आतंकवाद किसी भी देश की सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, आर्थिक, व्यापारिक और राजनीतिक गतिविधियों में गतिरोध पैदा करके उसकी रीढ़ रज्जु को तोड़ देता है। इसका अद्यतन उदाहरण हमारा केन्द्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर है। यहाँ के रक्तपात को रोकने से लेकर अमन और शांति के लिए जो प्रयास हमारे शत्रुध्न ने किया है उसका असर अब दिखने लगा है। आइए हमारी नयी कविता " कश्मीर का शत्रुघ्न " के माध्यम से उसकी वस्तु स्थिति को महसूस करते हैं।