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कल्लू नट मामले के विश्लेषण में सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात की पुनः पुष्टि की कि इस तरह की Confessional FIR का उपयोग केवल बहुत सीमित तरीकों से किया जा सकता है - जैसे कि धारा 8 के तहत अभियुक्तों के आचरण को दिखाने के लिए, या साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 के तहत की गई खोजों के लिए - लेकिन अभियुक्तों को दोषी ठहराने या उनके अभियोजन का आधार बनाने के लिए इस पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
n the Supreme Court's analysis of the Kallu Nat case, it reaffirmed that such a confessional FIR can only be used in very limited ways, such as to show the conduct of the accused under Section 8, or for discoveries made under Section 27 of the Evidence Act, it but cannot be relied upon to convict the accused or form the basis of their prosecution.
जब प्यार में 'I promise to marry you' बोले मगर सामने जज बैठा हो, तो कहानी सीरियल से भी ज्यादा दिलचस्प हो जाती है! अमोल भगवान नेहुल साहब की मोहब्बत वाली कहानी, धारा 376 के साये में पहुंच गई, और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा।
ऐसा परिवारिक ड्रामा जहां मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाए? 🎤 पेश है: घनश्याम सोनी बनाम राज्य (दिल्ली सरकार) एवं अन्य, क्रिमिनल अपील संख्या 2894-2895/2025, जो 4 जून 2025 को न्यायमंडल जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और बी.वी. नागरथना द्वारा सुनाया गया।
इस केस में दहेज की मांग और घरेलू विवाद के बीच राजनैतिक खेल भी थे, लेकिन अंत में सुप्रीम कोर्ट ने न्याय के नाम पर FIR को खारिज कर दिया! पूरी कहानी सुनने के लिए ऑडियो प्ले करें।
जब सुप्रीम कोर्ट ने कहा - कारोबार सरकारी है, लेकिन नीयत नागरिक की होनी चाहिए। जानिए क्या हुआ गुजरात ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड बनाम ग्रीन इंफ्रा ; निर्णय दिनांक - 04 August, 2025
इस बार मुद्दा है Dilli ki hawa aur paani ka. जहां “Polluter Pays Principle” को कोर्ट ने spotlight में ला दिया। मामला: दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी बनाम लोधी प्रॉपर्टी कंपनी लिमिटेड।
Supreme Court ने 4 अगस्त 2025 को अपनी ताज़ा-तरीन judgment सुनाई — Civil Appeal Nos. 757-760 और 1977-2011 of 2013।
सुप्रीम कोर्ट से आई एक ऐसी कहानी, जिसमें ड्रामे की कमी नहीं—और कानून भी हो गया थोड़ा रंगीन! तो कान खोलकर सुनिए, क्योंकि ये मामला है श्री चंद्रा जोसेफ का, जो 2014 में आंध्र प्रदेश सड़क परिवहन निगम में बने थे बस ड्राइवर। सपनों पर ब्रेक तब लगा जब मेडिकल जांच में उन्हें रंगअंधता का टिकट पकड़ा दिया गया—मतलब, ‘लाल बत्ती’ दिख नहीं रही थी तो गाड़ी भी नहीं चलेगी! जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा इस मामले में।
Vishnu Vardhan @ Vishnu Pradhan versus State of Uttar Pradesh & Others! क्या है माजरा?
1997 में तीन दोस्त—Vishnu, Reddy और Sudhakar—ने NOIDA के Sector 18 में मिलकर खरीदी ज़मीन। पक्की दोस्ती, पर जैसे ही compensation और crores का सवाल आया, दोस्ती बन गई Bollywood की typical dushmani!
कल्पना कीजिए — एक बच्ची, जिसने अपने माता-पिता दोनों को एक सड़क हादसे में खो दिया, अब अदालत के दरवाजे पर इन्साफ की आस लगाए खड़ी है। सवाल बड़ा था –
क्या अपने ही पिता की गाड़ी में हुए हादसे में, विरासत में मिली जिम्मेदारी और मुआवज़े का हक, दोनों एक जगह मिल सकते हैं? शुरू करते हैं, सुप्रीम कोर्ट की ताज़ा कहानी 🎧⚖️
Who is PRAJWAL REVANNA and what is his case about? Listen to the audio to find out.
यह बॉम्बे उच्च न्यायालय के आपराधिक रिट याचिका संख्या 3257 ऑफ 2025 का निर्णय है। याचिकाकर्ता, फराह डीबा, अपनी एफआईआर को रद्द करने की मांग कर रही हैं, जिसमें उन पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप व्हाट्सएप समूह पर भारत विरोधी संदेश पोस्ट करने और प्रधानमंत्री तथा भारतीय सेना के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री साझा करने से संबंधित हैं।
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