सावन के मौसम का मतलब है बारिश का मौसम और साथ ही त्यौहारों के मौसम की शुरुआत भी। पौराणिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि देवी पार्वती को 108 जन्मों की प्रतीक्षा के बाद पत्नी के रूप में भोले शंकर ने स्वीकार किया था और ये हुआ था तीज के दिन। यही वजह है कि इसे महिलाएँ काफ़ी हर्षोल्लास के साथ ये त्यौहार मनाती हैं। इस बार कोविड के बाद क्या है तीज की तैयारी, ये जानने के लिए रेडियो सबरंग की दीपिका वाल्दिया ने बात की एलएनएस क्लब अपराजिता की प्रेसिडेंट प्रीति जैन, वाइस प्रेसिडेंट मीनाक्षी पांडे और रीजनल कन्वेनर जॉली जैन से-