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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय झारखंड के दुमका जिले में स्पेनिश महिला के साथ मारपीट एवं सामूहिक दुष्कर्म और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी निर्वाचन आयोग को सौंपने के लिए 30 जून तक का समय देने की मांग करना आदि रहे.
इसके अलावा ओडिशा में सत्ताधारी बीजू जनता दल फिर से होगा एनडीए में शामिल, माओवाद से संबंध मामले में सजा काट रहे दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा नागपुर जेल से बरी, बीजेपी व कांग्रेस ने आगामी लोकसभा चुनाव से जुड़ी उम्मीदवारों की पहली सूची की जारी, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परिवार को लेकर साधा निशाना और दिल्ली सरकार ने अपना बजट जारी करते हुए 18 वर्ष से अधिक महिलाओं को एक हजार रुपए प्रति माह की आर्थिक सहायता देने का किया ऐलान आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार एवं द रिपोर्टर्स कलेक्टिव के सदस्य नितिन सेठी एवं तपस्या के अलावा स्वतंत्र पत्रकार रवि प्रकाश शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा के प्रमुख विषय झारखंड के दुमका जिले में स्पेनिश महिला के साथ मारपीट व सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “इस घटनाक्रम को लेकर अभी क्या स्थिति है और पुलिस की भूमिका कितनी साफ सुथरी और नियम कानूनों के तहत देखने को मिली?”
इसके जवाब में रवि प्रकाश कहते हैं, “दुमका का यह मामला एक दुर्भाग्य की बात है कि कोई बाहर से घूमने आए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी वारदात हो जाए. हालांकि, इस घटना के दो दिन बाद ही पुलिस ने इससे जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया. इस बीच एक साहस की बात यह है कि इतना कुछ होने के बाद भी स्पेनिश जोड़े ने अपना विश्व का दौरा रोका नहीं है और अब वो बिहार के रास्ते नेपाल जा चुके हैं. वहीं, गिरफ्तार किए गए लोगों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. झारखंड पुलिस भी जल्दी कार्रवाई इसलिए कर पाई क्योंकि इन (पति-पत्नी) के हेलमेट में लगे ब्लॉगिंग कैमरे में उन लोगों (आरोपियों) की तस्वीर घटना के दौरान कैद हो गई थी.”सुनिए पूरी चर्चा-टाइम कोड्स
00 - 04:59 - इंट्रो और जरूरी सूचना
05:00 - 18:39 - सुर्खियां
18:40 - 47:06 - झारखंड के दुमका जिले में स्पेनिश महिला के साथ मारपीट व सामूहिक दुष्कर्म
47:07 - 1:08:49 - इलेक्टोरल बॉन्ड की जानकारी साझा करने के लिए एसबीआई ने मांगा जून तक का वक्त
1:08:50 - 1:15:44 - सब्सक्राइबर्स के मेल
1:15:45 - 1:19:38 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
रवि प्रकाश
झारखंड मामले पर बीबीसी की रिपोर्ट
नितिन सेठी
हरुकी मुराकामी की किताब- मेन विदाउट वुमन
तपस्या
नेटफ्लिक्स पर सीरीज- ब्लू आई समुराई
एमा की कॉमिक- यू शुड हेव आस्कड
अतुल चौरसिया
बीबीसी पर शो- कंक ऑन अर्थ
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय देश के तीन राज्यों में हुए राज्यसभा चुनाव और बेरोजगारों पर भारी पेपर लीक का मामला रहे.
इस हफ्ते देश के तीन राज्यों में राज्यसभा की 15 सीटों के लिए चुनाव हुए, इनमें से 10 सीटें भाजपा को जीतने में सफलता मिली. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेपर लीक के बाद 17-18 फरवरी को हुई पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा को रद्द करना आदि मुद्दों ने भी सुर्खियां बटोरी.
इस हफ्ते चर्चा में न्यूज़लॉन्ड्री की मैनेजिंग एडिटर मनीषा पांडे, स्तंभकार आनंद वर्धन और पर्यावरण विशेषज्ञ हृदयेश जोशी ने भाग लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के पॉडकास्ट प्रमुख शार्दूल कात्यायन ने किया.
