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ये सिर्फ एक और केस नहीं है. ये वो फैसला है जिसने भारतीय सेना में भर्ती के लैंगिक अवरोध तोड़ दिए। 💪👩⚖️
जानिए कैसे अर्शनूर कौर बनाम भारत संघ (2025) में सुप्रीम कोर्ट ने मेरिट को जेंडर से ऊपर रखा, अप्रत्यक्ष भेदभाव को चुनौती दी, और JAG ब्रांच में सचमुच जेंडर-न्यूट्रल चयन की राह खोली। #IndianArmy #LandmarkJudgment
BSES Rajdhani Power Ltd. vs. Union of India 2025 INSC 937 इस मामले में सवाल था: विद्युत क्षेत्र में रेगुलेटरी एसेट कब, कितनी राशि और कितनी अवधि के लिए बनाए जा सकते हैं, और Regulatory Commissions को इसकी जल्दी वसूली (prompt recovery) कैसे सुनिश्चित करनी चाहिए, जिससे वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति व उपभोक्ता दोनों के हित सुरक्षित रहें? #BSES #regulatoryasset
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसला जहां साक्ष्य की कड़ी जांच और कानूनी सूझ-बूझ ने 3 लाख रुपए के संपत्ति विवाद की दिशा बदल दी
स्कूल की आधिकारिक रूप से जारी एक ट्रांसफर सर्टिफिकेट कहता है कि आरोपी की उम्र थी 16 साल, लेकिन ग्राम पंचायत के रजिस्टर, वोटर लिस्ट, और मेडिकल रिपोर्ट कहते हैं कि वो तब 22 साल का था! तो कौन सी दस्तावेज़ी सही? स्कूल के मुखिया का “मुँह से सुनाई” बयान या सरकारी कागज़ात? #juvenilejusticeact
नारायण यादव, एक सामान्य दूधवाला, खुद पहुंचा थाने, FIR दर्ज करवाई और कबूल कर बैठा पूरी वारदात, जो एक मामूली झगड़े से शुरू होकर हत्या तक जा पहुँची। मगर, सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया गया कि पुलिस को दिया गया ‘कबूलनामा’ यानी confessional FIR कानून में सबूत ही नहीं मानी जाएगी। न गवाही ठोस, न मेडिकल रिपोर्ट से सीधा कनेक्शन, न जुर्म साबित करने लायक और कोई साक्ष्य। हाई कोर्ट की धारा 300 की Exception 4 की दलील भी सुप्रीम कोर्ट ने नकार दी।सुनिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा #confessionalFIR के नाम पर। #supremecourt
जानिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले को जो Apeejay School की फीस बढ़ोतरी विवाद को सुलझाता है! #schoolfeehike #feedispute #supremecourt #schooleducation
आठ साल की कानूनी लड़ाई के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने अनिरुद्ध गोयल बनाम महाराष्ट्र मामले में शादी को असाध्य टूटन के आधार पर खत्म किया। फ्लैट का हस्तांतरण, भत्ते पर विवाद और सभी मुकदमे समाप्त! ऐसी ऐतिहासिक सुनवाई की ऑडियो अभी सुनें #divorcecase #familylaw #IrretrievableBreakdown #PropertySettlement
सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के एक मामले में 15 वर्षीय पीड़िता की विश्वसनीय गवाही के आधार पर आरोपी दीपक कुमार साहू की सजा बरकरार रखी। यह फैसला बताता है कि पीड़िता की स्पष्ट और सच्ची गवाही ही दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त हो सकती है, भले ही चिकित्सीय साक्ष्य कमज़ोर हों #supremecourt #POCSO #rapecase #survivorstatement
सबसे मज़ेदार प्रॉपर्टी जंग सुनने के लिए—सिन्सियर सिक्योरिटीज बनाम चंद्रकांत खेमका (2025 INSC 931)! करोड़ों का मामला, वकीलों के तगड़े तर्क, और ऐसी प्रॉपर्टी कि NCLT और सुप्रीम कोर्ट तक उलझ गए। मस्ती भरा कोर्टरूम ड्रामा सुनने के लिए प्ले दबाएँ!
सुनिए ओडिशा स्टेट फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन बनाम विज्ञान केमिकल इंडस्ट्रीज़, जहाँ छोटे से बिल ने 9 करोड़ रुपयों की कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया। #supremecourt
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