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एनएल चर्चा में इस हफ्ते अडाणी समूह के खिलाफ सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में पत्रकार रवि नायर को आपराधिक मानहानि में दोषी ठहराते हुए एक साल की कारावास की सजा, तीन घंटे में सोशल मीडिया से एआई से बने कंटेंट हटाने के सरकार के नए नियम, बांग्लादेश चुनाव के परिणामों और भाजपा की असम इकाई द्वारा सोशल मीडिया एक्स पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के ‘दो मुस्लिम पुरुषों’ पर बंदूक से निशाना साधते हुए एक वीडियो पोस्ट किए जाने पर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा संसद में विपक्ष द्वारा लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए अविश्वास का प्रस्ताव लाया जाना और इस प्रस्ताव के निपटारे तक बिरला के अध्यक्ष की कुर्सी पर न बैठने का फैसला, संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी का मोदी सरकार पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील एवं हरदीप पुरी का यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन मामले में नाम आने की चर्चा करने पर हंगामा आदि ख़बरें भी हफ्ते भर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में सुप्रीम कोर्ट के वकील अपार गुप्ता और ईस्ट मोजो के पत्रकार अमित कुमार शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, न्यूजलॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल चौरसिया पूछते हैं, “बीते दिनों आए फैसलों और सरकारी आदेशों को देखें तो अभिव्यक्ति का दायरा, सिमटता नजर आ रहा है. पत्रकारों और मीडिया संस्थानों के लिए ये एक चिंता की बात है. खासकर मीडिया संस्थान के तौर देखें तो हर खबर किसी न किसी इंसान को ठेस तो पहुंचाती ही है तो ऐसे में क्या गिरफ्तारी जैसे चीजें सही हैं?”
इसके जवाब में अपार कहते हैं, “सबसे पहले तो हमें ये समझना पड़ेगा कि फासिस्ट सोच पूरी तरह से नियंत्रण या सरेंडर चाहती है. जैसे अगर आप रवि नायर का ही केस देख लें. मानहानि का दावा आर्थिक क्षति के लिए हो सकता है या किसी आपराधिक कार्य के लिए हो सकता है, लेकिन पत्रकारों पर यह कहां तक उचित है. खासकर अगर पत्रकार को राहत नहीं मिले तो उसे लगातार अदालतों के चक्कर लगाने होंगे.”
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और जरूरी सूचना
03:02 - सुर्खियां
21:08 - डिजिटल कंटेंट पर नए नियम और पत्रकार रवि नायर को सजा
47:35 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
51:59 - बांग्लादेश चुनाव
55:54 - हेट पॉलिटिक्स और हिमंता बिस्व सरमा
1:17:04 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
अपार गुप्ता
कैरेन हाओ की किताब- एम्पायर ऑफ़ एआ.