नोट: इस हफ्ते चर्चा पेवॉल के पीछे नहीं है. अपने फेवरेट पॉडकास्ट प्लेटफॉर्म से चर्चा सुनने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
चर्चा के प्रमुख विषय बेरोजगारी और पेपर लीक को लेकर शार्दूल कात्यायन सवाल करते हैं, “बेरोजगारी की समस्या दिन पर दिन बड़ी होती जा रही है. ऐसे में युवाओं के सामने क्या उपाय हैं?”
इसका जवाब देते हुए आनंद वर्धन कहते हैं, “बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है. हालांकि, उसके कारण वो नहीं है, जो मीडिया में गिनाए जाते हैं. उसका स्वरूप काफी अलग है. सरकारी नौकरी में पेपर लीक और नकल होना दो अलग-अलग बातें है.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 3:36- इंट्रो और जरूरी सूचना
03:37 - 18:20 - सुर्खियां और उन पर टिप्पणी
18:21 - 45:26 - बेरोजगारी और पेपर लीक पर चर्चा
45:27 - 1:03:21 - रामदेव को सुप्रीम कोर्ट की फटकार
1:03:22 - 1:06:42 - पत्र और उनके जवाब
1:06:43 - 1:20:14 - राज्यसभा चुनाव का कठिन गणित
1:20:15- 1:27:45 सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
स्वाति नारायण की किताब- अनइक्वल
आनंद वर्धन
पेपर लीक पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट
मनीषा पांडे
यूपी में पेपर लीक पर स्क्रॉल की रिपोर्ट
शार्दूल कात्यायन
कोरोनिल पर बसंत कुमार की रिपोर्ट
लेट्स टॉक अबाउट का नया एपिसोड: इज़रायल और फिलिस्तीन
बर्लिन के पर्यावरण पर डीडब्ल्यू की रिपोर्ट
ट्रांसक्रिप्शन: विकास जांगड़ा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय संदेशखाली में बढ़ती राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी और बाहुबली नेता शाहजहां शेख पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप रहे. चुनावी चंदे और केंद्रीय एजेंसियों के छापों पर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट की एक्सक्लूसिव इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट को लेकर भी चर्चा हुई.
इस हफ्ते चर्चा में अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकार स्मिता शर्मा और स्वतंत्र पत्रकार निलाद्री सरकार शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रतीक गोयल और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन शार्दूल कात्यायन ने किया.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 02:42 - इंट्रो और जरूरी सूचना
02:43 - 15:14 - सुर्खियां
15:15 - 52:14 - संदेशखाली और बाहुबली नेता शाहजहां शेख का इतिहास
52:15 - 1:09:38 - चुनावी फंडिंग पर न्यूज़लॉन्ड्री और द न्यूज़ मिनट की एक्सक्लूसिव इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट
1:09:39 - 1:18:10 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
निलाद्री सरकार
प्रोफेसर द्वैपायन भट्टाचार्य का लेख
स्मिता शर्मा
फॉरेन अफेयर्स पर रामचंद्र गुहा का लेख
आर्टिकल 14 पर कमांडर बत्रा का इंटरव्यू
नेटफ्लिक्स पर सीरीज- मेमोरीज ऑफ द अलहम्ब्रा
प्रतीक गोयल
नेटफ्लिक्स पर सीरीज- हाउस ऑफ निंजास
विकास जांगड़ानेटफ्लिक्स पर सीरीज- लव, डेथ एंड रोबोट्स
न्यूज़लॉन्ड्री की एक्सक्लूसिव इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट-पहला भाग, दूसरा भाग, तीसरा भाग
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री पर बसंत कुमा की किसान आंदोलन पर रिपोर्ट्स देखें
द गार्जियन पर फ्रेड हार्टर की रिपोर्ट
फिल्म- लॉस्ट इन ट्रांसलेशन
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक करार देकर रद्द करना और एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत कई मांगो को लेकर किसानों के दिल्ली कूच का ऐलान आदि रहे.
चर्चा में एडीआर के सह-संस्थापक एवं पूर्व प्रोफेसर जगदीप छोकर शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से अभिनंदन सेखरी, शार्दूल कात्यायन और हृदयेश जोशी ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा के प्रमुख विषय सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा इलेक्टोरल बॉन्ड को असंवैधानिक करार देने को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “चुनाव सुधार का एक बहुत बड़ा मुद्दा है, जो लंबे समय से अटका है, साथ में इस इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए पिछले पांच सालों में जो नुकसान हुआ है क्या उनकी कोई जवाबदेही तय होने का रास्ता इस फैसले में है?”
