"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan

"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan

By nalini varshneyArtsBooks
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"कहानी सुनोगे?"- Panchatantra Ki Kahaniyaan episodes

  • काकोलुकीयम
    काकोलुकीयम, अर्थात कौवे और उल्लुओं की कहानी। उन दोनो में शत्रुता कैसे और क्यों उत्पन्न हुई। इन कहानियों में युद्ध और शांति के लिए छह प्रकार की नीतियां बताई गई हैं। विष्णु शर्मा बहुत ही सोच समझ के ऐसे जीवों द्वारा नीतियां प्रस्तुत करते हैं, जो उस विचार और विचारधारा के लिए उपयुक्त होते हैं।
    15 min
  • गजराज और मूषकराज और मित्रलाभ का अंत
    चितरंगा हिरण के आने से चार मित्रों की चौकड़ी पूरी हुई। कहानियों के दौरान यह बात स्पष्ट हो जाती है कि मित्र, मित्र होता है। मित्रता का रूप, आकार, धन, वैभव से कोई लेना देना नहीं। मित्रता के लिए केवल आपसी स्नेह, प्रेम और एक दूसरे के प्रति आदर सम्मान होना आवश्यक है। अच्छे और सच्चे मित्र अनमोल होते हैं।
    22 min
  • अभागा बुनकर
    मंधारक कछुआ, हिरण्यका को उसकी निराशावादी स्तिथि से बाहर निकालने के लिए अभागे बुनकर की कहानी सुनाता है। कर्म और भाग्य की वार्तालाप आपके मन में कई विचार उत्पन्न कर सकते हैं। संचित धन और संचय रहित धन में क्या अंतर है और अभागे बुनकर के लिए कैसा धन सही रहेगा, इस पर भी विचार होगा।
    16 min
  • व्यापारी पुत्र - प्राप्तव्य
    हिरण्यका चूहे की आगे की कहानी में सुनेंगे कि उसके और उसके परिवार जनों के साथ क्या क्या हुआ। हिरण्यका को कितनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, और यह भी कि जब एक जीव अत्यंत कठिन समय से गुज़रता है, अपने अनुभवों पर चिंतन करता है तो उसे अंदर और उसके विचारों में क्या परिवर्तन होता है।
    23 min
  • चूहा और साधु
    लघुपतंका और मंधारक जैसे मित्र पा कर, हिरण्यका अपना मन खाली करना शुरू करता है, अपना दुख बांटना शुरू करता है। हिरण्यका की कहानी सुनते समय यह समझ आने लगता है कि वो इतना समझदार कैसे बना होगा। जीवन के अनुभवों ने उसे बहुत कुछ सिखाया है जो अब उसके मित्रों के साथ साथ हमें भी प्राप्त हो रहा है !
    18 min
  • मित्र संप्राप्ति
    हिरण्यका और चित्रग्रीव की बातें सुन कर लघुपतंका उनकी मित्रता से बहुत प्रभावित हुआ। उसको लगा की हिरण्यका जैसा मित्र हर एक के जीवन में होना चाहिए और यही सोच कर वो हिरण्यका के समीप जाता है, मित्रता का प्रस्ताव ले कर। क्या एक कौवे और चूहे में मित्रता संभव है ?
    19 min
  • मित्र लाभ ~ कबूतर और शिकारी का जाल
    इस एपिसोड से हम पंचतंत्र के दूसरे विषय "मित्र लाभ" को शुरू कर रहे हैं। यह चार पात्रों के साहसिक कारनामों का संकलन है। हवा में उड़ने वाला कौवा, धरती के नीचे बिल में रहने वाला चूहा, पानी में रहने वाला कछुआ और धरती पर चलने वाला हिरण। ये इन चार विद्वान मित्रों की कथाएं हैं। इस एपिसोड में हम लघुपतंका(कौवा) और हिरण्यका (चूहा) से मिलेंगे और देखेंगे कि हिरण्याका कैसे अपने मित्र चित्रग्रीव और और उसके सेवकों को शिकारी के जाल से मुक्ति दिलाता है।
    20 min
  • ऊटपटांग झूठ और मित्रभेद का अंत
    करटक निराश हो चुका है किंतु वो दमनक की अंतरात्मा को झंझोड़ने का लगातार प्रयास कर रहा है। पिंगलक और संजीवक का युद्ध पुनः आरंभ हो जाता है और समाप्त भी हो जाता है। करटक का उपसंहार पूरे मित्रभेद का सार व्यक्त कर देता है। कोई सुनिश्चित अंत ना होने के कारण, ये श्रोताओं पर निर्भर करता है कि वे इन कथाओं और इनमें दर्शाई नीतियों से स्वयं अपने निष्कर्ष बनाएं, परिस्थितियों पर मंथन करें। 😊
    24 min
  • गौरैया और बंदर
    इस एपिसोड में करटक दमनक को समझाने के प्रयास में अपनी असफलता और असहायता व्यक्त करता है और हताश हो कर दमनक को एक परिवार का एक ऐसा चिराग बताता है जो किसी मर्तबान में रखा हो और जिसका ढक्कन ऊपर से बंद कर दिया हो !! वो दमनक को एक ऐसा पुत्र होने पर धिक्कारता है जो केवल अपना ही नहीं परंतु अपने कुल का नाम भी नष्ट करता है।
    18 min
  • बलभद्र और नग्न भिक्षुक
    संजीवक और पिंगलक के हमले को देख कर करटक बहुत विचलित हो रहा है। वो हताश हो कर दमनक को ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि दमनक ने, उन दोनों की मित्रता भंग करके कितनी बड़ी भूल की है। करटक, दमनक को कहानियों द्वारा एक सच्चे मंत्री के गुण दिखाने का प्रयास कर रहा है।
    28 min

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I love stories ! And this podcast is all about stories as well as their backgrounds. Starting with Panchatantra, we will move on to other traditional/mythological tales.