पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी से एक छोटी की प्रेरक कहानी सुने जहाँ एक बाबा जी किसी दूकान में जाकर दूकान वाले से पूछते हैं की उसके वहां एक-एक डिब्बे में क्या है। वो बताता रहता है, लेकिन एक डिब्बे के बारे में उसने कहा की इसमें श्री कृष्ण हैं। बाबाजी आश्चर्य चकित हो गए और उसका रहस्य पूछा। उसने कहा की वो खाली है, लेकिन हम लोग डिब्बे का खाली नहीं कहते हैं, बल्कि उसमे श्री कृष्ण हैं। इस वाक्य से बाबाजी की आँख खुल गयी और उनको अपने गुरुजनों के वो वाक्य याद आये की अपना मन भी जब खाली हो जाता है तब ही मन में प्रभु के दर्शन होते हैं।