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हिंदू पौराणिक कथा कहानियाँ: ऐसी कथायें और कहानियाँ जो आपको दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म, हिन्दू धर्म, जिसे 'सनातन धर्म' भी कहा जाता है, के बारे में विस्तार से जानकारी देंगीं। एक धर्म जो 'संसार (जीवन,... more
FAQs about हिंदू पौराणिक कथा कहानियाँ:How many episodes does हिंदू पौराणिक कथा कहानियाँ have?The podcast currently has 26 episodes available.
October 04, 2022कौन हैं माँ सिद्धिदात्री? नवरात्रि के नौवे दिन इनकी पूजा अर्चना क्यों की जाती है?माँ दुर्गाजी की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री हैं। ये सभी प्रकार की सिद्धियों को देनेवाली हैं। नवरात्रि- पूजन के नौवें दिन इनकी उपासना की जाती है। नव दुर्गाओं में माँ सिद्धिदात्री अंतिम हैं। माँ सिद्धिदात्री की उपासना का मंत्र इस प्रकार है: या देवी सर्वभूतेषुमां सिद्धिदात्री रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। आइये जानते हैं नवरात्रि के नौवे दिन माँ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना क्यों की जाती है?...more4minPlay
October 03, 2022कौन हैं माँ महागौरी? नवरात्रि के आठवे दिन इनकी पूजा अर्चना क्यों की जाती है?नवरात्रि में आठवें दिन महागौरी शक्ति की पूजा की जाती है। नाम से प्रकट है कि इनका रूप पूर्णतः गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अमोघ फलदायिनी हैं मां महागौरी । आइये जानते हैं नवरात्रि के आठवे दिन मां महागौरी की पूजा अर्चना क्यों की जाती है?...more3minPlay
October 03, 2022कौन हैं माँ कालरात्रि? नवरात्रि के सातवे दिन इनकी पूजा अर्चना क्यों की जाती है?नवरात्रि के सातवें दिन यानी महासप्तमी को माता कालरात्रि की पूजा की जाती है। जैसा उनका नाम है, वैसा ही उनका रूप है। खुले बालों में अमावस की रात से भी काली, मां कालरात्रि की छवि देखकर ही भूत-प्रेत भाग जाते हैं। मां का वर्ण काला है। मां कालरात्रि की उपासना का मंत्र इस प्रकार है: एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता। लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥ वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा। वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥ आइये जानते हैं नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना क्यों की जाती है?...more4minPlay
October 01, 2022कौन हैं माँ कात्यायनी? नवरात्रि के छठे दिन इनकी पूजा अर्चना क्यों की जाती है?नवरात्रि में छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इनकी उपासना और आराधना से भक्तों को बड़ी आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। उसके रोग, शोक, संताप और भय नष्ट हो जाते हैं। जन्मों के समस्त पाप भी नष्ट हो जाते हैं। मां दुर्गा की छठवीं शक्ति कात्यायनी की उपासना करने से परम पद की प्राप्ति होती है।मां कात्यायनी की उपासना का मंत्र इस प्रकार है:चंद्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी॥आइये जानते हैं नवरात्र के छठे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?...more3minPlay
September 30, 2022कौन हैं माँ स्कंदमाता और नवरात्र के पांचवे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?नवरात्रि के पंचम दिन मां दुर्गा के स्कंद माता स्वरूप की पूजा की जाती है। स्कंद माता का रूप सौंदर्य अद्वितिय आभा लिए शुभ्र वर्ण का होता है। वात्सल्य की मूर्ति हैं स्कंद माता। मान्यता अनुसार संतान प्राप्ति हेतु मां स्कंद माता की पूजा की जाती है। पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं स्कंद माता ही हैं। कहते हैं कि इनकी कृपा से मूढ़ भी ज्ञानी हो जाता है। मां स्कंद माता की उपासना का मंत्र इस प्रकार है: सिंहासनगता नित्यं पद्माश्रितकरद्वया। शुभदास्तु सदा देवी स्कंदमाता यशस्विनी॥ आइये जानते हैं माँ स्कंदमाता की कथा के बारे में।...more3minPlay
September 28, 2022कौन हैं माँ कुष्मांडा और नवरात्र के चौथे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?नवरात्रि में चौथे दिन देवी को कुष्मांडा के रूप में पूजा जाता है। अपनी मंद-मंद, हल्की हंसी के द्वारा ब्रह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा नाम से अभिहित किया गया है।मां कुष्मांडाकी उपासना का मंत्र इस प्रकार है:सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।दधाना हस्तपद्माभ्यांकुष्मांडा शुभदास्तुमे।आइये जानते हैं नवरात्र के चौथे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?...more3minPlay
September 26, 2022माँ चंद्रघंटा की कथा II नवरात्र के तीसरे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?नवरात्रित के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा स्वररूप की पूजा होती है। चन्द्रघंटा देवी का स्वरूप तपे हुए स्वर्ण के समान कांतिमय है, चेहरा शांत एवं सौम्य है और मुख पर सूर्यमंडल की आभा छटक रही होती है। माता के सिर पर अर्ध चंद्रमा मंदिर के घंटे के आकार में सुशोभित हो रहा है जिसके कारण देवी का नाम चन्द्रघंटा हो गया है। मां चंद्रघंटा की उपासना का मंत्र इस प्रकार है:पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता। प्रसादं तनुते मह्यंचंद्रघण्टेति विश्रुता॥ आइये जानते हैं नवरात्र के तीसरे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?...more4minPlay
September 26, 2022माँ ब्रह्मचारिणी की कथा II नवरात्र के दूसरे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?नवरात्रि के दूसरे दिन माँ दुर्गा के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। नवदुर्गा के दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से ज्ञान और वैराग्य की प्राप्ति होती है।माँ ब्रह्मचारिणी की उपासना का मंत्र इस प्रकार है:दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू।देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥आइये जानते हैं नवरात्र के दूसरे दिन क्यों की जाती है इनकी पूजा?...more4minPlay
September 25, 2022नवरात्र प्रथम दिन II माँ शैलपुत्री की कथानवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा की जाती है।मां शैलपुत्री की उपासना का मंत्र इस प्रकार है:वन्दे वांच्छितलाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम् । वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ।।आइए जानते हैं मां शैलपुत्री के बारे में......more3minPlay
September 06, 2022गणेश जी का एक दांत कैसे टूटा और उनका नाम एकदंत कैसे पड़ा?भगवान गणेश को एकदंत भी कहा जाता है क्योंकि उनका एक दांत टूटा हुआ है। उनका एक दांत कैसे टूटा , इसके सम्बन्ध में अनेक पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। आइये जानते हैं उनमे से कुछ प्रमुख कथाओं के बारे में।...more5minPlay
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