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दुनिया भर में टिकाऊ विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रयासों में उल्लेखनीय भूमिका निभाने के लिये संयुक्त राष्ट्र ने 17 युवाओं को एसडीजी चैम्पियन घोषित किया है. इनमें, भारत के उदित सिंघल भी शामिल हैं.
काँच के कूड़े की समस्या भी प्लास्टिक के कूड़े जैसी न बन जाए, इस विचार के साथ उदित सिंघल ने भारत की राजधानी दिल्ली में, 2019 में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर Glass2Sand की स्थापना की. तब उदित सिंघल की उम्र 17 वर्ष थी.
उदित सिंघल ने तब से लेकर अब तक लगभग 8 हज़ार काँच की बोतलों को कूड़ा घर (Landfill) में जाने से रोका है, और उन बोतलों को 4 हज़ार 800 किलोग्राम उच्च ग्रेड सिलिका रेत में परिवर्तित करने में सफलता हासिल की है. उदित सिंघल, अपनी इस पहल को स्वयंसेवक नेटवर्क के माध्यम से फैलाकर, पूरे दिल्ली शहर को, बोतलों से छुटकारा दिलाने की मुहिम में जुटे हैं.
यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा ने उदित सिंघल से सम्पर्क करके, टिकाऊ विकास पर उनके कार्य को लेकर विस्तार से बातचीत की....
25 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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18 सितम्बर 2020 के बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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Take home rations ऐसे ऊर्जावान खाद्य पदार्थ होते हैं, जो पोषण सुनिश्चित करने के मक़सद से बच्चों और गर्भवती महिलाओं को खिलाए जाते हैं.
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम और भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रामीण आजीविका मिशन के बीच हाल ही में एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए, जिसके तहत बच्चों और गर्भवती महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से take home rations उपलब्ध कराए जाएँगे.
इसके बारे में विस्तृत जानकारी के लिये यूएन न्यूज़ की अंशु शर्मा ने बातचीत की, भारत में विश्व खाद्य कार्यक्रम में पोषण विशेषज्ञ, डॉक्टर शरीक़ा यूनुस के साथ.
संयुक्त राष्ट्र 2020 में अपनी स्थापना की 75 वीं वर्षगाँठ मना रहा है. संयुक्त राष्ट्र महासभा का 75वाँ सत्र भी 15 सितम्बर से शुरू हो रहा है. महासभा के वार्षिक सत्र के मौक़े पर हर वर्ष स्कूल-कॉलिजों में छात्र-छात्राएँ संयुक्त राष्ट्र के मॉडल सत्र आयोजित करते हैं, जिन्हें मॉडल यूनाइटेड नेशन्स (MUN) कहा जाता है.
अनेक वर्षों से विद्यालयों में आयोजित ये MUN हमारी भावी पीढ़ी को विश्व मंच से जोड़ने और अन्तरराष्ट्रीय मुद्दों को समझने में किस तरह मदद करते हैं, यही जानने के लिये यूएन न्यूज़ हिन्दी की अंशु शर्मा ने बात की, संयुक्त राष्ट्र के भारत और भूटान के लिये राष्ट्रीय सूचना अधिकारी और भारत में संयुक्त राष्ट्र सूचना केन्द्र (UNIC) के ऑफिसर-इन-चार्ज, राजीव चन्द्रन से...
11 सितम्बर 2020 के इस बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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शरणार्थी मामलों की संयुक्त राष्ट्र एजेंसी (UNHCR) ने गुरुवार को एक नई रिपोर्ट ‘Coming Together for Refugee Education’ पेश की है, जिसमें यह आशंका जताई गई है कि स्कूल बन्द होने, ज़्यादा फ़ीस होने या दूरस्थ शिक्षा के लिये तकनीक तक पहुँच ना होने के कारण बड़ी संख्या में शरणार्थी बच्चे अपनी पढ़ाई जारी रखने में असमर्थ होंगे.
इस रिपोर्ट के बारे में और जानकारी के लिये हमारी सहयोगी, अंशु शर्मा ने बात की भारत में यूएनएचसीआर के एक सहायका अधिकारी किरी अत्री से.
4 सितम्बर 2020 के साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
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28 अगस्त 2020 के इस साप्ताहिक बुलेटिन की सुर्ख़ियाँ...
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष-यूनीसेफ़ भारत में कोविड-19 महामारी से बचने के लिये मार्च 2020 में लागू हुई तालाबन्दी के बाद बिहार राज्य में 25 बाल विवाह रोकने में सफल रहा है. ये सभी बाल विवाह, मुसाहर (चूहे खाने वाले दलित समुदाय) जैसे महादलित समुदायों में होने वाले थे. यूनीसेफ़ के कार्यकर्ताओं व शिक्षकों द्वारा मुस्तैदी से समय पर सूचना मिलने की बदौलत, ये बाल विवाह रोके गए.
लगभग सभी मामलों में, परिवारों और बाल विवाह की सम्भावित शिकार लड़कियों को उचित सलाह-मश्विरा दिया गया व उनके परिजनों से बाण्ड पर हस्ताक्षर कराए गए ताकि वे समय से पहले उन लड़कियों की जबरन शादी ना करवाएँ. सम्वेदनशीलता के कारण सभी मामलों में दण्डात्मक कार्रवाई टाल दी गई.
इस पूरी कार्रवाई के बारे में विस्तृत जानकारी के लिये यूएन न्यूज़-हिन्दी की अंशु शर्मा ने बिहार में यूनीसेफ़ की 'बाल सुरक्षा अधिकारी' गार्गी साहा से बातचीत की. गार्गी साहा ने बताया कि यूनीसेफ़ अब इन बच्चों को उचित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने पर ध्यान केन्द्रित करेगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वे अपनी शिक्षा जारी रख सकें...
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