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आज रिवर्स गियर पर मोहम्मद अरशद बात करेंगे कि कैसे पहले रिज़ल्ट आने पर internet कैफ़े के बाहर लगती थी क़तार। ये वो वक़्त था जब रिज़ल्ट के नाम पर लोगों में ख़ौफ़ रहता था। क्या बोलते थे इंटरनेट कैफ़े वाले भैय्या पापा से जब होते थे बच्चे फेल। आज अरशद वापस ले जायेंगे आपको उन कैफ़े पर क़तार लगाने वाले दिनों में।
आज रिवर्स गियर के नए एपिसोड पर मोहम्मद अरशद बात करेंगे उन दिनों की जब आसानी से बस या ट्रेन पकड़ कर लोग त्योहारों पर, दिवाली-दशहरा पर, बेफिक्र होकर जाया करते थे। अब तो आलम ये है कि माँ बुला-बुला कर रह जाती है, बॉस भी end में छुट्टी दे ही देते हैं मगर ट्रेन के टिकट नहीं मिलते। अरशद आपको वापस ले जायेंगे उस बेफिक्र समय में जब छुट्टी का मतलब छुट्टी हुआ करता था, लैपटॉप पर काम नहीं।
आज रिवर्स गियर के एपिसोड में मोहम्मद अरशद बात करेंगे बदलाव की। मौसम से लेकर लोगों तक, सब बदलाव से गुज़रते हैं। मगर क्या सभी बदलाव अच्छे हैं? और अगर नहीं तो फिर क्या?
सुनें ये एपिसोड, अरशद की आवाज़ में।
आज रिवर्स गियर पर मोहम्मद अरशद बात करेंगे बदलते मौसम और टीकों की। क्या आपको याद है कि बचपन में किसने आपको सभी टीके लगवाए थे? जब कहीं पापा-मम्मी बचपन में डांट देते थे, तो वो उनको डांट देते थे। आज रिवर्स गियर पर दादा-दादी और नाना-नानी की पुरानी यादों का गियर लगेगा। ज़रूर सुनें आज का एपिसोड
आज रिवर्स गियर के एपिसोड में मोहम्मद अरशद बात करेंगे जन्मदिन की। अपने जन्मदिन के बारे में बताते-बताते वो याद दिलाएंगे कि किस तरह social media के आ जाने से बदला है जन्मदिन मनाने का स्वरूप? कैसे पहले ख़ुशी होती थी classrooms में chocolates बांटने की, उन्हीं chocolates को फिर tution लेकर जाने की। कैसे पहले केक शक्ल पर नहीं लगाया जाता था बल्कि खाया जाता था। आज केक बहुत हैं, शक्ल पर लगाने के लिए भी हैं मगर आस-पास खड़े लोगों में कमी आई है। तो सुनिए आज का रिवर्स गियर और याद कीजिए उन हसीं पलों को जब अब असल में अपना जन्मदिन मनाते थे, ना कि instagram पर।
आज मोहम्मद अरशद रिवर्स गियर के इस एपिसोड में बात करेंगे मौसम की। पतझड़ का मौसम आ चुका है। और पतझड़ कितनी यादों को साथ भी लाता है। त्योहारों का महीना चंद दिन ही दूर है। दिवाली, दशहरा ये सब आएंगे साथ। मगर इस कोरोना के माहौल में कैसे हम पतझड़ और त्योहारों का मज़ा साथ में लेंगे, वो भी देखना होगा। सुनिए ये एपिसोड और खो जाईये अपनी पतझड़ वाली यादों में, अरशद के साथ।
आज रिवर्स गियर पर मोहम्मद अरशद बात करेंगे कूलर की। किसी के लिए कूलर हवा देने का बेहतरीन ज़रिया है, किसी के लिए कूलर पर्यावरण को नुक्सान पहुंचाए बगैर हवा देने का जरिया है। मगर कैसे कुछ कूलर और कबाड़ीवाले बन गए कुछ हॉस्टल के लड़कों के लिए Ticket to the Hills
ज़रूर सुनिए आज का ये सच्ची घटना पर आधारित एपिसोड।
आज रिवर्स गियर के इस एपिसोड में मोहम्मद अरशद बात करेंगे उन दो भाईयों की जो ऐसे थे जैसे चॉकलेट पर लिपटे गोल्डन फॉयल। बस अब वो चॉकलेट नहीं आती और उसी तरह अब दोनों भाई भी एक-दूजे से अलग हो चुके हैं। कैसे लड़ाई में बिस्तर होता था wrestling ring और तकिया होता था हथियार, कैसे करते थे बड़े भाई को ब्लैकमेल और फिर उसी से मांगते थे समोसा और कैम्पा-कोला, इन सभी बातों को दोहराएंगे, पीछे लेजायेंगे आपको आज अरशद, रिवर्स गियर के इस नए एपिसोड में।
आज friendship day के मौके पर ये है friendship day special series का आखरी एपिसोड।
आज के एपिसोड में हम बात करेंगे एक ऐसे दोस्त की जिससे आप कभी नहीं मिले पर दोस्ती है कमाल की।
जी हां हम बात करेंगे internet वाली दोस्ती की। तो सुनियेगा ज़रुर हमारा आज का ये स्पेशल एपिसोड।
पूरी दुनिया रूठ जाए तो कोई फ़र्क नहीं पड़ता पर अगर दोस्त रूठ जाए तो सब बेजान सा लगता है।
ये है रिवर्स गियर special series का चौथा एपिसोड, जहाँ बात होगी दोस्ती के breakup की।
तो सुनिए इस एपिसोड को और वापस से जोड़िए अपनी टूटी दोस्ती को।
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