Kalam (Hindi Poetry)

Kalam (Hindi Poetry)

By Dr. Sudhanshu KumarArts
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Kalam (Hindi Poetry) episodes

  • कर्मरथी

    "कर्मरथी" कर्म के रथ पर सवार उन कर्मवीरों की गाथा है जो दिन-रात अपने काम में तल्लीन रहते हैं। उनके बच्चे और वे खुद भूखे प्यासे रहकर, अपने शरीर की परवाह किए बिना कर्म योग की धारा में गोता लगाते हुए गीता के संदेशों के वाहक हैं। आइये इन्हीं संदेशों को सुनते हैं, हमारी कविता " कर्मरथी " से।

    4 min
  • आशा

    आशा उस निराश्रित निर्धन की कहानी है जो हमारे देश के हर समाज में उपेक्षित हैं लेकिन किसी से कुछ माॅगने के बजाय अपने जीवन की न्यूनतम आवश्यकताओ की पूर्ति स्वयं करती हैं और जीवन जीने की आशा को प्रसन्नता के साथ बनाये रखती हैं। आशा भूख मिटाने के लिए संघर्ष की गाथा है। अपनी कठिनाइयों को कितनी सहजता से वह दूर करती हैं, इसे जानने के लिए आइये सुनते हैं हमारी कविता " आशा "।

    4 min
  • पेंशन का टेंशन

    सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन बृद्धावस्था में सुरक्षा कवच था। सरकार ने पेंशन बन्द कर दिया है। पेंशन न मिलने का तनाव कितना है? पेंशन विहीन कर्मचारियों की मनोदशा कैसी है? इसे महसूस करने के लिए हम एक नई कविता "पेंशन की टेंशन" प्रस्तुत कर रहे हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि पेंशन न मिलने का दर्द शासन तक अवश्य पहुँचेगा।

    4 min
  • श्रीराम

    भगवान श्रीराम के प्राकट्य दिवस रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ आज के हमारे इस एपीसोड में आप सभी का स्वागत है। आइये इस कविता के माध्यम से उनके द्वारा किए गए कार्यों और सन्देशों को आत्मसात करने की चेष्टा करतें हैं।

    4 min
  • बुनियाद

    जीवन बुनियाद के बिना नहीं चल सकता । जीवन जीने के लिए अनेक बुनियादों की आवश्यकता पड़ती है। सर्व प्रथम बुनियाद रोटी, कपड़ा और मकान है। इसके बाद शिक्षा जीवन की आधारभूत आवश्यकता है। जीवन के बुनियाद को समेटे हुए प्रस्तुत है हमारी कविया "बुनियाद"। 

    4 min
  • शहीद ए आज़म

    शहीद दिवस के इस कारुणिक पर्व पर हम समस्त सहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। आज इस पर्व पर शहीदे आजम के शान का सम्मान करते हुए हम हमारी कविता शहीद ए आजम प्रस्तुत कर रहे हैं।

    3 min
  • जोगीरा सर रर
    होली के अबीर और गुलाल में सराबोर कर देने वाली हमारी कविता जोगीरा सर र र आप के समक्ष प्रस्तुत है। आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनायें।
    3 min
  • कारनामों का दहन

    बुराई पर अच्छाई की जीत के इस पर्व पर प्रस्तुत है हमारी कविता " कारनामों का दहन " जिसमें मन के कुत्सित विकारों को भस्म करके मन पर विजय पाने की परिकल्पना की गई है।

    5 min
  • युद्ध

    युद्ध मानव जीवन के लिए अभिशाप है। इससे किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। यह राजनेताओं की व्यक्तिगत महत्त्वाकांक्षा का परिणाम है। इसकी विभीषिका आम जन को झेलनी पड़ती है। आइए आम जन की पीड़ा को व्यक्त करने वाली हमारी कविता "युद्ध" की विभीषिका को सुनकर महसूस करते हैं।

    4 min
  • लोकतंत्र का महापर्व

    उत्तर प्रदेश में इस समय चुनावी बयार बह रही है।  गलियों और चौराहों पर मतदाताओं में चर्चा का केन्द्र बिन्दु है किस क्षेत्र से किस पार्टी से किस जाति का प्रत्याशी खड़ा है। कहाॅ क्या बॅट रहा है,  कहाँ दावतें हो रही हैं। नेता जी व्यक्तिगत सभी लोगों से आशीर्वाद लेने के लिए सबसे मिल  रहे हैं। आइये इसी परिदृश्य का आनन्द लेते हैं हमारी कविता " लोकतंत्र का महापर्व " से।

    5 min

About Kalam (Hindi Poetry)

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Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.