शार्दूल कात्यायन
जेमी रस्किन की स्पीच
बिल बर्र का स्टैंड अप शो
विकास जांगड़डेली स्टार पर बांग्लादेश चुनाव से जुड़े लेपहला लेख, दूसरा लेख, तीसरा लेख, चौथा लेख
नेटफ्लिक्स पर डॉक्यूमेंट्री सीरीज- अनरियल
अमित कुमार
अलेक्सांद्र फ़ेदयेव की किताब-पराजय
अतुल चौरसिया
न्यूज़लॉन्ड्री पर बसंत कुमार की आयुर्वेद पर डॉक्यूमेंट्री
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: सत्येंद्र कुमार चौधुरी
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत के साथ ट्रेड डील की सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए टैरिफ में की गई कटौती, संसद के बजट सत्र के बीच जनरल एमएम नरवणे की किताब को लेकर जारी विवाद और ग़ाज़ियाबाद में तीन नाबालिग़ लड़कियों ने नवीं मंज़िल से कूदकर दी जान को लेकर विस्तार से बात इसके अलावा वाशिंगटन पोस्ट में की गई बड़ी छंटनी के साथ दुनिया से सिमटे अमेरिका के इस प्रतिष्ठित अख़बार के दायरे, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया गया वार्षिक बजट, इलाहबाद उच्च न्यायलय ने उत्तर प्रदेश में जारी ‘बुलडोज़र जस्टिस’ की सख्त टिप्पणी, मेघालय के जैतिया हिल्स ज़िले में खदान में विस्फोट होने से 16 मज़दूरों की मौत समेत कई मज़दूर फंसे, कोटद्वार के दीपक उस समय विवाद में आ गए जब उन्होंने बजरंग दल के लोगों को एक मुसलमान दुकानदार को परेशान करने से रोका, चुनाव आयोग व पश्चिम बंगाल सरकार के बीच जारी खींचतान, पाकिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी ने अपने ऑपरेशन हिरौफ़ की शुरुआत की जिसमें 23 नागरिकों की मौत और जेफ्री एप्सटीन टीन मामले से जुड़े लाखों दस्तावेज़ सार्वजानिक आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में बतौर मेहमान पूर्व आईपीएस अधिकारी यशवर्धन झा और वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से स्तंभकार आनंद वर्धन और सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवाने की किताब का एक हिस्सा संसद में राहुल गांधी संसद में पढ़ना चाह रहे थे, जो एक पत्रिका में प्रकाशित हो चुका है लेकिन उन्हें रोक दिया गया, यह किताब भारत में अभी प्रकाशित नहीं हुई है, सरकार ने इसपर रोक लगाई हुई है, इसे भारत सरकार ने क्यों रोक रखा है?
”इस विषय पर यशवर्धन झा कहते हैं, “सबसे पहला सवाल यह उठता है कि क्या राहुल गांधी को क्या यह अधिकार था संसद में उठाने का?”
पूरा मामला समझने और विशेषज्ञों की राय जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
07:07 - सुर्खियां
13:15 - एमएम नरवणे किताब विवाद
53:30 - अमेरिका के साथ व्यापार संधि
01:17:35 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:23:25 - ग़ाज़ियाबाद में बच्चियों की आत्महत्या 01:41:40 - सलाह और सुझाव
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पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाएहृदयेश जोशी
पुस्तक संग्रह - इंट्रुइगिंग इण्डिया
शार्दूल कात्यायन
अनमोल प्रितम की ‘मोहम्मद दीपक’ से बातचीत
लेख - जेन ज़ी बिकेम फर्स्ट जेनेरशन टू बी लेस इंटेलीजेंट दैन मिलेनियल्स ऐज़ आईक्यू ड्रॉप्ड
आनंदवर्धन
किताब - हाउ टू डू नथिंग
किताब - परशुराम की प्रतीक्षा
अतुल चौरसिया
सीरीज़ -तस्करी
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बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें औरउस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते यूजीसी के नए दिशानिर्देशों और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत से पैदा हुई राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर विस्तार से बात हुई.
इस बातचीत में दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर अदिति पासवान और द न्यूज़ मिनट के संपादक सुदीप्तो मंडल शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक रमन किरपाल और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “यूजीसी की यह गाइडलाइन्स सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही बनाई गईं थीं, लेकिन जब यह गाइडलाइन आई तो उसके बाद तथाकथित सवर्णों का विरोध शुरू हो गया, फिर सुप्रीम कोर्ट ने ही इसपर रोक लगा दी.”
