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यादें हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग हैं। हमारी खुशियां और गम कहीं न कहीं यादों से भी जुड़ी हैं। ये एपीसोड यादों को आधार बनाकर प्रस्तुत किया जा रहा है । कृपया पूरा एपीसोड जरूर सुनें । आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा।
मै सुधांशु आप सभी का इस पॉडकास्ट शो में स्वागत करता हूँ। पिछला एपीसोड सुनने और हमारा उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में बिटिया से पिता के सम्बंध के हृदयस्पर्शी भाव को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है।कविता में बेटियों को पिता की तरफ से सम्मान देने का प्रयास किया गया है। पूरा एपीसोड जरूर सुनें । आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा।
मै Sudhanshu Dubey, आप सभी का इस पॉडकास्ट शो में स्वागत करता हूँ। पिछला एपीसोड सुनने और हमारा उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में कर्म और भाग्य के अन्तर्सम्बध को विभिन्न दैहिक अनुभूतियों के द्वारा उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है। मन में मनोकामना का जन्म, कामना पूर्ण होने पर खुशी की अनुभूति और कामना पूर्ण न होने पर दुखी होना, यह मानव मन की स्वाभाविक वृत्ति है। इन्हीं सुखों और दुखों के बीच हमारा कर्म और भाग्य झूलता रहता है। प्रस्तुत कविता में मानव मन के इन्ही मनोविकारों को समेटने का प्रयास किया गया है। पूरा एपीसोड जरूर सुनें । आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा और पुनः आप हमारा उत्साहवर्धन करेंगे।
आप सभी श्रोताओं का हमारे इस शो में हार्दिक स्वागत है। आशा है हमारी यात्रा में आप अपना साथ बनाये रखेंगे। इस एपीसोड में रिमझिम वर्षा की नन्हीं बूॅदो से प्रकृति में धरती से अम्बर तक के परिवर्तन को महसूस करते हुए उसका बिम्ब प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
पिछला एपीसोड सुनने और हमें Follow करके उत्साहवर्धन करने के लिए आप सभी श्रोताओं को धन्यवाद । इस एपीसोड में परिवर्तन को अनिवार्य प्राकृतिक आवश्यकता मानते हुए उसके नियत रूप को उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है। कृपया पूरा एपीसोड जरूर सुनें। आशा है ये एपीसोड भी आप सभी को पसन्द आयेगा और पुनः आप हमारा उत्साहवर्धन करेंगे।
हम सभी श्रोताओं का स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन करते है तथा सहयोग देने के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। आशा है हमारा दूसरा एपिसोड "दीपमाला" के भाव पक्ष का आप आनंद लेंगे और हमे पुनः सहयोग देंगे। एक दिया समष्टि को कैसे प्रकाशित करता है इसी भावना को दीपमाला प्रेषित करती है। (Welcoming all the listeners and thank you for your support. Hope you will enjoy the second episode of 'Kalam', "Deepmala" and shower your support again. Deepmala sends the sentiment of how a lamp illuminates the whole world.)
प्रस्तुत कविता "परिंदे प्यार के" सैनिकों की वीरता और बलिदान के आधार पर लिखी गई है और शहीद सैनिकों को समर्पित है। (The presented poem "Parinde Pyaar Ke" is written on the basis of the valor and sacrifice of the soldiers and is dedicated to the martyred soldiers.)
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