Kalam (Hindi Poetry)

Kalam (Hindi Poetry)

By Dr. Sudhanshu KumarArts
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Kalam (Hindi Poetry) episodes

  • नियतता और परिवर्तन

    सामान्य अर्थों में हम नियतता और परिवर्तन को विपरीत अवधारणायें मानते हैं। इन अवधारणाओं पर अगर हम समग्र रूप से दृष्टिपात करें तो हमें ये एक दूसरे के पूरक लगते हैं। संसार सागर में सब कुछ नियत है, यहाँ तक कि परिवर्तन भी नियत है।

    5 min
  • वीणापाणि

    इस बसंती बयार में आइए हम लोग देवि सरस्वती को हमारी कविता " वीणापाणि " के माध्यम से याद करते हैं।

    4 min
  • माया की छाया

    भौतिक जगत माया की छाया है। इस छाया में जीवन के संचरण के लिए काया आधार है। काया के पोषण के लिए माया ने संसार सागर को पदार्थों से भर दिया। इन पदार्थों को पाने की लालसा व्यक्ति के चित्त में वृत्तियों के रूप में पैदा की। यही वृत्तियाँ हमें भौतिक जगत से जोड़ती हैं और आजीवन संसार सागर से हम कभी मुक्त नहीं हो पाते। हमारी दृष्टि में भौतिक पदार्थ माया की छाया है। व्यक्ति माया के प्रभाव से कैसे बच सकता है? आइए जानने के लिए सुनते हैं हमारी नई कविता माया की छाया।

    4 min
  • स्वाधीन

    आज गणतंत्र दिवस के पावन पर्व पर समस्त देशवासियों को बधाई और शुभकामना संदेश देने के लिए प्रस्तुत है हमारी कविता 'स्वाधीन '। पराधीनता से मुक्ति के लिए जिन स्वतंत्रता सेनानियों नें अपने प्राणों की आहुति दी उन सभी के लिए यह एक श्रद्धांजलि है।

    4 min
  • क्या करें शिक्षक

    आप ने यह कहावत अवश्य सुनी होगी। भइ गति साँप छछूंदर केरी। वही स्थिति आज सभी गुरुजनों की है। एक ही समय में उन्हें बच्चों को पढ़ाना है, वैक्सिनेशन करवाना है और राशन भी बटवाना है। वे कैसे कर पायेंगे इसे सोचने का समय किसी के पास नहीं है। इनमें से किसी एक काम में शिथिलता के कारण वे कामचोर समझे जाते हैं। चाहे उनका कोई व्यक्तिगत काम हो या उनके द्वारा किया गया काम हो सबकी उपेक्षा होती है। आइये इस व्यंग्य का आनंद लेते हुए विषय की गम्भीरता समझते हैं।

    6 min
  • शीतलहर में शिक्षक

    आज के कविता के माध्यम से हम जानेंगे कि शीतलहर लहर की स्थिति वर्तमान समय में कैसी है? और इस समय  में शिक्षकों के साथ शासन का रवैया कैसा है? आइये हमारे साथ इस व्यंग्य का आनंद लीजिए और हो सके तो शासन तक शिक्षकों की समस्याओं को अवश्य पहुँचाइये।

    5 min
  • प्रधान सेवक

    यह व्यंग्य हमारे छद्म नेता जी के अलग - अलग रूपों को उजागर करेगा। उनके गुणों और अवगुणों को शालीनता से प्रतिबिंबित करेगा। आइए हमारे साथ इस कविता का आनंद लीजिए।

    5 min
  • नित नूतन

    सभी श्रोताओ का नव वर्ष पर हम हार्दिक स्वागत वन्दन और अभिनन्दन करते है। ग्रामीण भारत में इस नये वर्ष की नूतनता किन किन प्राकृतिक पदार्थों में दृष्टिगत हो रही है। आइए हमारी नई कविता नित नूतन के माध्यम से उस पर दृष्टिपात करते हैं।

    5 min
  • पहरेदार

    देश के लिए पहरा देते देते वह सपत्नीक शहीद हुए। जल सीमा हो या थल सीमा अथवा वायु सीमा,  सभी सीमाओं को न केवल उन्होंने सुरक्षित कि अपितु सीमा पार जाकर भी दुश्मनों का संहार किया। वे हम सभी के लिए आज भी प्रेरणा श्रोत है। उन्ही की याद में लिखी गई कविता पहरेदार आप सभी के समक्ष प्रस्तुत है।

    5 min

About Kalam (Hindi Poetry)

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Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.