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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण, लोकसभा में गृहमंत्री अमित शाह द्वारा भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य संहिता एवं आपराधिक प्रकिया संहिता की जगह नए कानूनों को लाने का प्रस्ताव और प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष विवेक देबरॉय का लेख- जिसमें संविधान को बदलने की वकालत की गई आदि रहे.
हफ्तेभर की अन्य बड़ी खबरों में भारी बारिश से हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बड़ी तबाही, कैग ने किया आयुष्मान भारत योजना का ऑडिट, मध्यप्रदेश में ठेकेदारों का आरोप- ठेके की एवज देना पड़ती है 50 प्रतिशत रिश्वत और मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह का स्वतंत्रता दिवस पर भाषण शामिल हैं. इसके अलावा हिंसा भड़काने वालों में शामिल बिट्टू बजरंगी गिरफ्तार, नूंह हिंसा की जांच करने वाले पैनल को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- हेट स्पीच किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं, पाकिस्तान में बलूचिस्तान के सीनेटर अनवारुल हक़ बने कार्यवाहक प्रधानमंत्री और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर अभियोग सिद्ध आदि मुद्दे भी चर्चा में रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान स्मिता शर्मा और यूट्यूब चैनल आर्टिकल 19 के संपादक नवीन कुमार समेत न्यूज़लॉन्ड्री के पॉडकास्ट प्रमुख शार्दूल कात्यायन और अवधेश कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
लाल किले की प्राचीर से दिए गए पीएम मोदी के भाषण से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल नवीन से सवाल करते हैं, “प्रधानमंत्री के इस भाषण ने इस बार कैसे प्रभावित किया?”
इस सवाल के जवाब में नवीन कहते हैं, “इस भाषण में उन्होंने कोई ऐसी बात नहीं की जिसकी हमने उम्मीद नहीं की थी सबको पता था कि चुनावी भाषण होगा, लेकिन जिस शानदार तरीके से वो देश को बरगलाते हैं और जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाते हैं ऐसी ढिठाई किसी प्रधानमंत्री में नहीं थी. न बेरोजगारी का जिक्र करते हैं, न महंगाई का जिक्र करते हैं, न भ्रष्टाचार पर बात करते हैं, देश के हजारों करोड़ रूपए लेकर लोग भाग गए और आप लफ्फाजी कर रहे हैं कि हजार साल बाद आपको इतिहास याद रखेगा. प्रधानमंत्री का भाषण भारत की जनता से, भारत के लोगों से और संविधान की शपथ लेकर ली गई जिम्मेदारियों से भागते हुए एक नेता का भाषण था.”इस विषय पर और विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा. इसके अलावा रोज़ाना बन रहे नए नए कानूनों, उनकी उपयोगिता और दुरुपयोग पर भी विस्तार से बात हुई.
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:17:50 - जरूरी सूचना व हैडलाइंस
00:17:50 - 00:38:42 - प्रधानमंत्री का भाषण
00:38:42 - 01:27:47 - नए कानून और नए संविधान की जरूरत?
01:27:47- जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय लोकसभा में विपक्ष की ओर से पेश किया गया अविश्वास प्रस्ताव, अमित शाह ने सदन में लंबा वक्तव्य देने में तोड़ा लाल बहादुर शास्त्री का रिकॉर्ड, संसद टीवी के प्रसारण में सत्ता पक्ष को ज्यादा और विपक्ष को कम टाइम स्क्रीन पर दिखाने का आरोप, राहुल गांधी पर फ्लाइंग किस देकर अश्लीलता फैलाने का आरोप और डाटा संरक्षण विधेयक आदि रहे. हफ्ते की अन्य बड़ी खबरों में अदालत में बृजभूषण शरण सिंह का बयान- किसी लड़की को छूना या गले लगाना यौन शोषण नहीं माना जा सकता, सीएजी की रिपोर्ट के मुताबिक साढ़े सात लाख लोगों का स्वास्थ्य बीमा योजना में एक ही नंबर से रजिस्ट्रेशन, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे का मीडिया वेबसाइट न्यूज़क्लिक में चाइनीज़ फंडिंग का आरोप भी रहे.
