जय देव जय देव जय मंगल मूर्ति, दर्शनमात्र मन कामना पूर्ति... की गूँज इन दिनों आपको जगह-जगह सुनाई दे रही होगी। गणेश चतुर्थी के साथ ही गणेश उत्सव की शुरुआत हो जाती है। महाराष्ट्र राज्य में इसकी ख़ास तौर पर धूमधाम रही है। इसमें 10 दिन का त्यौहार उत्साह के साथ मनाया जाता है, लोग गणपति का घरों में स्वागत करते हैं। इस तरह बड़े-बड़े पंडाल लगाकर गणेश उत्सव मनाने की परंपरा कब से शुरू हुई है। इस बारे में रेडियो सबरंग की रंजीता गुप्ता ने बात की है इतिहास की अध्यापिका सुनीता त्यागी से। मगर पहले मिलते हैं विद्या गोलेसर से, जो काफ़ी समय से दिल्ली-एनसीआर में भी धूमधाम से ये त्यौहार मनाती आ रही हैं। रेडियो सबरंग की लोपामुद्रा दुबे ने उनसे बात की-