देश-दुनिया में आपने तरह-तरह के पंडालों के बारे में सुना, पढ़ा-देखा होगा। इस समय हम-आप भी माँ का आशीर्वाद लेने उन पंडालों में जाते हैं, माँ की पूजा-आराधना करते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि माँ दुर्गा की जो मूर्ति इन पंडालों में लाई जाती है, उसे बनाने में वेश्यालय की मिट्टी मिलाने की एक परंपरा रही है। इंदिरापुरम् के शिप्रा सनसिटी में भी दुर्गा-पूजा की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। इन्हीं तैयारियों के बीच हमारी साथी लोपामुद्रा दुबे ने बात की शरदोत्सव की आयोजन करने वाली समिति बॉन्गोतोरु के शुवेन्दु मजुमदार से-