इसके अलावा ईडी के दायरे में आए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, हेमंत बिस्वा सरमा का बयान बहुविवाह की प्रथा को कानून बनाकर करेंगे समाप्त, डिजिटल डाटा संरक्षण विधेयक संसद से पारित, पियूष गोयल द्वारा विपक्ष के नेताओं को देशद्रोही कहने की घटनाओं ने भी हफ्तेभर में लोगों का ध्यान खींचा.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान न्यूज़लॉन्ड्री के मैनेजिंग एडिटर रमन कृपाल, वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और मिस मेडुसा शामिल हुईं. इनके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन ने भी चर्चा में भाग लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर जो चर्चा हुई क्या उसमें मणिपुर के मुद्दे को विपक्ष स्पष्ट रूप से सामने लाने में सफल रहा?”
इस सवाल के जवाब में रमन कहते हैं, “यह जानने के लिए हमें यह पता होना चाहिए कि पिछले तीन महीनों में मणिपुर में क्या हुआ? आम आदमी यह जानना चाहता है कि तीन महीने की हिंसा को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई, कैसे मरहम लगाने का काम किया गया? संसद में चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सब के सब अपनी शेख़ी बघार रहे थे. राहुल गांधी कह रहे हैं कि मणिपुर में भारत माता की हत्या हुई. लेकिन कोई ये नहीं बता रहा कि दिन ब दिन हिंसा कैसे भड़की और लॉ एंड आर्डर में सरकार कहां असफल हुई?इस विषय पर अपने विचार रखते हुए आनंद कहते हैं, “कहीं न कहीं यह भी धारणा बनी कि यह अनावश्यक अविश्वास प्रस्ताव है. इसको केवल राजनीतिक सन्देश देने के लिए लाया गया है क्योंकि संख्याबल के लिहाज से इसमें कोई संघर्ष नहीं था. वहीं, एक राजनीतिक दांव के तौर पर भी इसमें कोई रोमांच नहीं था.”
इस विषय पर और विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा. इसके अलावा डाटा संरक्षण कानून पर भी मुख्य रूप से चर्चा हुई.
टाइम कोड्स
00:00:00 - 00:40:48 - जरूरी सूचना व कुछ सुर्खियां
00:41:00 - 01:10:07 - संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
01:10:08 - 01:32:40 - सब्सक्राइबर्स के मेल
01:32:45 - 01:43:20 - डाटा संरक्षण विधेयक
01:43:21 - सलाह और सुझाव
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय हरियाणा के नूंह में भड़की सांप्रदायिक हिंसा और इसमें छः लोगों की मौत, हिंसा के बाद दिल्ली-एनसीआर में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद की रैलियां- जिसमें नफरती भाषण देने पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक और जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे सुरक्षा बल के जवान चेतन सिंह द्वारा अपने सीनियर एएसआई टीकाराम मीणा समेत तीन मुस्लिम यात्रियों की गोली मारकर हत्या आदि रहे. हफ्ते की बड़ी खबरों में बरेली में मुस्लिम बहुल इलाके से यात्रा निकालने की जिद पर अड़े कांवड़ियों के झुण्ड पर लाठीचार्ज के बाद वहां के एसपी प्रभाकर चौधरी का तबादला, नासिर-जुनैद हत्याकांड के आरोपी बजरंग दल से जुड़े मोनू मानेसर को लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री का बयान- गिरफ्तारी के लिए करेंगे राजस्थान पुलिस को सहयोग, मणिपुर हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार और ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में सर्वे पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इंकार रहे.
