाती हैं।

More shows like KathaDarshan

The Stories of Mahabharata by Sudipta Bhawmik

The Stories of Mahabharata

897 Listeners

Akbar Birbal Stories by Chimes

Akbar Birbal Stories

15 Listeners