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पू स्वामिनी अमितानन्द जी यहाँ एक ज्ञान वर्धक कहानी सुना रही हैं। व्यक्ति के पुराने संस्कारों की जड़ें बहुत गहरी होती हैं। एक भिकारी की लॉटरी खुलने के कारण यद्यपि वो बहुत आमिर हो गया था लेकिन इस मजेदार कहानी में आप देखेंगे की तब भी परिस्थिति आने पर उसके अंदर का भिकारी कैसे जग जाता है।
पू स्वामिनी समतानन्द जी से एक सुन्दर एवं ज्ञानवर्धक कहानी सुने - जिसमे वे एक होटल की घटना के माध्यम से बता रही हैं की पीड़ा एवं पीड़ा का अभाव वस्तुतः हमारी मानसिक संतुलन पर निर्भर करता है जिसके कारण हम लोग विवेकपूर्ण क्रिया करते हैं अथवा अविचार युक्त प्रतिक्रिया।
पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी इस प्रेरक कहानी के अंक में छान्दोग्य उपनिषद् के अंतर्गत प्राप्त एक महान ब्रह्म-ज्ञानी की कथा सुना रही हैं। उन महान ब्रह्म-ज्ञानी का नाम रैक्व था।
पू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक पौराणिक एवं इतिहासिक ख्याति के एक प्रसिद्ध महापुरुष - महर्षि दधीचि की कहानी सुनिए।
पू स्वामिनी समतानन्द जी से एक पौराणिक प्रेरक कहानी सुनिए - जिसमे समुद्र मंथन की वे कथा सुना रही हैं। उसमे भी विशेष रूप से जब मंथन से सबसे पहले हलाहल विष निकलता है तो सब डर ही नहीं जाते हैं बल्कि भागने भी लगते हैं। यह विष इतना भयंकर था की वह पूरी दुनियाँ को समाप्त करके का सामर्थ्य रखता था। ऐसे में जगत-उद्धार हेतु शिवजी ही सबके लिए एक मात्र विकल्प की तरह से ज्ञात होते हैं। यहाँ शिवजी का चरित्र विशेष रूप से दृष्टव्य है की कैसे वे जगत कल्याण के लिए ह्रदय से प्रेरित थे।
आज की प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी एक ऐसे बेशकीमती खजाने के बारे में बता रही हैं - जो है तो सबके पास लेकिन अज्ञानवशात लोग इसके लाभ से वंचित है। वो क्या है? यह आप इस कहानी में स्वयं पू स्वामिनीजी से सुनिए।
आज की प्रेरक कहानी में पू स्वामिनी अमितानन्द जी यह बता रही हैं की जब व्यक्ति मृत्यु का डर समाप्त कर देता है तब उसके अंदर एक विशिष्ट जूनून उत्पन्न हो जाता है, और वो जीने का अंदाज़ सफलता का द्वार बन जाता है।
पू स्वामिनी समतानन्द जी एक सत्य और प्रेरक घटना का प्रसंग सुना रही हैं, जहाँ एक युवक समुद्र तट पर बैठे एक व्यक्ति, जो की गीता पढ़ रहा था, कहता है की आज के आधुनिक युग में वो गीता आदि ग्रन्थ क्यों पढ़ रहा है। पूछने पर उसने बड़े स्वाभिमान से बताया की वो विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र को ज्वाइन कर रहा है। बाद में पता चला की वो व्यक्ति खुद विक्रम साराभाई खुद थे। उस युवक को आश्चर्य ही नहीं लेकिन अपार संकोच हुआ की अपने अभिमान और दुराग्रह के कारण उसने किस्से क्या कह दिया। लेकिन इसी से उस दिन के बाद उसके अंदर गीता के प्रति अपार श्रद्धा और जिज्ञासा हो गयी। वो युवक आगे चल के देश का महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम बना। एक सत्य और प्रेरक घटना का प्रसंग सुना रही हैं, जहाँ एक युवक समुद्र तट पर बैठे एक व्यक्ति, जो की गीता पढ़ रहा था, कहता है की आज के आधुनिक युग में वो गीता आदि ग्रन्थ क्यों पढ़ रहा है। पूछने पर उसने बड़े स्वाभिमान से बताया की वो विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र को ज्वाइन कर रहा है। बाद में पता चला की वो व्यक्ति खुद विक्रम साराभाई खुद थे। उस युवक को आश्चर्य ही नहीं लेकिन अपार संकोच हुआ की अपने अभिमान और दुराग्रह के कारण उसने किस्से क्या कह दिया। लेकिन इसी से उस दिन के बाद उसके अंदर गीता के प्रति अपार श्रद्धा और जिज्ञासा हो गयी। वो युवक आगे चल के देश का महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम बना।
पू स्वामिनी पूर्णानन्द जी हनुमान जी की एक कथा सुना रही हैं जहाँ सीताजी के द्वारा दी गई एक मोती की माला के एक-एक मोती हनुमानजी तोड़-तोड़ के देख रहे थे। भगवती सीताजी ने जब उनसे पुछा की वे यह क्या कर रहे हैं - तो वे बड़ी मासूमियत से कहते हैं की हम अपने रामजी को ढूंढ रहे हैं। हनुमानजी मानो समस्त जीवों की चेष्टाओं का संकेत करते हैं की सभी जीव भी अनजाने में अपनी सभी अनुभूतियों में आनंद-स्वरुप रामजी को ही ढूंढ रहे हैं।
पू स्वामिनी अमितानन्द जी से एक सुन्दर और प्रेरक कहानी सुनिए जहाँ पर एक गधा अपने पीड़ाओं से मुक्ति के चक्कर में पास के एक घने जंगल के अंदर प्रवेश कर जाता है गया,और फिर लौटने की प्रेरणा न होने के कारण आगे बढ़ता चला गया, और ईश्वर इच्छा से वो जंगल के पार एक दूसरे गांव में पहुँच जाता है जहाँ पर अच्छे लोग रहते थे और फिर वो वहीँ रह गया। यद्यपि उसके अपने गांव में पहले तो चर्चा हुई फिर लोगों ने बोलै अच्छा ही हुआ की वो अपने दुष्ट स्वामी से मुक्त हो गया। थोड़े दिन बाद कुछ कुत्तों ने भी गधे के रस्ते पर चलने का विचार किया और फिर धीरे-धीरे दूसरे जानवर भी चले गए। उसके बाद उस रस्ते को दूसरे गांव वालों ने ढूंढा और पता चला की इससे भी छोटा और सीधा रास्ता। कहानी का सन्देश यह है की यद्यपि सहस करके समाधान ढूढने से रास्ता तो मिल जाता है लेकिन अगर बुद्धिमानों का मार्ग निर्देशन प्राप्त हो जाये तो यात्रा और सुलभ हो जाती है।
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