वो परछाई जिसकी छाँव में ज़िंदग़ी की कड़ी से कड़ी धूप तीखी न लगे, जिसकी गोदी में घर से बाहर दुनिया की पहली झलक मिली हो और जिसकी उंगली पकड़कर लंबे से लंबा या मुश्किल रास्ता आसानी से तय हो सके। ऐसे सभी फ़ादर्स का डेडिकेटेड है हमारा ये फ़ादर्स डे स्पेशल एपिसोड। तो आज के इस एपिसोड में सुनिए तीन ख़ास कहानियाँ। एक ऐसे फ़ादर जो स्पेशल चाइल्ड की देखभाल कर रहे हैं, मिलेंगे एक ऐसे परिवार से जिसमें तीन पीढ़ियाँ हैं यानी पिता और बच्चों की दो जोड़ियाँ और अंत में एक ऐसे फ़ादर से जो कपड़े प्रेस करके और गाड़ी धोकर अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने की कोशिश कर रहे हैं।