न्याय समाचार by Scoot Legal Translation & Transcription Services

न्याय समाचार by Scoot Legal Translation & Transcription Services

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न्याय समाचार by Scoot Legal Translation & Transcription Services episodes

  • Priya Jain vs. State & Ors. 2025 DHC 6981 DB

    दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तराधिकार अधिनियम धारा 63 और साक्ष्य अधिनियम धारा 68 के आधार पर विवादित वसीयत को सही माना और अपीलें खारिज कीं। आइए समझते हैं विस्तार से! #DelhiHighCourt #IndianSuccessionAct #EvidenceAct #FamilyEstateDisputes #inheritancelaw

    21 min
  • Khem Singh (D) through LRs vs. Uttaranchal State & Another Etc. 2025 INSC 1024

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: अब पीड़ित के विधिक वारिस भी उसकी मृत्यु के बाद अपील जारी रख सकते हैं। यह निर्णय भारतीय न्याय प्रणाली में पीड़ितों के अधिकारों को सुदृढ़ करता है। #VictimsRights #AppealRights #CrPC #SupremeCourt #section372CrPC

    23 min
  • Tankadhar Tripathy vs. Dipali Das 2025 INSC 1017

    सर्वोच्च न्यायालय ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83 और चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 94-ए के तहत आवश्यकताओं की जांच की। अनिवार्य हलफनामों, भ्रष्ट प्रथाओं और भारतीय चुनाव कानून को आकार देने वाले सुधार योग्य दोषों पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्राप्त करें। #electionlaw #representationofpeople #supremecourt

    17 min
  • Palm Groves Cooperative Housing Soc. Ltd. vs. Magar Girme & Gaikwad Associates Etc. 2025 INSC 1023

    Palm Groves Cooperative Housing Soc. Ltd. vs. Magar Girme & Gaikwad Associates Etc. 2025 INSC 1023 - यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 और 2019 अधिनियम की प्रमुख धाराओं की व्याख्या करता है, जिससे भारत में उपभोक्ता मंचों के आदेशों को लागू करने का कानून स्पष्ट होता है। इसमें सेक्शन 25 की न्यायिक व्याख्या, ऐतिहासिक संशोधन और उपभोक्ताओं, हाउसिंग सोसाइटीज़ व बिल्डरों के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों में आई कमी को भी रेखांकित किया गया है। यह एपिसोड उपभोक्ता न्याय के लिए विधिक स्पष्टता का महत्व बताता है। #consumerprotectionact #supremecourt #indianlaw

    25 min
  • Saldanha Real Estate Pvt. Ltd. Vs. Bishop J. Rodrigues & Ors. 2025 INSC 1016

    सर्वोच्च न्यायालय का यह निर्णय महाराष्ट्र स्लम क्षेत्र (सुधार, निकासी और पुनर्विकास) अधिनियम, 1971, जिसे 2018 में संशोधित किया गया था, के तहत पुनर्विकास व्यवस्था की व्याख्या करता है। विश्लेषित प्रमुख वैधानिक प्रावधानों में अध्याय 1-A, धारा 3B (एसआर योजनाएँ), धारा 3C (एसआर क्षेत्र की घोषणा), धारा 3D, धारा 13 (स्वामी के अधिमान्य पुनर्विकास अधिकार), और धारा 14 (अधिग्रहण के लिए राज्य का अधिकार) शामिल हैं। यह मामला उचित प्रक्रिया, स्वामी के अधिकारों और स्लम पुनर्वास प्राधिकरण की भूमिका को स्पष्ट करता है।

    11 min
  • Neelam Kumari vs. State of Himachal Pradesh 2025 INSC 1013

    Neelam Kumari vs. State of Himachal Pradesh 2025 INSC 1013 में सुप्रीम कोर्ट ने धारा 302 IPC और धारा 313 CrPC के तहत अहम फैसला दिया! कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि मर्डर की सजा के लिए ठोस सबूत और परिस्थितियों की पूरी कड़ी जरूरी है, केवल अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्ति काफी नहीं। सुनिए कैसे कानून के तहत आरोपी को बरी कर दिया गया। #Section302 #CrPC313 #SupremeCourt #criminallaw

    9 min
  • Devendra Kumar vs. State (NCT Of Delhi) & anr. 2025 INSC 1009

    जानिए कैसे सुप्रीम कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 195 के तहत जाँच और संज्ञान के बीच के अंतर को स्पष्ट किया है, और कैसे धारा 186 आईपीसी के तहत लोक सेवकों की शिकायतों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। #section186IPC #supremecourt #Section195CrPC #criminallaw

    8 min
  • IN RE: "City Hounded by Stays, Kids pay price" 2025 INSC 1018

    ल्ली NCR के कुत्तों को सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत। कहा “जहाँ से उठाया, वही ले जाकर छोड़ो” - सुनिए और क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने। #straydogs #publicsafety #animalwelfare #supremecourt #latestjudgement

    9 min
  • Smt. Archana Patil vs. State of Karnataka (Karnataka High Court) Cr. Petition No. 12777/2024

    🚨 तत्कालीन फैसला 🚨 - Smt. Archana Patil vs. State of Karnataka (Karnataka High Court) Cr. Petition No. 12777/2024

    कर्नाटक उच्च न्यायालय का ऐतिहासिक निर्णय: POCSO अधिनियम लिंग-निष्पक्ष है! ⚖️

    बाल यौन अपराधों में लड़कों के भी उतने ही अधिकार हैं जितने लड़कियों के। अपराधी चाहे महिला हो या पुरुष, कानून बराबर लागू होगा।

    8 min
  • Abhinav Mohan Delkar vs. State of Maharashtra & Ors. 2025 INSC

    Abhinav Mohan Delkar vs. State of Maharashtra & Ors. 2025 INSC 990 इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि सिर्फ लगातार परेशान करना, अपमान या आरोप, जब तक कोई स्पष्ट और निकटवर्ती घटना न हो, धारा 306 IPC में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरणा नहीं मानी जा सकती। सुनिए केस के तथ्य और सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा 🎧 #section306IPC #abetmentofsuicide #supremecourt #judicialprecedent

    8 min

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