इसके अलावा संसद से भी इस हफ्ते कई सुर्खियां आई. जिनमें वन संरक्षण अधिनियम के संशोधन पारित होना, अफसरों की नियुक्ति संबंधी दिल्ली सेवा अधिनियम बिल समेत कई अन्य बिलों का बिना चर्चा के ही पारित होना शामिल है.
वहीं, कूनो नेशनल पार्क में एक और चीते की मौत, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प पर 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में धांधली को लेकर अभियोग सिद्ध, चीन के बीजिंग में 140 साल में सबसे भारी बारिश आदि भी हफ्ते की प्रमुख सुर्खियां रहीं.
चर्चा में इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव और लेखक उर्वीश कोठारी शामिल हुए. इनके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री के शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने भी चर्चा में शामिल रहे. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा पर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “पहले नूंह में सांप्रदायिक दंगा हुआ और उसके बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में हिंसा फैली. कहा जा रहा है कि यह सब पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है. क्या वाकई ऐसा है?
इस सवाल के जवाब में राहुल कहते हैं, “ऐसे सभी मामले बहुत जटिल होते हैं, कुछ भी इतना सरल नहीं होता. ऐसे मामलों में कोई एक तत्व या पक्ष शामिल नहीं होता. हालांकि, इस मामले में पुलिस-प्रशासन का बेहद आश्चर्यजनक और अद्भुत क़िस्म का निकम्मापन और अदूरदर्शिता तो साफ दिखाई देती है. मैं मानता हूं कि यह सारा उपद्रव रोका जा सकता था. करीब दो दिन पहले से ही सार्वजनिक रूप से इतने सारे संकेत उपलब्ध थे कि ये पूरी हिंसा टाली जा सकती थी. वहीं, हिंसा के दिन नूंह में पर्याप्त पुलिसबल का न होना भी प्रशासन की सबसे बड़ी नाकामी है.इसके अलावा चलती ट्रेन में रेलवे के जवान चेतन सिंह द्वारा अपने अधिकारी समेत तीन मुस्लिमों को निशाना बनाकर मारने की घटना पर भी चर्चा हुई.
टाइम कोड्स
00:00:00 - 00:14:28 - जरूरी सूचना व कुछ सुर्खियां
00:14:28 - 00:14:22 - नूंह और बरेली के एसपी का तबादला
00:14:22 - 00:24:30 - हफ्तेभर की अन्य सुर्खियां
00:24:30 - 01:12:54 - नूंह हिंसा
01:12:54 - 01:41:35 - जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस ट्रेन में गोलीबारी और मीडिया की भूमिका
01:41:35 - 01:32:40- इंटरनेट शटडाउन
01:52:00 - सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय मणिपुर में जारी हिंसा को लेकर संसद में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध, विपक्ष द्वारा राज्यसभा में नियम 267 के तहत चर्चा की मांग, कांग्रेस पार्टी द्वारा लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह का पूरे सत्र के लिए निलंबन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विपक्षी गठबंधन इंडिया पर तीखा हमला आदि रहे.
हफ्ते की बड़ी खबरों में पुरस्कार वापसी विवाद को लेकर संसदीय समिति का सरकार को दिया गया सुझाव भी रहा, जिसके मुताबिक पुरस्कार पाने वालों से अब ये हफलनामा लिया जाएगा कि वो राजनैतिक कारणों से अपना पुरस्कार वापस नहीं करेंगे. इसके अलावा मनरेगा में नामित 5 करोड़ से ज्यादा मजदूरों का जॉब कार्ड डिलीट, मणिपुर में आंशिक रूप से इंटरनेट सेवाओं की बहाली, मिजोरम से माइती समुदाय का पलायन, राजस्थान सरकार द्वारा अंशकालिक मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने हेतू न्यूनतम आय गारंटी विधेयक आदि भी अहम मुद्दे रहे. सुप्रीम कोर्ट द्वारा पांच सालों से जेल में बंद भीमा कोरेगांव हिंसा मामले के दो आरोपितों वर्नन गोंजाल्विज़ और अरुण फरेरा को दी गई जमानत भी सुर्खियों में रही.
