In the precincts of Chandni Chowk Old Delhi hidden away in a narrow congested street stands a derelict old Mansion that holds a piece of lesser known History within it's battered walls. The "Namak Haram Kee Haveli". What a name! It does arouse you... (चांदनी चौक कह लीजिये या पुरानी दिल्ली !! ये क्षेत्र उस सूखे नारियल के समान है जिसकी सूखी जटा को सब्र व मेहनत से उधेड़ने के बाद ही कुछ अच्छा पाने की उम्मीद की जा सकती है !! पुरानी दिल्ली में मुग़ल काल के समय बनी खंडहर होती आलिशान हवेलियों में छिपे इतिहास को टटोला जाय तो इतिहास के इस सफ़र से बहुत कुछ नसीहत मिलती है. कहा जाता है यदि पुरानी दिल्ली की गलियाँ नहीं देखी ! तो समझ लीजिये आपने दिल्ली नहीं देखी !! यहाँ मुग़ल काल में हवेलियों के वैभव की ही नहीं बल्कि अंग्रेजों से भारत की आजादी के लिए जूझते भारतीयों की दास्ताँ भी छिपी हुई है. एक ओर जहाँ भारत माता के सपूत आजादी के लिए कुर्बानी दे रहे थे वहीँ कुछ ऐसे भी थे जो अंग्रेजों की खुलेआम या गुपचुप सहायता कर रहे थे. आज एक ऐसी ही हवेली की चर्चा करते हैं. हवेली का नाम सुनकर आप अवश्य चौंक गए होंगे ! आप सोच रहे होंगे कि भला इस तरह भी किसी हवेली का नाम हो सकता है ! चलिए नमक हराम की हवेली की तरफ ही चलते हैं. आलेख विजय जयाड़ा. प्रस्तुत कर्ता कुमुद मिरानी )