इसके जवाब में जगदीप छोकर कहते हैं, “इस फैसले से जो बदमाशी 2017 में शुरू की गई थी, वो खत्म हो गई है. इसमें सबसे बड़ी खराबी ये थी कि सत्तारूढ़ दल को दूसरे दलों का चंदा बंद करवाने का अच्छा तरीका मिल गया था. दूसरी खराबी ये थी कि जनता को जो सूचना मिलती है, उसको बंद करवा दिया, तो सूचना के अधिकार का भी इसमें उल्लंघन था. फिलहाल, फैसले के बाद ये दोनों खामियां हटा दी गई हैं. क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड ऐसे ही चलते रहते तो देश में एक ही पार्टी का राज रह जाता. ये लोकतंत्र के लिए बहुत बड़ा खतरा था. मुझे ये शांति है कि फिलहाल वो खतरा टल गया है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हमारा लोकतंत्र बड़ा अच्छा हो गया हैसुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 05:03 - इंट्रो और जरूरी सूचना
05:04 - 23:52 - सुर्खियां
23:53 - 1:11:40 - सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक करार देकर रद्द किए जाने का फैसला
1:11:41 - 1:25:18 - किसान आंदोलन, एमएसपी समेत उनकी अन्य मांगें, सरकार के साथ बैठक, पिछले आंदोलन के दौरान उन पर दर्ज एफआईआर वापस न लेना
1:25:19 - 1:27:03 - सब्सक्राइबर्स के मेल
1:27:04 - 1:40:16 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
एडीआर की वेबसाइट
इलेक्टोरल बॉन्ड पर नितिन सेठी की रिपोर्ट सीरीज
पॉल आर. ब्रास की किताब- एन इंडियन पॉलिटिकल लाइफ: चरण सिंह एंड कांग्रेस पॉलिटिक्स
शार्दूल कात्यायन
न्यूज़लॉन्ड्री पर जगदीप छोकर कालेख
जॉन स्टीवर्ट की पॉलिटिकल कमेंट्री- द डेली शो
साहिर लुधियानवी की किताब- तल्खियां
अभिनंदन सेखरी
दंगल फिल्म का शीर्षक गीत
जगदीप छोकर
सलाह- देश के बारे में सोचेंं.
अतुल चौरसिया
नमित अरोरा की किताब- इंडियन्स
इलेक्टोरल बॉन्ड पर नितिन सेठी की रिपोर्ट सीरीज
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: प्रशांत कुमार
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय पाकिस्तान में हुए आम चुनाव और उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक का पारित होना आदि रहे.
इसके अलावा हल्द्वानी में हिंसा भड़कने से 6 लोगों की मौत और करीब 250 लोग घायल, मुंबई में फेसबुक लाइव के दौरान शिवसेना नेता की हत्या आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकार स्मिता शर्मा शामिल हुईं. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से शार्दूल कात्यायन और अवधेश कुमार ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा के प्रमुख विषय पाकिस्तान में हुए आम चुनाव को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “पाकिस्तान हमारा पड़ोसी है. अभी चुनाव के बाद जो रुझान आ रहे उसके हिसाब से लग रहा है कि इमरान के जेल चले जाने, पार्टी का चुनाव चिन्ह छिन जाने के बावजूद उनकी पार्टी पीटीआई के निर्दलीय लड़ने वाले लीडर आगे बढ़ते दिख रहे हैं. तो क्या निर्दलीय उम्मीदवारों का सफल होते दिखना क्या ये बताता है कि सेना भी अब चुनावों को उस तरह से प्रभावित करने की स्थिति में नहीं है?”
