The Rudraksha seeds hold a very significant place in India's Cultural and Spiritual traditions. The Rudraksha seeds are worn mainly by Holy men and hermits but other every day kind of people also wear them around the neck or as a bracelet. The ... (रुद्राक्ष अर्थात रूद्र (भोले) की आँखों से गिरी बूँद, जो वृक्ष के रूप में विकसित हुई. भारतीय धर्म व अध्यात्म में रुद्राक्ष का बहुत महत्व है और इसे बहुत पवित्र माना जाता है. ये धारण करने वाले व्यक्ति को नकारात्मक और हानिकारक ऊर्जा से बचाता है. रुद्राक्ष, अखरोट की तरह फल का बीज है जिसका महत्व इस पर उपस्थित स्पष्ट फलकों के आधार पर सुनिश्चित किया गया है. इसकी पैदावार समुद्र तल से लगभग दो हजार मीटर तक की ऊंचाई वाले पर्वतीय व पठारी क्षेत्रों में होती है. रुद्राक्ष के वृक्ष 3 - 4 साल में फल देने लगते हैं. रुद्राक्ष का प्रयोग जप व धारण करने में किया जाता है. रुद्राक्ष को मुख्य रूप से स्व उर्जा क्षरण ( Self Energy Erosion) या अपव्यय ( wastage) को रोकने व विषम उर्जा ( Undulated Energy ) ) के संपर्क में आने पर उस उर्जा से टकराव के फलस्वरूप मानव शरीर में उत्पन्न होने वाले दोषों जैसे व्यग्रता, उत्तेजना, घबराहट से बचाव के लिए, धारण किया जाता है. रुद्राक्ष व्यक्ति के चारों तरफ अदृश्य उर्जा आवरण (cocoon) बना देता है. जिससे व्यक्ति प्रत्यक्ष रूप से नकारात्मक या विषम उर्जा के संपर्क में नहीं आ पाता.. लेख : विजय जयाड़ा प्रस्तुतकर्ता : कुमुद मिरानी )