चर्चा में इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, न्यूज़लॉन्ड्री की कार्यकारी संपादक मनीषा पांडे, न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और अवधेश कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
पुरस्कार वापसी को लेकर हलफनामा दायर करवाने को लेकर चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “मान लिया जाए कि जूरी ने किसी किताब को साल की सर्वश्रेष्ठ रचना मानते हुए साहित्य अकादमी अवॉर्ड के लिए चुना. इसके बाद लेखक ने पुरस्कार वापस नहीं करने वाले हलफनामे पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया. तो क्या वो पुस्तक सर्वश्रेष्ठ नहीं रहेगी, क्या फिर दूसरी पुस्तक को श्रेष्ठ पुरस्कार के लिए चुना जाएगा. यह तो साहित्य अकादमी पुरस्कार की मूल अवधारणा को ही छिन्न-भिन्न करता है?”
इसके जवाब में आनंद वर्धन कहते हैं, “सत्तारूढ़ पक्ष तो वहीं रहेगा लेकिन निरंतरता ये है कि मान लीजिए कि वर्तमान में जो राजनैतिक व्यवस्था है उससे आप सहमत नहीं हैं तो राजनीतिक विरोध के तौर पर कई लोग पुरस्कार स्वीकार भी नहीं करते हैं. लेकिन ये व्यवस्था लागू होने के बाद हालत यह हो जाएगी कि अगर सरकार बदल भी जाती है तो आप पुरस्कार वापस नहीं कर पाएंगे. जो भविष्य दिख नहीं रहा है उसके लिए भी एक प्रतिबद्धता की मांग है.”
पुरस्कारों को लेकर मनीषा पांडे, हृदयेश जोशी और अवधेश कुमार ने भी अपना नजरिया सामने रखा. जानने के लिए पूरा पॉडकास्ट सुनें.
टाइम कोड्स
00:00:00 - 00:08:00 - जरूरी सूचना व कुछ सुर्खियां
00:08:02 - 00:24:35 - पुरस्कार वापसी को लेकर हफनामे पर चर्चा
00:24:36 - 00:30:42 - हफ्तेभर की अन्य सुर्खियां
00:30:43 - 00:54:00 - मणिपुर को लेकर संसद में गतिरोध पर चर्चा
00:54:00 - 01:02:55 - अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
01:02:57 - 01:06:20 - राज्सभा सांसद संजय सिंह के निलंबन पर चर्चा
01:06:22 - 01:32:40- सब्सक्राइबर्स के मेल
01:32:41 - सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय बेंगलुरु में विपक्षी दलों की बैठक, एनडीए की बैठक, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी का निधन, मणिपुर में कुकी महिलाओं की यौन प्रताड़ना का वीडियो वायरल, प्रधानमंत्री मोदी का पहली बार मणिपुर के मुद्दे पर बयान, 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कोटे से कैंसिल होकर प्रधानमंत्री आवास योजना के क़रीब डेढ़ लाख घर उत्तरप्रदेश के कोटे में देना, तमिलनाडु में सरकार और प्रवर्तन निदेशालय के बीच खींचतान जारी, 29 प्रदर्शनकारियों को छत्तीसगढ़ सरकार के खिलाफ नग्न होकर प्रदर्शन करने के लिए गिरफ्तार किया जाना, जी-20 समिट में ईरान के बाद भारत द्वारा सबसे ज़्यादा बार इंटरनेट बंद करने की चर्चा, नदियों के खनन पर रिपोर्टर्स कलेक्टिव की रिपोर्ट, मध्य प्रदेश में एक और चीते का निधन, बृजभूषण सिंह को पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली की अदालत से नियमित ज़मानत, अमेरिका द्वारा दो यूरोपियन फर्म्स को ब्लैकलिस्ट करना- भारत इनसे स्पाईवेयर खरीदने की बात कर रहा था, हरिद्वार में मगरमच्छ का बढ़ा खतरा, उत्तराखंड के चमोली में 15 लोगों की करंट लगने से मौत और राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा, नितिन सेठी, न्यूज़लॉन्ड्री के पॉडकास्ट प्रमुख शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
मणिपुर की हिंसा से शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “मणिपुर में महिलाओं को नग्न करने का वीडियो 19 जुलाई को सामने आया, घटना में एक महिला के साथ सामूहिक बलात्कार भी किया गया. वीडियो वायरल होने के बाद जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पर बयान दिया तो महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान की बात कही. जबकि सच ये है कि वीडियो सामने आने के 38 दिन पहले ही राष्ट्रीय महिला आयोग को इस बारे में लिखित शिकायत की गई थी. ऐसे में स्वतः संज्ञान का ढकोसला क्यों?