इसके जवाब में स्मिता शर्मा कहती हैं, “हम भारतीय पाकिस्तान को लगातार भला बुरा कहने में जुट जाते हैं. लेकिन काफी बार जब वहां जबरदस्त उथल-पुथल होती है तो उसकी बारीकियों को समझने से हम चूक जाते हैं. शुरुआत में इमरान खान को सेना का पूरा साथ मिला. लेकिन 2019 के बाद कोविड के दौरान जब पाकिस्तान की चरमराई हुई व्यवस्था और बैठ गई. आईएमएफ के लोन बढ़ गए और साथ ही इमरान ने भी कुछ ऐसे काम करने शुरू कर दिए जो सेना को कबूल नहीं थे तो आज की तारीख में वो जेल जा चुके हैं. उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह छीन लिया है और उनके लोगों ने या पार्टी छोड़ दी है या फिर उन्हें जेल में डाल दिया गया है.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 02:08 - इंट्रो और जरूरी सूचना
02:09 - 11:19 - सुर्खियां
11:20 - 49:21 - पाकिस्तान के आम चुनाव
49:22 - 1:22:42 - उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित
1:22:43 - 1:29:34 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शार्दूल कात्यायन
बीबीसी पर मार्क पॉइंटिंग की पहली और दूसरी रिपोर्ट
संसद में शशि थरूर का भाषण
फिल्म- सेरेंडीपिटी
स्मिता शर्मा
एप्पल टीवी पर सीरीज़-मेस्सी मीट्स अमेरिका
अवधेश कुमार
बीबीसी पर दिलनवाज़ पाशा की रिपोर्
अतुल चौरसिया
इंडियन एक्सप्रेस पर हुसैन हक्कानी का लेख
एनएल टिप्पणी में अनूप मणि त्रिपाठी की लघुकथा- भारत माता और संविधान
न्यूज़लॉन्ड्री पर अवधेश कुमार कीरिपोर्ट
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: उमराव सिंह
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया मोदी सरकार का अंतरिम बजट, ईडी की कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से गए भाजपा के साथ, जमीन के बदले नौकरी के मामले में लालू यादव और तेजस्वी यादव से पूछताछ, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से पूछताछ और अरविंद केजरीवाल को पांचवी बार समन जारी किया जाना आदि रहे.
इस हफ्ते चर्चा में अर्थशास्त्री प्रोफेसर अरुण कुमार शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से हृदयेश जोशी और स्तंभकार आनंद वर्धन ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया. अतुल सवाल करते हैं, “इससे पहले बजट में सरकारें आमतौर पर कुछ लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा करती रहीं हैं, इस बार कोई नई घोषणा नहीं, कोई योजना नहीं, टैक्स में कोई रियायत नहीं है. वो आश्वस्त है कि जनता में उसकी एक विश्वसनीयता बनी हुई है कि वो वापस सत्ता में आ रही है.
इसके जवाब में प्रोफेसर अरुण कुमार कहते हैं, “एक दिन पहले राष्ट्रपति ने अपने भाषण में सरकार की 10 साल की बहुत सारी उपलब्धियां गिनाईं और ये भी कहा कि जो पहले के 10 साल हैं, उससे ये दस साल बेहतर गुजरे हैं. उन्होंने बताया कि सरकार ने महिलाओं, आदिवासियों और दलितों समेत सभी वर्गों के लिए कुछ न कुछ किया है. उनको अब ये लगता है कि इतना कुछ तो कर दिया है, इसलिए अब कुछ और करने की जरूरत नहीं है.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
00 - 00:45 - इंट्रो
00:46 - 19:31 - सुर्खियां
19:32 - 20:05 - जरूरी सूचना
20:06 - 49:28 - मोदी सरकार का अंतरिम बजट
49:29 - 1:11:48 - नीतीश कुमार का यू टर्न और लालू यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन, भूपिंदर सिंह हुड्डा और केजरीवाल पर ईडी की कार्रवाई
1:11:49 - 1:19:27 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएप्रोफेसर अरुण कुमार
किताब- डिमोनेटाइजेशन एंड द ब्लैक इकॉनोमी
हृदयेश जोशी
श्रीनिवासन जैन, मरियम अलावी, सुप्रिया शर्मा की किताब- लव जिहाद एंड अदर फिक्शंस
वर्ल्ड वेटलैंड्स डे पर रिपोर्ट
आनंद वर्धन
भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव कालेख
अरुण सिन्हा की किताब- बैटल फॉर बिहार: नीतीश कुमार एंड द थिएटर ऑफ पावर
अतुल चौरसिया
डॉक्यूमेंट्री- राइटिंग विद फायर
अयोध्या पर बसंत कुमार की पहली और दूसरी रिपोर्ट
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय आईआईटी बीएचयू की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में भाजपा आईटी सेल के तीन पदाधिकारी गिरफ्तार और अडाणी-हिंडनबर्ग मामले में अडाणी समूह को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बड़ी राहत मिलना आदि रहे.
इसके अलावा हिट एंड रन के नए कानून के विरोध में ट्रक-बस ड्राइवरों की हड़ताल, आरटीआई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेल्फी बूथ की लागत बताने पर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी का ट्रांसफर और आबकारी घोटाला मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरबिंद केजरीवाल को ईडी द्वारा चौथी बार समन जारी करने की तैयारी की ख़बरों ने भी हफ्तेभर तक लोगों का ध्यान खींचा.
