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Shweta Sharma आज बात करेंगी विश्व संगीत दिवस की। मां की लोरियों से लेकर किसी की heels में टिकटोक वाली आवाज़ तक, सुनें तो सभी है संगीत। दादी के भजन से लेकर मिक्सर ग्राइंडर की आवाज़ तक और घर की doorbell से लेकर मंदिर की घंटियों तक, सब कुछ है संगीत, अगर देखना चाहें तो।
Shweta Sharma आज बात करेंगी World Elder Abuse Awareness Day के बारे में। Shweta बताती हैं कि किस तरह उनकी नानी अनगिनत कहानियां सुनाती थीं। शायद उन्हीं बातों और कहानियों में रम के हम सबका भी बचपन बीता है। मगर कैसे इन कहानियों से बनते हैं हम, बगैर जाने। कहाँ छूट गया वो वक़्त, वो समय जब हम सब नानी-दादी की कहानियां सुनते-सुनते बड़े हुए। लोग क्यों नहीं समझते कि प्यार एक ही तरीके का नहीं होता है। कि हम होने बड़े-बूढ़ों से भी प्यार कर सकते हैं
Podcaster: Shweta Sharma
आज Shweta Sharma सुनाएंगी माँ पर एक खूबसूरत कविता जिसे सुनकर आप भी भावनाओं के समंदर में डूब जायेंगे। कैसे बचपन में उनके डुपट्टे से साड़ी पहना करे थे, कैसे बचपन में टीचर्स भी उनसे डरती। सुनिए माँ पर ये भावुक कविता, श्वेता शर्मा की ज़ुबानी।
आज श्वेता शर्मा बात कर रही हैं भारत के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज किया जाने वाले दिन के बारे में - Jallianwala Bagh हत्याकांड। वहां की दीवारें आज भी उन कत्लों की गवाही दे रही हैं। मगर Jallianwala Bagh की 103 वीं बरसी पर हम आज भी इस दर्द को याद इसलिए करते हैं ताकि आगे कोई भी इस तरीके का हत्याकांड न कर सके, ताकि हमें पता हो कि हमारी आज़ादी किस क़ीमत पर आई है । सुनिए आज का मुझे महसूस हुआ का ये ख़ास पॉडकास्ट, श्वेता की ज़ुबानी।
आज बहुत दिन बाद श्वेता शर्मा आईं हैं सुनाने कि उन्हें कैसा महसूस हुआ। वो कहानी शुरू कर रही हैं अपने माता-पिता से - कि कैसे वही उनकी सोच-बुझ की नींव होते हुआ करते थे बचपन में। फिर वो केहेती हैं कि हम बड़े होते हैं और औरों को देखते हैं और हमारा दुनिया देखने का नज़रिया बदलता है। फिर अंत में ये समझ आता है कि माता-पिता जो कहते थे सही कहते थे। मगर कैसे बदली नवरात्री के व्रत रखने से श्वेता की ज़िन्दगी? ऐसा क्या हुआ कि उनके जीवन में एक नया turn आया, जानिए इस एपिसोड में
आज श्वेता शर्मा कह रही हैं एक प्रण लेने के लिए। ये प्रण लें कि सामने वाले को नीचे नहीं दिखाएंगे, कोई judgement नहीं, कुछ नहीं। जब तक हम एक दूसरे के साथ नहीं खड़े होंगे, तब तक कोई और हमारी इज़्ज़त आखिर क्यों करेगा। सुनिए आज का एपिसोड जानने के लिए कि कितनी ज़रूरी है female solidarity.
ऐसा क्यों होता है कि ‘time waste’ के समय ही बेहतरीन ideas आते हैं। क्या होता है Raman Effect. कैसे आ गया CV Raman को ये आईडिया समुन्दर के पानी के बदलते हुए रंग देखने से, जानिए इस पॉडकास्ट पर श्वेता शर्मा की आवाज़ में।
आज श्वेता शर्मा बात करेंगी मात्र भाषा की और मात्र भाषा कितनी ज़रूरी है
आज Valentine’s Day है। सबके लिए ये प्यार का दिन है। मगर आज-कल के नौकरीपेशा लोगों के लिए ये क्या है? ये है रोज़ का दिन। मगर हर किसी में है एक Valentine , श्वेता शर्मा बताएंगी कैसे। और उनका इस साल का उनका ख़ास Valentine कौन है, वो भी सुनिए।
आज श्वेता शर्मा बात करेंगी लाल रंग की। क्या है इस रंग का महत्व, कैसे लाल है शक्ति भी, लाल है भक्ति भी, लाल है सिंदूर भी और लाल है फितूर भी। सुनिए लाल रंग कैसे रंग देता है अपने आस-पास की चीज़ें अपने रंग में, श्वेता शर्मा की आवाज़ में।
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