इसी बारे में बात करते हुए नितिन कहते हैं, “जहां भी हिंसा होती है. सबसे पहले महिलाओं को निशाना बनाया जाता है. जबसे यह वीडियो वायरल हुआ है, मैतेई समाज में शर्म है कि ऐसा हुआ और कुकी समाज में रोष है. यह भी पता चला है कि मणिपुर में ऐसी सैंकड़ों घटनाओं की शिकायत दर्ज करवाई गई है. इंटरनेट बैन होने की वजह से बहुत सी घटनाएं सामने नहीं आईं हैं. यह घटना भी दो महीने से ज्यादा पुरानी है. ऐसे में हमें धीरे-धीरे पता चलेगा कि ऐसी कितनी घटनाएं हुईं हैं.”
मणिपुर हिंसा और महिलाओं को निशाना बनाए जाने के अलावा चर्चा में विपक्षी दलों की बैठक के बाद नए गठबंधन इंडिया की घोषणा और एनडीएन की बैठक में 38 दलों के शामिल होने को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई.
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00:00:00 - 00:13:42 - जरूरी सूचना व हैडलाइंस
00:13:45 - 01:09:30 - मणिपुर वायरल वीडियो
01:09:35 - 01:20:39 - सब्सक्राइबर्स के मेल
01:20:40 - 01:45:26 - विपक्षी दलों और एनडीए की बैठक
01:44:48 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय उत्तर भारत में भारी बारिश से बनी बाढ़ की स्थिति, दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ना और खतरे के निशान से ऊपर बहना, पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हिंसा और पुनर्मतदान, सुप्रीम कोर्ट द्वारा ईडी के प्रमुख संजय मिश्रा के कार्यकाल को ख़त्म करना, विपक्ष की बेंगलुरु में होने जा रही दूसरी बैठक, उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के एक दलित कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार, महाराष्ट्र में शिंदे गुट के विधायकों को स्पीकर द्वारा नोटिस, विदेश मंत्री एस. जयशंकर का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने पर गांधीनगर से पर्चा भरना, मणिपुर में फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों पर पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज करना, नए एफसीआरए नियमों के तहत सद्भावना ट्रस्ट का लाइसेंस रद्द करना, जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई और एक महिला रिपोर्टर के साथ बृजभूषण सिंह का दुर्व्यवहार आदि रहे.चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान पत्रकार और शोधार्थी कविता उपाध्याय, स्वतंत्र पत्रकार स्निग्धेंदु भट्टाचार्य, न्यूज़लॉन्ड्री के सीईओ अभिनन्दन सेखरी और स्तंभकार आनंदवर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
हिमाचल में भारी बारिश से होने वाली तबाही से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “विकास के नाम पर जो दौड़ चल रही है और जलवायु परिवर्तन के कारण हो रही बारिश, पहाड़ों का दरकना या बेहताशा गर्मी, इन सबके बीच संतुलन का क्या रास्ता है?”