वहीं, नए साल के दिन जापान में आए भूकंप में अब तक करीब 92 लोगों की मौत और वाई एस शर्मिला द्वारा कांग्रेस पार्टी में शामिल होने की घटना ने भी सुर्खियों में जगह बनाई.
इस हफ्ते चर्चा में द हिंदू की उप संपादक विजेता सिंह और द रेड माइक के रिपोर्टर सौरभ शुक्ला शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से हृदयेश जोशी, मनीषा पांडे और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा के प्रमुख विषय बीएचयू आईआईटी की छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और छेड़खानी के आरोपो में भाजपा आईटी सेल से जुड़े तीन लोगों की गिरफ्तारी को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “इस मामले में आरोपियों को किस तरह से संरक्षण मिल रहा था और ये क्यों खतरनाक परंपरा है?”
इसके जवाब में सौरभ शुक्ला कहते हैं, “छोटी-छोटी घटना को भी अपराधियों की फोटो के साथ ट्विटर पर डालने वाली यूपी पुलिस ने इस पूरे मामले में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. बयान तो दूर कोई प्रेस विज्ञप्ति तक नहीं आई है. जबकि वाराणसी कोई आम जिला नहीं है, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लोकसभा क्षेत्र है.”
वह आगे कहते हैं, “इस पूरे मामले में पुलिस ने न ही गैंगरेप की धारा लगाई, न ही रेप की. छेड़छाड़ और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. अब तो ये भी पता चल रहा है कि आरोपियों ने पहले भी ऐसे ही कई अपराध किए हैं लेकिन वो कभी रिपोर्ट नहीं किए गए.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स
0:4 - 5:06 - इंट्रो और जरूरी सूचना
05:10 - 08:29 - सुर्खियां
08:30 - 32:53 - बीएचयू की छात्रा से दुष्कर्म के मामले में भाजपा आईटी सेल के तीन लोग गिरफ्तार
32:53 - 35:22 - सब्सक्राइबर्स के मेल
35:23 - 1:07:13 - हिंडनबर्ग मामले में अडाणी समूह को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
1:07:14 - 1:24:10 - दर्शकों के सवाल
1:24:12 - 1:32:05 - सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय संसद हमले की 22वीं बरसी पर उसकी सुरक्षा में सेंधमारी के आरोप में 6 लोगों की गिरफ्तारी और तीन राज्यों में कयासों एवं अटकलों को खत्म करते हुए भाजपा ने द्वारा विष्णुदेव साय, डॉ. मोहन यादव और भजनलाल शर्मा को नया मुख्यमंत्री घोषित करना आदि रहे.
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के फैसले को सही ठहराते हुए सितंबर 2024 तक चुनाव करवाने का आदेश दिए जाने और जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा किए जाने वाले धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देशों पर भी विस्तार से बातचीत हुई.
हफ्ते की अन्य सुर्खियों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में गाजा में तत्काल युद्ध विराम के लिए प्रस्ताव लाया जाना, सरकार द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के नियमों में बदलाव की वजह से बीबीसी इंडिया द्वारा भारत में नई कंपनी कलेक्टिव न्यूज़रूम के तहत अपने कामकाज को जारी रखना आदि भी शामिल रही.
वहीं, पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा का संसद से निष्कासन और उसे महुआ द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती और केंद्र सरकार द्वारा तीन आपराधिक कानून विधेयकों- भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य विधेयक 2023 को वापस लिया जाना भी इस हफ्ते चर्चा में बना रहा.
इस हफ्ते न्यूज़लॉन्ड्री टीम से मुख्य संपादक रमन किरपाल, हृदयेश जोशी और स्तंभकार आनंद वर्धन चर्चा में शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
टाइम कोड्स
00 - 09:00 - इंट्रो और सुर्खियां
09:00 - 26:50 - केंद्र द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया
26:51 - 54:45 - संसद हमले की 22वीं बरसी पर सुरक्षा में चूक
54:45 - 1:13:05 - तीन राज्यों में भाजपा द्वारा नये मुख्यमंत्रियों की घोषणा
01: 13:40 - 01:16:02 - सब्सक्राइबर्स के मेल
01:16:02 - सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम के सांसद सेंथिल कुमार का उत्तर भारत के राज्यों को लेकर संसद में विवादित बयान और चक्रवाती तूफान मिगजौम द्वारा तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में मचाई गई भारी तबाही आदि रहे. इसके अलावा राजस्थान में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की गोली मारकर हत्या और पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों को लेकर भी चर्चा हुई. साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा द्वारा अभी तक मुख्यमंत्री की घोषणा न किए जाने को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई.