सुनिए -
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते यूजीसी के नए दिशानिर्देशों और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत से पैदा हुई राजनीतिक उथल-पुथल को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा यूजीसी के नए दिशानिर्देशों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या ने कहा कि राज्य की ग्राम पंचायतों का नाम महात्मा गांधी के नाम पर होगा, चार-धाम तीर्थ कमिटी गैर हिन्दुओं के केदारनाथ, बद्रीनाथ जैसे मंदिरों में प्रवेश वर्जित करने के प्रस्ताव पर कर रही है काम, मसूरी में कवि बुल्लेशाह की मज़ार पर शरारती तत्वों ने की तोड़फोड़, छत्तीसगढ़ में वेतन बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर मिड डे मील वर्कर्स का प्रदर्शन जारी, मध्यप्रदेश के एक स्कूल में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में बच्चों को पुरानी किताबों पर हलवा पूरी बांटने से हुआ विवाद और असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि वे एसआईआर प्रक्रिया के ज़रिए हटवा सकते हैं चार से पांच लाख मुसलमान वोटरों के नाम आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफ़ेसर अदिति पासवान और द न्यूज़ मिनट के संपादक सुदीप्तो मंडल शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक रमन किरपाल और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “यूजीसी की यह गाइडलाइन्स सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ही बनाई गईं थीं, लेकिन जब यह गाइडलाइन आई तो उसके बाद तथाकथित सवर्णों का विरोध शुरू हो गया, फिर सुप्रीम कोर्ट ने ही इसपर रोक लगा दी.”
इस विषय पर अदिति कहती हैं, “यूजीसी के 2012 के नोटिफिकेशन में था कि अगर किसी के साथ कुछ ग़लत होता है, तो वह कहां जा सकता है, उसी नियम को वर्तमान समय में बढ़ती भेदभाव की घटनाओं के बढ़ने के बाद, और सख्त बनाकर लाया गया है, जो यूजीसी के लिए नया नियम है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
07:55 - सुर्खियां
14:30 - यूजीसी के नियमों पर विवाद
56:56 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
57:40 - अजित पवार की मौत
01:09:50 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
सुदीप्तो मंडल - सीरीज़ -तस्करी
किताब - डस्ट ऑन द थ्रोन
अदिति पासवान
सुरिंदर जोधका की किताबें
किताब - जूठन
फ़िल्में - हो, मसान एंड दहाड़
विकास जांगड़ा -अजित पवार का इंटरव्यू
भीमराव आंबेडकर का लेक्चर: अन्निहिलेशन ऑफ़ कास्ट
रमन किरपाल - फिल्म - द ग्रेट शम्सुद्दीन फैमिली
रिपोर्ट - अगेंस्ट गॉड्स मेन: अ नन अ बिशप एंड द ट्रायल ऑफ़ इंडियाज़ कैथोलिक चर्रिपोर्ट - अ कवर्ड अप ऑटोप्सी एंड अदर लूपहोल्स
अतुल चौरसिया
किताब - मुर्दहिया
पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
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संपादन: हसन बिलाल
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें औरउस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते नोएडा में दलदल में गिरने से हुई इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत, उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुबारकपुर डबास के नरक जैसे हालात पर शरद शर्मा की रिपोर्ट और उसके बाद अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उठने वाले सवालों को लेकर विस्तार से बात हुई.
इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शरद शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
सुनिए-
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते नोएडा में दलदल में गिरने से हुई इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत, उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुबारकपुर डबास के नरक जैसे हालात पर शरद शर्मा की रिपोर्ट और उसके बाद अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उठने वाले सवालों को लेकर विस्तार से बात हुई.
इसके अलावा मध्यप्रदेश के खरगोन में आदिवासी जननायक टंट्या मामा की मूर्ति स्थापना में बड़ा भ्रष्टाचार, सूरत में 21 करोड़ रुपये की लागत से बना का पानी का टैंक पहले ही दिन ढहा, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने छः पत्रकारों को भेजा समन, कर्नाटक विधानसभा सत्र में पहले ही दिन राज्यपाल ने खड़ा किया विवाद अपने भाषण में केवल दो पंक्तियां पढ़ीं, इससे पहले केरल और तमिलनाडु के राज्यपाल ने भी कुछ ऐसा ही किया, मणिपुर में मैतेयी समुदाय के एक व्यक्ति की गोली मारकर की गई हत्या, भारतीय रुपए में गिरावट जारी, दिल्ली की एक अदालत ने सिख दंगों को लेकर कांग्रेस नेता सज्जन सिंह को बरी किया, पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा सजा से पहले ज़मानत मिलना है एक अधिकार, डोनाल्ड ट्रंप ने ग़ज़ा के लिए बोर्ड ऑफ़ पीस नाम से बनाया संगठन और बांग्लादेश की क्रिकेट टीम टी-20 विश्व कप में खेलने नहीं आएगी भारत आदि ख़बरें भी हफ्तेभर की सुर्खियों में शामिल हैं.
इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार शरद शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
शरद की रिपोर्ट से चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “आपको इस रिपोर्ट को करने की प्रेरणा कहां से मिली, कितनी आबादी इससे प्रभावित है और एमसीडी के लोगों का इसपर क्या कहना है?”
इस विषय पर शरद कहते हैं, “प्रेरणा यही है, जिन कारणों से मैंने एनडीटीवी छोड़ा था वह यह था कि हम चैनल में रहकर कुछ कर नहीं पा रहे थे, प्रेरणा यह थी कि कुछ ऐसा करें जिसके लिए पत्रकारिता के लिए आए हैं और रात को जब सोएं तो एक संतुष्टि रहे और यह कहानी उसी से जुड़ी है.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
07:55 - सुर्खियां
14:30 - दिल्ली का नरक
51:52:14 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:013:10 - दिल्ली का बदला मौसम
01:16:50 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
शरद शर्मा
सीरीज़ -फ्रीडम एट मिडनाइट
हृदयेश जोशी
शरद शर्मा की रिपोर्ट
इस साल की पहली टिप्पणी
विकास जांगड़ासीरीज - स्पाईक्राफ्ट
2025 की आख़िरीटिप्पणी
अतुल चौरसिया
शरद शर्मा की रिपोर्ट
यूट्यूब चैनल - एनर्जी एन टॉक
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते गिग वर्कर्स की हड़ताल के बाद ऑनलाइन कंपनियों के 10 मिनट के वादे पर सरकार ने लगाई रोक और अमेरिका द्वारा विश्वभर में फैलाई गई अनिश्चितता को लेकर विस्तार से बात हुई.
इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार कल्लोल भट्टाचार्य और डॉक्टर आकृति भाटिया शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
सुनिए-
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से हुई मौतों और वेनेज़ुएला पर अमेरिका की कार्रवाई को लेकर विस्तार से बात हुई.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार अरविंद तिवारी, निरुपमा सुब्रमण्यम और हृदयेश जोशी ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से चर्चा में स्तंभकार आनंदवर्धन और विकास जांगड़ा शामिल हुए. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
सुनिए -
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते जनता दल सेक्युलर के विधायक एचडी रेवन्ना यौन उत्पीड़न के मामले में अदालत से बरी, गिग वर्कर्स की हड़ताल और बीते साल की घटनाओं पर विस्तार से बात हुई.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान द न्यूज़ मिनट की पत्रकार शिवानी कावा शामिल हुईं. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से प्रमुख संपादक रमन किरपाल, सीनियर रिपोर्टर बसंत कुमार और विकास जांगड़ा ने चर्चा में हिस्सा लिया. वहीं, चर्चा का संचालन न्यूजलॉन्ड्री के सह संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
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एनएल चर्चा में इस हफ्ते हिंदी प्रसिद्ध कवि, लेखक और साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल के निधन उन्नाव रेप केस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली ज़मानत और अरावली पर्वत श्रृंखला के नए मापदंडों को लेकर विस्तार से बात हुई.
इस बातचीत में वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और आशुतोष भारद्वाज शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से सह संपादक शार्दूल कात्यायन और स्तंभकार आनंद वर्धन ने चर्चा में हिस्सा लिया. न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने चर्चा का संचालन किया.
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