इस सवाल के जवाब में कविता कहती हैं, “ऐसा कोई भी नहीं है जो यह कह रहा है कि विकास नहीं चाहिए. हाइड्रोपावर प्रोजेक्टस के अध्ययन के लिए जितनी भी कमेटी आज तक बनी हैं, उन्होंने ये नहीं कहा कि विकास नहीं होना चाहिए या सड़कें या प्रोजेक्ट्स बंद होने चाहिएं. उन्होंने कहा कि जितना हो सके प्रकृति को उतना कम नुकसान पहुंचाया जाए."
कविता आगे कहती हैं, “जैसे आप पहाड़ों पर चारलेन की सड़क नहीं बना सकते डबल लेन भी मुश्किल है. इसीलिए हमेशा इस बारे में चर्चा हुई कि सड़क चौड़ाई का वह कौन सा पैमाना हो जिसमें कम से कम असर पड़े, कम से कम पेड़ कटें और कम से कम भूस्खलन हो.”
इस विषय के अलावा दिल्ली में भारी बारिश और पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान हुई हिंसा पर भी विस्तार से बातचीत हुई.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:21:18 - जरूरी सूचना व हैडलाइंस
00:21:18 - 00:35:23 - उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर 00:35:24 - 42:13 - चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण
42:14 - 52:22 - पहाड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर52:22 - 01:05 :45 - दिल्ली में बारिश
01:05:50 - 01:22:40 - पश्चिम बंगाल चुनावों के दौरान हिंसा
01:22:40 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा / भानू प्रताप
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता, आशीष आनंद
एडिटर: चंचल गुप्ता
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय समान नागरिक संहिता पर विवाद, महाराष्ट्र की राजनीति में मची हलचल, 3 जुलाई को मानव इतिहास के सबसे गर्म दिन के रूप में दर्ज किया जाना, मध्यप्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ता प्रवेश शुक्ला का आदिवासी व्यक्ति पर पेशाब करने का वीडियो वायरल होना, शिवपुरी जिले में दो दलित युवकों की पिटाई, सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर से हटाए जाने के मुद्दे को लेकर सुनवाई के लिए पांच जजों की बेंच का गठन करना, मध्यप्रदेश में एक महिला को कार के बोनट पर जबरन बैठाकर घुमाने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाना, तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी के मामले की सुनवाई के लिए बड़ी बेंच का गठन करने का आदेश, बीजेपी द्वारा तेलंगाना, झारखण्ड, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में अपने अध्यक्षों का बदलना, 20 जुलाई से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत, कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त की सुरक्षा बढ़ाने पर विचार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की गिरफ्तारी पर रोक की अवधि को बढ़ाना, गुजरात हाईकोर्ट द्वारा मानहानि मामले में राहुल गांधी की सजा को बरकरार रखना आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार मीना कोटवाल, न्यूज़लॉन्ड्री के वरिष्ठ संवाददाता प्रतीक गोयल, न्यूज़लॉन्ड्री के पॉडकास्ट प्रमुख शार्दूल कात्यायन और अवधेश कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.मध्यप्रदेश में मानवता को शर्मसार करने वाले घटनाक्रम से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “प्रवेश शुक्ला के बारे में लोगों को क्या जानना चाहिए? उसके क्या कारनामे रहे हैं और इस मामले में पुलिस की क्या भूमिका रही?