हफ्ते की अन्य सुर्खियों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनावों में भाजपा, तेलंगाना में कांग्रेस और मिजोरम में जोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) को पूर्ण बहुमत मिलना, कांग्रेस पार्टी के नेता रेवंत रेड्डी द्वारा तेलंगाना के मुख्यमंत्री की शपथ लेना आदि शामिल रहीं.
इसके अलावा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की वार्षिक रिपोर्ट और और पत्रकार रवीश कुमार का “मधुमेह की एक कथित दवा का प्रचार करते हुए” सोशल मीडिया पर वायरल डीपफेक वीडियो भी इस हफ्ते चर्चा में बना रहा.
इस हफ्ते चर्चा में अंतरराष्ट्रीय मामलों की जानकार स्मिता शर्मा और स्वतंत्र पत्रकार महेश चौधरी ने हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा चर्चा में शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा के प्रमुख विषय चक्रवाती तूफान मिगजौम के कारण चेन्नई में बाढ़ आने और उससे लोगों के प्रभावित होने को लेकर अतुल सवाल करते हैं, “पिछले कुछ सालों में आपदाओं के आने का संकेत देने वाले अर्ली वार्निंग सिस्टम में सुधार हुआ है, जिसकी वजह से हताहतों की तादाद में भी कमी आई है. लेकिन जलवायु परिवर्तन के कारण पहले के मुकाबले अब चक्रवाती तूफानों के आने की संख्या बढ़ गई है. चेन्नई में 2015 के बाद से यह चौथी बार है, जब बाढ़ आई है, जिसमें 40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. सवाल है कि बार-बार चेन्नई में क्यों बाढ़ आ रही है?”
इसके जवाब में स्मिता शर्मा कहती हैं, “यह सही बात है कि भारत के अर्ली वार्निंग सिस्टम में सुधार हुआ है. लेकिन इससे बचने की चुनौती अभी भी बरकरार है. हम लगातार शहरों में विकास के नाम पर निर्माण देख रहे हैं. लेकिन भारत के जलवायु संकट के साथ-साथ अभी भी हम अपने शहरों को आपदा को लेकर सक्रिय नहीं कर पा हो रहे हैं. इस पर राजनीतिक जवाबदेही की बहुत जरूरत है.”
इस मुद्दे पर महेश चौधरी कहते हैं, “अगर कोई औद्योगीकरण भारत के बीच में हो रहा है तो उसका प्रभाव उसके तटीय क्षेत्रों पर भी पड़ रहा है. साथ ही, स्थानीय विकास के तौर पर हमारी शहर बसाने की योजना और कार्यान्वयन हमारी जरूरतों के अनुसार से अभी भी कई वर्षों पीछे है. अवैध तरीके से कई चीजों का निर्माण किया जाता है. जिसके कारण सही वार्निंग सिस्टम होने के बावजूद भी हम शहरों में उसका तरीके से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.”
सुनिए पूरी चर्चा.
टाइम कोड्स
00 - 4:18 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
04:19 - 20:30 - सुर्खियां
20:31 - 32:30 -चक्रवाती तूफान मिगजौम के कारण चेन्नई में बाढ़
32:32 - 59:25 - श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या
59:26 - पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे: कौन बनेगा मुख्यमंत्री?
01:18:45 - सलाह और सुझाव
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इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय विपक्षी नेताओं समेत पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं के आईफोन पर एप्पल द्वारा भेजा गया हैकिंग अलर्ट का संदेश एवं इसके बाद शुरू हुआ राजनीतिक विवाद और आबकारी नीति से जुड़े मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को समन और उनका 2 नवंबर को पेश नहीं होना आदि रहे.
हफ्ते की अन्य सुर्खियों में 2017 में लागू हुई इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ द्वारा फैसला सुरक्षित रखना और आईआईटी बीएचयू की छात्रा के साथ बदसलूकी कर उसका वीडियो बनाया जाना आदि मुद्दे भी शामिल रहे.
