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संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार दुनिया ने ग़रीबी, भुखमरी और बीमारियों के ख़िलाफ़ ज़बरदस्त प्रगति की है लेकिन अब शिक्षा, तकनीक और जलवायु परिवर्तन के मोर्चों पर नए प्रकार की असमानताएं पैदा हो रही हैं.
रिपोर्ट बताती है कि इन नई असमानताओं को हल करने के लिए समाजों को रवैया बदलना होगा लेकिन अगर इन्हें समय पर नियंत्रित नहीं किया गया तो समाजों को हिला कर रख देने वाला एक ऐसा विरोध जन्म लेगा जिसे औद्योगिक क्रांति के बाद से नहीं देखा गया है.
हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है.
इस वर्ष इस अवसर पर यूएनएड्स ने एक रिपोर्ट जारी की है – ‘पॉवर टू द पीपुल’ यानी लोगों को सशक्त बनाना.
टिकाऊ कृषि विकास और सतत खाद्य सुरक्षा और पोषण के लिए अच्छे निर्णयों का लिया जाना बहुत ज़रूरी हैं लेकिन कृषि संबंधित फ़ैसलों के लिए प्रामाणिक आंकड़े होना भी आवश्यक है.
ज़रूरी डैटा के अभाव का परिणाम अक्सर उत्पादकता में गिरावट, कृषि आय में कमी, भुखमरी और ग़रीबी के रूप में देखने को मिलता है.
इसी समस्या के समाधान पर चर्चा के लिए 18 से 21 नवंबर 2019 तक भारत की राजधानी दिल्ली में कृषि सांख्यिकी पर आठवां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन (ICAS-VIII) आयोजित किया गया.
कई तरह के संक्रमणों से लोगों, जानवरों और पौधों की रक्षा करने में एंटी-माइक्रोबियल अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनका दुरुपयोग और हद से ज़्यादा इस्तेमाल उनके बेअसर होने की वजह भी बन सकता है.
पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां रोगाणुओं ने इन जीवनरक्षक दवाओं के विरुद्ध प्रतिरोध विकसित कर लिया और मरीज़ों पर दवाओं का असर होना बंद हो गया.
इसी एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 18 से 24 नवम्बर तक 'विश्व एंटीबायोटिक जागरूकता सप्ताह' मनाया जाता है.
हर साल 19 नवंबर को 'विश्व शौचालय दिवस' मनाया जाता है. खुले में शौच का अर्थ है जब लोग शौचालय का उपयोग करने की बजाए खुले स्थानों में, यानी खेतों, जंगलों, झाड़ियों और नदियों में शौच करते हैं.
खुले में शौच का चलन लगातार कम हो रहा है लेकिन टिकाऊ विकास लक्ष्यों के तहत विशेष रूप से मध्य और दक्षिण एशिया, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी एशिया और सब-सहारा अफ्रीका में वर्ष 2030 तक इसके उन्मूलन के लिए शौचालय का इस्तेमाल बढ़ाने की बहुत आवश्यकता है.
संयुक्त राष्ट्र की महिला संस्था (UN Women), भारत सरकार के गृह मंत्रालय और साझेदारों ने मिलकर शुक्रवार को भारत की राजधानी दिल्ली के सुल्तानपुर मैट्रो स्टेशन पर एक मैट्रो ट्रेन हरी झंडी दिखाकर रवाना की.
महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने के लिए एकजुट होने के अभियान के तहत इस मैट्रो को नारंगी रंग के पोस्टरों से सजाया गया है.
'ऑरेंज द वर्ल्ड' मुहिम महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के उन्मूलन के अंतरराष्ट्रीय दिवस से शुरू होने वाले वैश्विक अभियान का हिस्सा है. ये दिवस 25 नवंबर को मनाया जाता है.
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