इसके जवाब में प्रतीक गोयल कहते हैं, “प्रवेश शुक्ला, बीजेपी के विधायक का प्रतिनिधि है. उसका किरदार एक उद्दंड व्यक्ति का रहा है. प्रवेश शुक्ला द्वारा शराब पीकर मारपीट करना, लोगों की जमीनों पर कब्जा करना और उन्हें धमकाना आदि आमतौर पर किया जाता है. हालांकि, आदिवासी युवक पर पेशाब करने का यह मामला एक साल पहले का है, जब पीड़ित एक दुकान पर रिचार्ज कराने आया था. इसी दौरान प्रवेश शुक्ला आया तो उसने पीड़ित पर पेशाब करना शुरू कर दिया.प्रतीक आगे कहते हैं, “मध्यप्रदेश के उस इलाके में निम्न वर्ग का इतना शोषण होता है कि उनमें खौफ घर कर गया है. यही वजह है कि पीड़ित प्रवेश शुक्ला का विरोध भी नहीं कर सका. वहीं, जब यह शुक्ला के कारनामे का वीडियो वायरल हुआ तो उसके परिवार ने प्रवेश की गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी. हालांकि, यह मामला सिर्फ किसी पर पेशाब करने या अत्याचार करने का नहीं है, इसके बहुत गहरे मायने हैं, जिनपर विचार होने चाहिएं.”इस मुद्दे पर और विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा. इस विषय के अलावा महाराष्ट्र में हो रही राजनीतिक उठापठक पर भी विस्तार से बातचीत हुई.
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00:00:00 - 00:10:00 - जरूरी सूचना व हैडलाइंस
00:10:05 - 00:55:19 - मध्यप्रदेश में दलित आदिवासी पर पेशाब करने की घटना
00:55:19 - 01:24:56 - महाराष्ट्र की राजनीति में मची हलचल
01:24:56 - 01:45:26 - सब्सक्राइबर्स के मेल
01:45:26 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय रूस में वागनर समूह का विद्रोह और फिर समझौता, पीएम मोदी का मध्यप्रदेश दौरा और समान नागरिक संहिता पर बयान, मणिपुर में दो महीने से जारी हिंसा, भीम आर्मी प्रमुख चंद्र शेखर आज़ाद पर जानलेवा हमला, उत्तर प्रदेश के कई इलाक़ों में ग्रीष्म लहर और लू की घटनाओं का बढ़ना, कर्नाटक पुलिस द्वारा बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय पर एफआईआर, टमाटर के दामों में बेहताशा बढ़ोतरी, प्रधानमंत्री से अमेरिका में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल करने वाली वॉल स्ट्रीट जर्नल की पत्रकार सबरीना सिद्धिकी की ऑनलाइन ट्रोलिंग, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बराक ओबामा पर बयानी हमला, महानगरों में ख़राब प्रबंधन के कारण हो रही जानलेवा घटनाएं जिनमें में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर एक महिला की करंट लगने से मौत शामिल है, आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, प्रकाश के रे, विनीता पांडे और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
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00:00:00 - 00:8:43 - इंट्रो व हैडलाइंस
00:08:45 - 00:41:20 - शहरी प्रबंधन
00:41:25 - 01:13:45 - पीएम मोदी से सवाल करने वाली पत्रकार सबरीना सिद्दीकी की ट्रोलिंग
01:13:46 - 01:36:03 - रूस में वागनर समूह का विद्रोह और समझौता
01:36:03 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
नेटफ्लिक्स पर डॉक्यूमेंट्री सीरीज़- आवर प्लेनेट (सीजन 2)
प्रकाश के रे
फिल्म- अफवाह
वेब सीरीज- लस्ट स्टोरीज पार्ट 2
आनंद वर्धन
क़िताब-द आर्ट ऑफ़ डूइंग नथिंग: सिंपल वेज़ टू मेक टाइम फॉर योअरसेल्फ
द मिंट पे मनु जोसेफ का लेख- देअर इज़ ए फ्यूच़र फॉर बोरडम इन द एज़ ऑफ इमर्सिव फन
अतुल चौरसिया
पियूष बबेले की किताब: गांधी: सियासत और साम्प्रदायिकता
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः आशीष आनंद
एडिटर: समरेंद्र
