"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan

"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan

By nalini varshneyArtsBooks
Download on the App Store

"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan episodes

  • शेर की खाल में गधा
    बंदर अब भी मगरमच्छ से क्रोधित है और मगरमच्छ उसे मानने का पूरा प्रयास कर रहा है। बंदर गुस्से में मगरमच्छ को "शेर की खाल में गधा" कहानी का उदाहरण देते हुए डांट लगता है, कि उसी गाढ़े की तरह मगर ने भी अपनी असलियत स्वयं ही उजागर कर दी है।
    8 min
  • कृतघ्न पत्नी
    रक्तमुख बंदर बहुत दुखी भी है और क्रोधित भी। वह करालमुख मगरमच्छ को डांटता कि पत्नी प्रेम में अपने मित्र से छल करना उचित नहीं। रक्तमुख का यह मानना है कि स्त्रियां स्वभाव से ही अविश्वसनीय होती हैं और अपनी बात को गहराई से समझने के लिए को कृतघ्न पत्नी की कहानी सुनाना शुरू करता है।
    10 min
  • गीदड़ गीदड़ है और शेर शेर
    इस कहानी में राजा, युधिष्ठिर कुम्हार का सच जानने के बाद, उसे तुरंत राज्य से चले जाने की सलाह देते हैं। वे उसे समझाते हैं कि 'जो जिसका काम है वही उसे पूर्ण रूप से कर सकता है, अन्यथा मुसीबत हो सकती है' ।
    7 min
  • शूरवीर कुम्हार
    लब्धप्रणाश के चौथे एपिसोड में आप देखेंगे कि इस कहानी में भी "हाथ आई वस्तु का हाथ से निकल जाना" कितनी सरलता और सुंदरता से दर्शाया गया है। युधिष्ठिर नामक कुम्हार , पांडव पुत्र युधिष्ठिर की भांति सच बोलता है, किंतु यह उसका सिद्धांत नहीं था। अपना सत्य व्यक्त कर के वो राजा से पाया सम्मान और नौकरी दोनों से ही हाथ धो देता है।
    7 min
  • शेर, गीदड़ और मूर्ख गधा
    करालमुख मगरमच्छ अब भी इसी प्रयास में है कि किसी प्रकार रक्तमुख बंदर उसके साथ उसके घर चलने को फिर मान जाए। बंदर उसे लंबकर्ण गढ़े गधे की कथा का उदाहरण दे कर समझा रहा है कि वो जान बूझ कर मृत्यु के सामने नहीं जायेगा।
    13 min
  • जान बची लाखों पाए
    बंदर और मगरमच्छ की कहानी आगे बढ़ती है। मगरमच्छ को अपनी भूल का आभास हो रहा है। बंदर, उसकी नीयत समझ चुका है। अब मगर कितने भी प्रयास करे, बंदर मानने वाला नहीं।
    वो अपनी बात समझाने के लिए गंगादत्त मेंढक की कथा सुनाता है।
    14 min
  • बंदर और मगरमच्छ
    पंचतंत्र का चौथा विषय- लब्धप्रनाश यहीं से आरंभ होता है।
    हाथ आई वस्तु का हाथ से निकल जाना। बंदर और मगरमच्छ की कथा इसी बात को अनेक कथाओं के माध्यम से आप तक पहुंचती है।
    बंदर और मगरमच्छ की कहानी तो सब जानते हैं, किंतु उस कहानी के अंदर और कितनी कहानियां है यह देखने वाली बात है।
    15 min
  • वंश की रक्षा और काकोलुकियम का अंत
    स्थिरजीवी, मेघवर्ण को, शत्रु किले में बिताए अपने समय के बारे में बता रहा है। मेघवर्ण और स्थिरजीवी कुशल शासक एवं कुशल शासन के गुणों पर चर्चा करते हैं, रणनीति, राजनीति और कूटनीति के सिद्धांतों का महत्व क्या है, इस पर वार्तालाप करते हैं। इसी संदर्भ में स्थिरजीवी दो कथाएं भी सुनता है।
    15 min
  • उल्लुओं का अंत
    स्थिरजीवी को अपनी अंतिम योजना लागू करने का अवसर मिल गया है और रक्ताक्ष के चले जाने के पश्चात यह काम और भी आसान हो गया। उल्लुओं और कौवों की शत्रुता का कारण इस एपिसोड में पूर्ण रूप से समझ आ जाता है और स्थिरजीवी से राजनैतिक ज्ञान भी प्राप्त होता है।
    8 min
  • बोलती गुफ़ा
    रक्ताक्ष अपने साथियों को बोलती गुफ़ा की कथा सुनाता है, जिससे वह उनको समझना चाहता है कि जो जीव जागरूक रहते हैं और हर स्तिथि के लिए तैयार रहते हैं, वे सुखमयी जीवन जीते हैं।
    8 min

About "कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan

From the publisher's feed

I love stories ! And this podcast is all about stories as well as their backgrounds. Starting with Panchatantra, we will move on to other traditional/mythological tales.