Kalam (Hindi Poetry)

Kalam (Hindi Poetry)

By Dr. Sudhanshu KumarArts
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Kalam (Hindi Poetry) episodes

  • हिन्दी

    आज हिन्दी दिवस के शुभ अवसर पर हम, हमें अक्षरों का ज्ञान देने वाली देवि अक्षरा को साष्टांग प्रणाम करते हैं। इस दिन हम खरी बोली से प्रारंभ करके खड़ी बोली हिन्दी गद्य और पद्य के विकास के लिए भरतेन्दु युग को अवश्य याद करते हैं। इसके बाद लगातार हिन्दी साहित्य और व्याकरण का विकास होता रहा है और होता रहेगा।  भारत की स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात 14 सितंबर 1949 को हिन्दी भाषा को भारत के आधिकारिक भाषा के रूप में स्वीकार किया गया था। 14 सितंबर 1953 में हिन्दी दिवस मनाने की घोषणा तत्कालीन प्रधानमंत्री पं जवाहरलाल नेहरू ने की। आज शुभ कामना स्वरूप प्रस्तुत है हमारी कविता हिन्दी।  हमे पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को अवश्य पसंद आयेगी।

    5 min
  • मित्र

    सभी श्रोताओ का इस शो में हम स्वागत करते है। आज बचपन के मित्रों की यादें ताजा हो गईं। उन्हीं यादों की एक भाव प्रवण प्रस्तुति है हमारी कविता मित्र। उनके साथ खेलना कूदना लड़ना झगड़ना फिर सब भूलकर नई सुबह नई सुरुआत करना । मित्रों के इन्ही यादों को समेटे हुए प्रस्तुत है हमरी कविता मित्र। हमे पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    4 min
  • गुरु

    शिक्षक दिवस पर ज्ञान गंगा से भरी हुई पावन बेला में हम सभी गुरुजनों को शाष्टांग प्रणाम करते हैं। इस शुभ अवसर पर हम अपनी कविता गुरु को गुरुजनों को समर्पित करते हैं। इस कविता में गुरु की गुरुता का हॄद्स्पर्शी बिंब प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

    हमँ पूर्ण विश्वास है कि ये कविता भी आप के अन्तसतल को अवश्य स्पर्श करेगी। प्रस्तुत है गुरु की पंक्तियाँ।

    4 min
  • बधाई

    आप की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं हमारे अन्दर नई ऊर्जा का संचार करती हैं। आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मन में विचार आया कि कितनी विषम परिस्थित में मनमोहन मुरलीधर का जन्म हुआ। लेकिन उनका वसुधावतरण होते ही सारी प्रतिकूल परिस्थितियाॅ अनुकूल हो गयी। कैसे उन्होंने अपने कर्मों से अशुभ को शुभ कर दिया अर्थात प्राणियों के कर्म ही अशुभ को शुभ करते हैं। आज के इस पावन अवसर पर आप सभी को जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई के रूप मे प्रस्तुत है हमारी कविता बधाई। हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    4 min
  • अभिलाषा

    स्वतंत्रता दिवस के नव प्रभात पर सभी श्रोताओ का इस शो में हम स्वागत करते है। आज हम सभी इस अवसर पर अमर शहीदों के बलिदान को याद करके श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं । देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा को अक्षुण रखने के लिए सैनिकों के त्याग और तपस्या को भुलाया नहीं जा सकता । देश की सीमा पर पहरा देने वाला सैनिक मात्रिभूमि के लिए क्या सोचता है? इसी भावना की भावप्रवण प्रस्तुति है हमारी कविता अभिलाषा । हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    4 min
  • महादेव

    सभी श्रोताओ का इस शो में हम स्वागत करते है। सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद हम सभी को प्राप्त हो, इसी कामना के साथ हम एक बार फिर एक नई कविता '' हर हर महादेव'' के साथ प्रस्तुत हैं। हमें पूर्ण विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    4 min
  • कवि की पीड़ा

    सभी श्रोताओ का इस शो में हम हृदय से स्वागत करते है। कवि के जब संघर्ष के दिन होते हैं, उस समय वह लोगों को जव अपनी कवितयें सुनाता है तो उसे कई विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। इसके कारण उसे अत्यधिक पीड़ा होती है। कवि इस वेदना का कैसे सकारात्मक उपयोग करके अपनी रचना धर्मिता को बढ़ाता है । इसी  विषय वस्तु को केन्द्र बिन्दु बनाकर कवि की पीड़ा शीर्षक से यह कविता लिखी गई है। हमें विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    7 min
  • हरीतिमा

    सभी श्रोताओ का इस शो में हम हृदय से स्वागत करते है। पृथ्वी पर जीवन अनन्त काल तक बना रहे इसके लिए पौधों की हरियाली और पानी का संयोग आवश्यक है। इस कविता में हरीतिमा और जल का मानवीकरण किया गया है । पौधों में भोजन का निर्माण प्राणिमात्र के जीवन के लिए आवश्यक है । जीवन और जीव की अनन्तता वास्तव में क्लोरोफिल और पानी में निहित है। इन्हीं दोनों को आधार बनाकर हमारी कविता हरीतिमा लिखी गई है। हमें विश्वास है कि अन्य कविताओ की तरह ये भी आप सभी को पसन्द आयेगी।

    7 min
  • पानी

    यह वाक्य आप सभी अक्सर सुनते होंगे। जल ही जीवन है। यह सत्य भी है क्यों कि जल के अभाव में जीवन सम्भव नहीं है। लेकिन जल जहाँ जीवन का कारक है वहीं जीव के अपघटन के लिए भी उत्तरदायी है अर्थात जीव की मृत्यु और उसका पंच तत्वों में वापस विलीन होने का एक कारक पानी भी है। पृथ्वी पर पानी के अनेक रूप हैं। पानी सभी पदार्थों में अनेक रूपों में विद्यमान है । प्रस्तुत पंक्तियों में पानी के महत्व को उजागर करने का प्रयास किया गया है। हमें विश्वास है कि हमारी कविता पानी आप सभी को अवश्य पसंद आयेगी।

    5 min
  • कोरोना

    आप सभी का इस शो में स्वागत है। ये एपीसोड कोरोना महामारी के समय कुछ डाक्टरों के अमानवीय चरित्र को उजागर करने का प्रयास है। व्यक्तिगत रूप से आक्सीजन न मिलने का दर्द आप लोगों ने भी सहा होगा। पूरे परिदृश्य को व्यक्त करने का प्रयास किया गया है। हमें पूरा विश्वास है ये एपीसोड भी आप सभी को अवश्य पसंद आयेगा। टीकाकरण करना बहुत आवश्यक है, कृपया आप सभी इस कोरोना-जंग में जितना ज्यादा सोशल-डिस्टन्सिंग हो सके जरूर करिये और ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक चीज़े खाये। और हमारा निवेदन है कि अपने नजदीकी सेंटर से टीकाकरण अवश्य कराये।  

    8 min

About Kalam (Hindi Poetry)

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Presented podcasts will feature spoken lines of Hindi poems written and narrated by Dr. Sudhanshu Kumar. The episodes are a trial to reach out various sentiments and thoughts through words.