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय पीएम नरेंद्र मोदी की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा, गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार, उत्तर प्रदेश में लू लगने से करीब 80 लोगों की मौत, बिहार के भागलपुर में गर्मी से लोगों की मौत, आदिपुरुष फिल्म पर विवाद, कोविन डाटा लीक मामले में बिहार का एक व्यक्ति गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोलकाता हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ बंगाल सरकार की आपत्ति को खारिज करना, डब्ल्यूएचओ द्वारा भारत और इंडोनेशिया के करीब 20 कफ सिरप को टॉक्सिक कहकर ब्लैकलिस्ट करना, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म का चुनाव आयोग को पत्र, जिसमें उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि को सार्वजानिक न करने वाले राजनीतिक दलों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहना, समान नागरिक संहिता और पटना में विपक्षीय दलों की बैठक आदि रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान लेखक अक्षय मुकुल, न्यूज़लॉन्ड्री के सह-संपादक शार्दूल कात्यायन और अवधेश कुमार शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:29:35 - इंट्रो व हैडलाइंस
00:29:35 - 00:56:42 - पीएम मोदी की अमेरिका में प्रेस कॉन्फ्रेंस
00:57:21 - 01:03:00 - गीता प्रेस को गांधी शांति पुरस्कार
01:19:00 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए-
अक्षय मुकुल
मनोज मित्ता की किताब : कास्ट प्राइड
अभिषेक चौधरी की किताब : वाजपेयी
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री परप्रत्युष दीप और प्रतीक गोयल की रिपोर्ट
चीन की कटस्ट्रोपिक तेल और गैस की समस्या
डॉक्यूमेंट्री : कॉसमॉस
अतुल चौरसिया
फिल्म : ट्रेन टू पाकिस्तान
पॉडकास्ट : गीता प्रेस एंड हिन्दू नेशनलिज़्म
अवधेश कुमार
बीबीसी पॉडकास्ट: कहानी जिन्दगी की
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय कोविन डाटा लीक, बिपरजॉय चक्रवात, ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी का बयान, भारत के करीब साढ़े छः हज़ार से ज्यादा धनाढ्य लोगों के देश छोड़ने का अनुमान, मणिपुर में जारी हिंसा, भोपाल के सतपुड़ा भवन में लगी आग, तमिलनाडु में ईडी की कार्रवाई, कर्नाटका हाईकोर्ट द्वारा डीके शिवकुमार के खिलाफ सीबीआई जांच पर रोक, बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ लगे आरोपों पर दिल्ली पुलिस द्वारा चार्जशीट का दाखिल किया जाना आदि रहे.चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन के फाउंडर अपार गुप्ता, वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी, न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:23:35 - इंट्रो व हैडलाइंस
00:23:45 - 01:03:02 - कोविन डाटा लीक
01:03:05 - 01:14:10 - जैक डोर्सी के आरोप
01:14:18 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए-
अपार गुप्ता
कारवां पर एस्से : द बंगलोर आइडियोलॉजी
अरुण मोहन सुकुमार की किताब : द मिडनाइट मशीन्स
हृदयेश जोशी
शोशना जोबोफ की किताब : ऐज ऑफ़ सर्विलान्स कैपिटल
आनंद वर्धन
द इकोनॉमिस्ट का लेख : हाउ इण्डिया इज़ यूज़िंग डिजिटल टेक्नोलॉजी टू प्रोजेक्ट पावर
टाइम्स ऑफ़ इण्डिया का लेख :द ग्रेट इण्डिया स्टैक स्टोरी
अतुल चौरसिया
न्यूज़लॉन्ड्री पर अनमोल प्रितम की रिपोर्ट : पुरोला उत्तराखंड कांड: जुबान और दुकान, सब जगह ताल
इंडियन एक्सप्रेस पर अपार गुप्ता का लेख
विकास जांगड़ा द गार्जियन की डॉक्यूमेंट्री: द पॉवर ऑफ़ प्राइवेसी
नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री : द सोशल डिलेमा
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
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