इसके अलावा भारत में सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, अक्टूबर महीने में बेरोजगारी दर पिछले दो वर्षों के मुकाबले और ज्यादा बढ़ी, एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से ईडी की छापेमारी और जहरीली होती जा रही दिल्ली की हवा आदि मुद्दों ने भी हफ्तेभर तक लोगों का ध्यान खींचा.
वहीं, केरल में कन्वेंशन सेंटर में ईसाई समुदाय की प्रार्थना सभा के दौरान हुए ब्लास्ट में तीन लोगों की मौत और तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की गुरुवार को लोकसभा की आचार समिति में पेशी के दौरान हुआ हंगामा आदि मुद्दे भी सुर्खियों में छाए रहे.
इस हफ्ते चर्चा में साइबर कानून विशेषज्ञ पवन दुग्गल ने हिस्सा लिया. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से मुख्य संपादक रमन किरपाल, स्तंभकार आनंद वर्धन और हृदयेश जोशी शामिल रहे. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.चर्चा के प्रमुख विषय आईफोन में हैकिंग अलर्ट को लेकर अतुल मेहमानों से सवाल करते हैं, “क्या सिर्फ विपक्ष के फोन पर अलर्ट आना और उनका केंद्र सरकार पर जासूसी करने का आरोप लगाना सही है? या फिर यह किसी बड़े संशय या संदेह की तरफ इशारा है कि ऐसा हो सकता है?”
इसके जवाब में पवन दुग्गल कहते हैं, “यह लोगों की एक गलत धारणा है कि जिस एप्पल के फोन वो खरीद कर इस्तेमाल कर रहे हैं वो पूरी तरह से सुरक्षित है क्योंकि दुनिया भर में कोई भी ऐसा फोन आजतक निर्मित ही नहीं हुआ है, जो पूरी तरह से हैकिंग प्रूफ हो या जिसे हैक न किया जा सके. इतना जरूर है कि एप्पल का फोन एंड्रॉयड के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है. साथ ही एप्पल कंपनी भी अपने उपभोक्ताओं की निजता का सम्मान करती है और उसे सुरक्षित रखने के प्रयास में कुछ ठोस कदम उठाती है.”
वे आगे कहते हैं, “एप्पल ने हाल ही में भारतीय सहित 150 देशों के उपभोक्ताओं को राज्य प्रायोजित हैकरों द्वारा निशाना बनाने को लेकर अलर्ट किया है. कंपनी का ये भी कहना था कि हो सकता है कि अलर्ट गलत हो या पूरी तरह से सही ना हो पर वो एक हिदायत जरूर दे रहे हैं ताकि उपभोक्ता सतर्क हो जाए.”
इसी मामले पर आनंद वर्धन कहते हैं, “इस मामले में भारत सरकार की (सीईआरटी-इन ) इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम द्वारा जांच शुरू कर दी गई है. भारत की एक ऐसी राजनीतिक संरचना है कि यह अपने नागरिकों के कई मामलों में दखलअंदाजी करने का अपना अधिकार कभी नहीं छोड़ेगा क्योंकि कई अन्य देशों सहित भारत भी एक सिक्योरिटी स्टेट है.”
हृदयेश जोशी कहते हैं, “इसके लिए समाज का एक हिस्सा भी जिम्मेदार है, जो बड़ी आसानी से ये कह देता है कि मेरे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है और यह सोचता है कि सरकार के खिलाफ बोलना गलत काम है. अधिकारों को बहुत ज्यादा त्यागने की प्रवृत्ति की कीमत चुकानी पड़ेगी. आज हमारी जो भी जानकारी इंटरनेट पर मौजूद है, वो सब असुरक्षित है. एक पत्रकार के तौर पर मैंने ये देखा है कि हर चीज में आत्मसमर्पण का जो भाव है, उसकी वजह से आज बहुत हद तक इंटरनेट पर हमारी सुरक्षा में सेंध लगी है.”
सुनिए पूरी चर्चा.
टाइम्स कोड्स
00 - 05:13 - इंट्रो और जरूरी सूचना
5:14 - 27:20 - इलेक्टोरल बॉन्ड
27:20 - 30:53 - सुर्खियां
30:54 - 1:13:00 - विपक्षी नेताओं के जासूसी के आरोप और निजता का अधिकार
1:13:00 - 1:24:35 - दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर ईडी की कार्रवाई
1:24:35 - सलाह और सुझाव
ट्रांसक्राइब: सत्येंद्र चौधुरी
प्रोड्यूसर: चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
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