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June 06, 2021रूसी लघुकथा: 'एकदम दादाजी जैसा' (एंटेन चेखव) स्वर: मदन लाल 'मधु'आनुवंशिक गुणों से बचना बड़ा मुश्किल है !13 minPlay
June 06, 2021लघुकथा : 'कसौटी' (सुकेश साहनी) स्वर: मदन लाल 'मधु'सुप्रसिद्ध लघुकथा-कसौटी (सुकेश साहनी)5 minPlay
June 05, 2021लघुकथा: 'यात्रा में लड़कियाँ' (बलराम अग्रवाल) स्वर: मदन लाल 'मधु'यात्रा में लड़कियाँ (बलराम अग्रवाल)6 minPlay
June 05, 2021लघुकथा: 'फ़ुहार' (कमल चोपड़ा) स्वर: मदन लाल 'मधु'बाल-हृदय निर्लेप, निर्द्वन्द्व और निश्छल होता है। वे किसी धर्म, जाति, वर्ग, रीति-नीति या उपासना पद्धति में भेदभाव नहीं करते !5 minPlay
June 04, 2021कहानी: "ब्याह उसकी गुड़िया का" (कमलेश कुमारी 'पद्मांजलि') स्वर: मदन लाल 'मधु'शारीरिक एवम् मानसिक परिपक्वता से पूर्व परिणय-बंधन में बांधकर माता-पिता अपने कर्तव्य की इतिश्री मानकर अपनी बच्चियों के साथ शायद न्याय नहीं कर पाते हैं!20 minPlay
June 04, 2021कहानी: इंतज़ार (अब्दुल रशीद पठान) स्वर : मदन लालकामयाबी के 'शिखर' पर तक पहुंच कर हमारी गर्दन इतनी भी ऊँची न हो, कि माँ का हाथ बेटे के सिर तक न पहुंच पाए ! ऐसा ही कुछ कहती है कहानी- इंतज़ार।11 minPlay
June 03, 2021कहानी : 'पिलूरे' (रामकुमार आत्रेय) स्वर : मदन लाल 'मधु'आर्थिक बदहाली के कारण 'देह-व्यापार' के धंधे को विवश लड़कियों की मार्मिक कथा, हम सबको सोचने को विवश करती हैं!20 minPlay
June 03, 2021लघुकथा: परित्यक्ता (अनघा जोगलेकर)जीवन-मूल्यों की लघुकथाएं ...जीने का तरीका सिखाती हैं!4 minPlay
June 02, 2021लघुकथा: 'माँ का फ़र्ज' (अपराजिता अनामिका)जीवन-मूल्यों की लघुकथाएं, मनोबल बढ़ाने का काम करती हैं।7 minPlay
June 01, 2021गुरूदक्षिणा : (भारती पंडित)कुछ मसले ऐसे होते हैं, जो समझौते के लायक नहीं होते ! उनकी गरिमा रहनी ही चाहिए।7 minPlay