ये हम सभी के मन की वास्तविकता है कि हमारे मन में तकलीफ रहती है, दर्द रहता है, परेशानी रहती है, जबकि उसी मन में सुख शांति का ज्ञान भी रहता है, पर हम उसे जी नही पाते। ज्ञान वो है, जो आप पहले से जानते हैं। जैसे कि आप के पास ज्ञान है कि चिंता नहीं करनी चाहिए... इसे आप जानते है लेकिन स्थिति आने पर इसे आप इस्तेमाल नहीं कर पाते। जबकि उपाय ये है कि आप उस परिस्थिति में अपनी चिंता को देखें, महसूस करें, जागरूक होकर वो करें जो किया जा सकता है,... सिर्फ बैठे बैठे चिंता ना करें। सुख शान्ति के लिए हमे ज्ञान नहीं.. ऐसे उपाय चाहिए
जिन्हें हम इस्तेमाल कर सकें.... यानि वो व्यवहारिक हों... और उनसे हम अपनी समस्याओं से बाहर आ सकें। उपाय की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सुनिए…