Kalam (Hindi Poetry)

Kalam (Hindi Poetry)

By Dr. Sudhanshu KumarArts
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Kalam (Hindi Poetry) episodes

  • भाग्य

    भाग्य कर्मों का का परिणाम है। हमारे कर्मों की गठरी भाग्य को आधार देती है। कभी कभी व्यक्ति कार्य करता है किन्तु उसे मन वांछित फल नहीं मिलता। उसे लगता है कि उसका भाग्य उससे रूठ गया है। लेकिन वास्तविकता कुछ और है। इसी वास्तविकता को प्रदर्शित करती हुई,  प्रस्तुत है हमारी नई कविता भाग्य  -------

    5 min
  • पावन परिणय

    क्षण में जीवन क्षण में अन्त

    क्षण में जग जीवन अनन्त।
    इस  क्षण भंगुर संसार में जीवन के प्रवाह को अनन्त काल तक बनाए रखने के लिए पावन परिणय एक सामाजिक संस्कार है। इस संस्थान के विभिन्न आयामों और उसके सहचरों को प्रस्तुत कविता पावन परिणय में प्रतिबिंबित करने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत है पावन परिणय की पंक्तियाँ

    4 min
  • जिन्दगी के प्लेट में

    प्राणिमात्र को जीवन जीने के लिए सकल पदारथ प्रकृति प्रदत्त है। हम इसका उपयोग करते हैं या उपभोग अथवा दुरुपयोग ये हमारी प्रवृत्ति पर निर्भर करता है। ईश्वर ने जो छप्पन भोग हम सबको भेंट किया है उसी पर आधारित आज की हमारी कविता है जिन्दगी के प्लेट में

    4 min
  • अपेक्षा

    एक पत्नी की पति से क्या अपेक्षा रहती है ? उस अपेक्षा की उपेक्षा होने पर अपने कष्ट को कैसे व्यक्त करती है?

    इस उपेक्षा के प्रतिरोध को हमारी कविता अपेक्षा में प्रेम और माधुर्य से दर्शाने का प्रयास किया गया है। प्रस्तुत है हमारी कविता अपेक्षा की पंक्तियाँ।

    4 min
  • जीवन धारा

    जीवन प्रवाह है और उसकी गतिशीलता प्रवाहिनी के समान है । जिस प्रकार सरिता को प्रवाह के लिए पृथ्वी के आधार की आवश्यकता पड़ती है उसी प्रकार जीवन के संचरण के लिए शरीर का आधार आवश्यक है। जीवन और मृत्यु का संसार में स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है। यह तो काया के जन्म और अन्त का प्रतिबिंब प्रस्तुत करता है।

    इन्हीं प्रतिबिंबों का दर्शन करायेगी हमारी कविता जीवन धारा।  प्रस्तुत है जीवन धारा की पंक्तियाँ

    5 min
  • अन्तस श्राव

    व्यक्ति के व्यक्तित्व का निर्माण उसके अन्स्तल में ही सन्निहित है। उसकी सोच जैसी होती है उसी के अनुसार उसके अन्दर ऊर्जा का संचार होता है। यह ऊर्जा उसके भौतिक और आध्यात्मिक जीवन का निर्माण करती है।

    जी हां आप का अनुमान सही है आज हमारी कविता की विषय वस्तु है endocrine gland का हम सबके जीवन पर प्रभाव। आशा ही नहीं हमें पूर्ण विश्वास है कि ये एपीसोड भी आप सभी को अवश्य पसन्द आयेगा। प्रस्तुत है हमारी कविता अन्तस श्राव की पंक्तियाँ।

    4 min
  • नौरात्र से अमावस्या तक

    आज विजय दशमी के अवसर पर मन में विचार आया कि कैसे संघर्ष करते हुए भगवान  श्री राम ने कैसे शक्ति की उपासना करके  रावण पर विजय प्राप्त की। आज हर व्यक्ति के मन में रावण बैठा हुआ है कैसे उसे अपने मन मंदिर  से दूर करें। इन्हीं भावों को समेटे हुए प्रस्तुत है हमारी कविता नौरात्र से अमावस्या तक। हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को अवश्य पसन्द आयेगी।

    6 min
  • प्रेम

    आज के कविता की विषय वस्तु है प्रेम।  इस जगत में प्रेम अनुभूति का विषय है किन्तु इस अनुभूति के लिए भी स्थूल हृदय आवश्यक है।  प्रेम और हृदय मिलकर संसार सागर में क्या रास लीला करते हैं। शरीर को इस लीला में आनंद आता है या पीड़ा होती है।  यह भी मृग मरीचिका के भ्रम जैसा है।  क्या प्रेम का स्वतंत्र अस्तित्व नहीं है? प्रेम को व्यक्त करने का क्या कोई और माध्यम हो सकता है? इन्ही अनबूझ प्रश्नों को समेटे हुए प्रस्तुत है हमारी कविता प्रेम।

    6 min
  • सुन्दरता

    आप सभी का इस शो मे स्वागत है। आज के कविता की विषय वस्तु है सुन्दरता।  इस जगत में सुन्दरता को स्थूल चर अथवा अचर सापेक्षता के साथ देखा जाता है। क्या सुन्दरता का निरपेक्ष अस्तित्व नहीं है? सुन्दर भाव को व्यक्त करने का क्या कोई और माध्यम हो सकता है? इन्ही अनबूझ प्रश्नों को समेटे हुए प्रस्तुत है हमारी कविता सुन्दरता।

    4 min
  • सुनहरा अवसर

    जीवन एक अनबूझ पहेली है हम इसे जितना सुलझाने का प्रयास करते हैं यह उतनी उलझती जाती है। किसी व्यक्ति के जीवन में कौन सा समय अच्छा है और कौन सा खराब इसी उधेड़बुन में जीवन अपनी गति से गतिमान रहता है। हमारे लिए कौन सा अवसर अच्छा है इसी बात को केन्द्र बिन्दु बनाकर लिखी गई हमारी कविता "सुनहरा अवसर" है। हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह आप सभी को यह भी पसन्द आयेगी। प्रस्तुत है पंक्तियाॅ।  

    5 min

About Kalam (Hindi Poetry)

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Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.