Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10

Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10

By Madhu TyagiEducation
Download on the App Store

Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10 episodes

  • Class 10, Dohe ( Bihari)
    बिहारी का जन्म 1595 में ग्वालियर में हुआ था। 1663 मंे इनका देहावसान हुआ।
    बिहारी मुख्य रूप से शृंगारपरक दोहों के लिए जाने जाते हैं, किंतु उन्होंने लोक-व्यवहार, नीति ज्ञान आदि विषयों पर भी लिखा है। संकलित दोहों में सभी प्रकार की छटाएँ हंै। बिहारी कम-से-कम शब्दों में अधिक-से-अधिक अर्थ भरने की कला में निपुण थे।
    5 min
  • Class 10, Path- Tatara Vamiro Katha
    तताँरा वामीरो कथा पाठ के लेखक लीलाधर मंडलोई जी हैं।
    1954 की जन्माष्टमी के दिन छिंदवाड़ा जिले के एक छोटे से गाँव गुढ़ी में जन्मे लीलाधर मंडलोई की शिक्षा-दीक्षा भोपाल और रायपुर में हुई। प्रस्तुत पाठ तताँरा-वामीरो कथा अंदमान निकोबार द्वीपसमूह के एक छोटे से द्वीप पर केंद्रित है। उक्त द्वीप में विद्वेष गहरी जड़ें जमा चुका था। उस विद्वेष को जड़ मूल से उखाड़ने के लिए एक युगल को आत्मबलिदान देना पड़ा था। उसी युगल वेफ बलिदान की कथा यहाँ बयान की गई है।
    8 min
  • Class 10, Path- Sapno Ke Se Din
    Cसपनोेें सेेे दिन के लेखक गुुुरदयाल सिंह हैं। इस कहानी माध्यम से लेखक ने यह संदेश दिया है कि स्कूली जीवन का प्रत्येक क्षण रचनात्मक कार्य मंे लगा होना चाहिए। विद्यालय जाना जाकर हर विषय का भरपूर ज्ञान पाना उनका एकमात्र लक्ष्य हो तथा खेल और मनोरंजन भी इस लक्ष्य के साथ जुड़े रहे ताकि छात्र विद्यालय मंे नीरसता का अनुभव न करें।
    8 min
  • Class 10. Path- Ab Kaha Doosre Ke Dukh Se ..........
    अब कहाँ दूसरे के दुख से दुखी होने वाले पाठ के लेखक निदा फाज़ली हैं।
    12 अक्तूबर 1938 को दिल्ली में जन्मे निदा फाज़्ाली का बचपन ग्वालियर में बीता।
    8 min
  • Class 10, Kavita Top
    5 अगस्त 1947 को उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले केकीर्तिनगर में जन्मे वीरेन डंगवाल ने आरंभिक शिक्षा नैनीताल में और उच्च शिक्षा इलाहाबाद में पाई। प्रस्तुत कविता हमें याद दिलाती है कि कभी ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में व्यापार करने के इरादे से आई थी।
    भारत ने उसका स्वागत ही किया था, लेकिन करते-कराते वह हमारी शासक बन बैठी।
    उसने कुछ बाग बनवाए तो कुछ तोपें भी तैयार कीं। उन तोपों ने इस देश को फिर से आज़्ााद कराने का सपना साकार करने निकले जाँबाज़्ाों को मौत के घाट उतारा। पर एक दिन ऐसा भी आया जब हमारे पूर्वजों ने उस सत्ता को उखाड़ फेंका। तोप को निस्तेज कर दिया। फिर भी हमें इन प्रतीकों के बहाने यह याद रखना होगा कि भविष्य में कोई और ऐसी कंपनी यहाँ पाँव न जमाने पाए जिसके इरादे नेक न हों और यहाँ फिर वही तांडव मचे जिसके घाव अभी तक हमारे दिलों में हरे हैं।
    5 min
  • Class 10, Kavita - Paravat pradesh Me Pavas
    Checkपर्वत प्रदेश में पावस कविता के रचयिता सुमित्रा नंदन पंत जी हैं। 20 मई 1900 को उत्तराखंड के कौसानी-अलमोड़ा में जन्मे सुमित्रानंदन पंत ने बचपन से ही कविता लिखना शुरू कर दिया था। सुमित्रानंदन पंत की अधिकांश कविताएँ पढ़ते हुए यही
    अनुभूति होती है कि मानो हमारे आसपास की सभी दीवारें कहीं विलीन हो गई हों। हम किसी ऐसे रम्य स्थल पर आ पहुँचे हंै जहाँ पहाड़ों की अपार शृंखला हैं, आसपास झरने बह रहे हैं, सब कुछ भूलकर हम उसी में लीन रहना चाहते हैं।,पर्वत प्रदेश में पावस कविता में पर्वतीय इलाकों में वर्षा़ऋतु का मनमोहक वर्णन है। मेखलाकार पर्वत अपीनी हज़ारों पुष्प रूपीआँखों से अपने चरणों मै फैले विशाल सरोवर में अपना प्रतिबिंब देख रहा है। झरने गिरि का गौरव-गान कर रहे हंै। तरुवर नीरव नभ कीओर अनिमेष झाँक रहे हैं और शाल के वृक्ष डरकर धरा में धँस गए हैं। मूसलाधार वर्षा कारण ऐसा दृश्य प्रस्तुत हो गया है
    जिसमें धरती और आकाश दोनों मिलकर एक हो गए हैं।
    6 min
  • Class 10, Path- Bade Bhai Sahab

    बड़े भाई साहब पाठ के लेखक मुंशी प्रेमचंद हैं।31 जुलाई 1880 को बनारस वेफ करीब लमही गाँव में जन्मे धनपत राय ने उर्दू में नवाब राय और हिंदी में प्रेमचंद नाम से लेखन कार्य किया। निजी व्यवहार और पत्राचार धनपत राय नाम से ही करते रहे।‘बड़े भाई साहब’ कहानी माध्यम से लेखक, पाठकों को बताना चाहते हैं कि अगर हमसे उम्र्र व अनुभव में बड़े व्यक्ति हमें डाँटते या समझाते हैं, तो छोटों को उनकी बात का बुरा न मानकर, उससे कुछ सीख लेकर उस काम को अच्छे ढंग से करना चाहिए, ताकि असफलता का मुँह न देखना पड़े।लेखक द्वारा कही गयी लाइन भी हमें ये समझा देती है कि शायद उन उपदेशों कारण ही वह दनादन पास हो जाता हैं क्योंकि लेखक का मन पढ़ाई में नही लगता था, पर अपने भाई उपदेशों कारण ही वह पढ़ने को बाध्य होता था और उसी बाध्यता ने उसे पढ़ने को र्मीाबूर किया और वह पास होता गया। प्रस्तुत पाठ में भी एक बड़े भाई साहब हैं, जो हैं तो छोटे ही, लेकिन घर में उनसे छोटा एक भाई और है।उससे उम्र में केवल कुछ साल बड़ा होने के कारण उनसे बड़ी-बड़ी अपेक्षाएँ की जाती हैं। बड़ा होने वेफ नाते वह खुद भी यही चाहते और कोशिश करते हैं कि वह जो वुफछ भी करें वह छोटे भाई के लिए एक मिसाल का काम करे। इस आदर्श स्थिति को बनाए रखने के कारण बड़े भाई साहब का बचपना तिरोहित हो जाता है।

    5 min

About Mera lakshya ...Hindi Course B , Class 9 & 10

From the publisher's feed

Complete Hindi ( Course B ) Syllabus for classes 9 , 10 & some stories