Kalam (Hindi Poetry)

Kalam (Hindi Poetry)

By Dr. Sudhanshu KumarArts
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Kalam (Hindi Poetry) episodes

  • गाँव छोड़कर हम बैठे

    आइये आज हम अपने सुखद अतीत में खो जायें। गाँवों में अतीत की भावनाओं की खुशबू को महसूस करें। गाँव से शहर की ओर जाने और विचार परिवर्तन से होने वाली समस्याओं उजागर करते हुए अतीत के आनन्ददायी पलों को भी याद करायेगी हमारी कविता "गाँव छोड़कर हम बैठे"।

    6 min
  • हृदय

    हृदय का रक्त से सम्बन्ध अन्योन्याश्रित है। रुधिर वायु और भोजन से समन्वय करके स्थूल काया की गतिविधियों को संचालित करता है तथा तन मन और जीवन का समन्वय प्राणिमात्र की गतिशीलता के लिए आवश्यक है। जीवन काया के साथ अनवरत प्रवाहमान बना रहे , इसी अवधारणा को व्यक्त करेगी हमारी नई कविता " हृदय "। यहाँ दिल के भाव पक्ष के बजाय उसके भावनाहीन पक्ष अर्थात यांत्रिक पक्ष को महत्व दिया गया है।

    5 min
  • भूख

    एक कहावत हम लोग अक्सर सुनते हैं "पेट न होता तो किसी का किसी से भेंट न होता"। भूख जीव के गतिशीलता का प्रमुख कारक है। प्राणिमात्र के सभी इन्द्रियों की चैतन्यता भूख में सन्निहित है। भूख की तीव्रता हमारे कार्य की प्रक्रिया को गतिमान करती है। ज्ञान की जिज्ञासा हो या शान की भूख, प्रेम की प्यास हो या भक्ति की आकांक्षा भूख ही समस्त क्रियाओं का केन्द्र है। भूख के इन्हीं आयामों से परिचित करायेगी हमरी कविता "भूख"।

    5 min
  • निवेदन

    मानव जीवन संघर्ष की गाथा बने। व्यक्ति नवल सृजन  खुद करे। उसे किसी बैसाखी की जरूरत महसूस न हो। उसके विचारों में सूक्ष्म सत्ता का आभास तो हो लेकिन वह उससे किसी भी दशा में याचना न करे। वह अपने भाग्य का विधाता खुद बने। इन्हीं भावों का अहसास कराएगी हमारी कविता " निवेदन "।

    5 min
  • नारी

    समष्टि में शक्ति निराकार है उसके अनेक साकार रूपों में नारी सर्व शक्तिमान है। ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योकि ईश्वर को भी मानव रूप में आसुरी शक्तियों का विनाश करने के लिए नारी शक्ति की उपासना करनी पड़ी। सृष्टि का सृजन भी नारी शक्ति के अभाव में असम्भव है। नारी जगत की समस्त रचनात्मक प्रक्रियाओं के केंद्र में है। नारी के अनेक रूपों का दर्शन करायेगी हमारी कविता " नारी "।

    4 min
  • अश्क (ऑंसू)

    माँ अपनी सन्तान के जीवन को सुखमय बनाने के लिए क्या कुछ नहीं करती। लेकिन उसकी ही सन्तान उसके प्राण के प्यासे हो जाय तो माँ का क्या हाल होगा। आज हम ऐसी ही दुख भरी कहानी के साथ प्रस्तुत हैं। आइए सुनते हैं माँ भारती के दुख को हमारी कविता "अश्क" से।

    6 min
  • राष्ट्रद्रोह

    राष्ट्रद्रोह जघन्य अपराध है। एक देशभक्त अपने प्राण भी देकर देश की रक्षा करता है। अगर कोई व्यक्ति दूसरे देश के साथ मिलकर अपने देश के साथ विश्वासघात करता है और अपने ही देश के लोगों के कत्ल के लिए पैसे का प्रबन्ध करता है, लोगों के आपसी सौहार्द को बिगाड़ता है, सामूहिक नरसंहार में अप्रत्यक्ष भूमिका निभाता है तो उसके लिए क्या दण्ड होना चाहिए? इसको हम न्यायालय पर छोड़ते हैं,लेकिन अपनी भावना के उफान को अपनी कविता "राष्ट्रद्रोह " के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।

    6 min
  • कश्मीर का शत्रुघ्न

    आतंकवाद किसी भी देश की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक, व्यापारिक और राजनीतिक गतिविधियों में गतिरोध पैदा करके उसकी रीढ़ रज्जु को तोड़ देता है। इसका अद्यतन उदाहरण हमारा केन्द्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर है। यहाँ के रक्तपात को रोकने से लेकर अमन और शांति के लिए जो प्रयास हमारे शत्रुध्न ने किया है उसका असर अब दिखने लगा है। आइए हमारी नयी कविता " कश्मीर का शत्रुघ्न " के माध्यम से उसकी वस्तु स्थिति को महसूस करते हैं।

    8 min
  • बुढ़ापे का दर्द

    जीवन के अन्तिम पड़ाव पर बृद्धावस्था की कहानी कह रही है हमारी नयी कविता " बुढ़ापे का दर्द "। बुढ़ापे में दैहिक,  दैविक और भौतिक कष्ट के साथ-साथ मानसिक तनाव सर्वाधिक पीड़ादायक होता है। इस समय व्यक्ति की काया के सभी अंग और अंगतंत्र शिथिल होते हुए इहलोक से परलोक की यात्रा की ओर इशारा करने लगते हैं। आइए इसी कहानी को सुनते हैं।

    5 min
  • कामना

    प्रेम शब्दों से व्यक्त नहीं हो सकता। भाव के स्तर पर हृदय से उत्पन्न मस्तिष्क से परे संवेदनाओं के स्पंदन का भावनाओं के रूप में स्फुरण प्रेम को प्रदर्शित करने का एक माध्यम हो सकता है पर प्रेम नहीं। एक प्राणी का दूसरे से प्रेम,  प्राणिमात्र का ईश्वर से प्रेम,  चेतन का जड़ से प्रेम आदि के प्रदर्शन के अनेक माध्यम हैं। उन्हीं माध्यमों में से एक माध्यम है " कामना "। आइए सुनते हैं हमारी कविता कामना और इसके माध्यम से प्रेम के पास पहुँचने का प्रयास करते हैं।

    5 min

About Kalam (Hindi Poetry)

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Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.