When the TV serial Mahabharat aired on Indian national TV, Doordarshan, it gripped the nation, often leaving streets deserted. Its powerful dialogues, penned by Dr Rahi Masoom Raza, continue to resonate with audiences even today. Despite facing criticism, he remained unwavering, earning widespread acclaim, establishing himself as a celebrated scriptwriter, and winning a Filmfare Award for 'Main Tulsi Tere Aangan Ki'. - 'मैं समय हूँ' जब ये शब्द टीवी स्क्रीन पर गूंजते थे, तो सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था—क्योंकि उस समय दूरदर्शन पर ‘महाभारत’ का प्रसारण होता था। आज भी इस सीरियल के संवाद लोगों की जुबान पर बसे हुए हैं। इन यादगार संवादों के रचनाकार थे महान लेखक डॉ राही मासूम रज़ा, जिनकी पुण्यतिथि 15 मार्च को मनाई गई। महाभारत के लिए लेखन करते समय उन्हें कई विरोध भरे पत्र भी मिले, लेकिन वे अपने काम से कभी पीछे नहीं हटे। महाभारत के संवादों ने उन्हें घर-घर पहचान दिलाई। वे फिल्मी दुनिया में एक शायर के रूप में आए, लेकिन असली पहचान एक स्क्रिप्ट राइटर के तौर पर बनाई। फिल्म ‘मैं तुलसी तेरे आँगन की’ के लिए उन्हें फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।