
Sign up to save your podcasts
Or


भारत में कुल उद्यमियों में महज़ 14 फ़ीसदी महिलाएं हैं. इनमें भी अधिकांश सूक्ष्म और लघु उद्योग हैं जिनमें बाहरी वित्तीय मदद के अभाव में उन्होंने ख़ुद निवेश किया है.
लैंगिक भेदभाव और सामाजिक व सांस्कृतिक अवरोध अक्सर उद्यमों में महिलाओं की प्रगति के रास्ते में आड़े आते हैं. साथ ही ज्ञान, प्रशिक्षण, बाज़ार व्यवस्था और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच का ना होना भी उन्हें आगे बढ़ने से रोकता है.
संयुक्त राष्ट्र रेडियो से 24 अप्रैल 2020 के साप्ताहिक समाचार बुलेटिन में शामिल हैं...
भारत में संयुक्त राष्ट्र के वॉलन्टियर्स (स्वयंसेवक) सरकार के साथ मिलकर 58 ज़िलों में समन्वयक के रूप में काम कर रहे हैं और इस नेटवर्क से अनेक अन्य स्वयंसेवक जुड़े हुए हैं.
संयुक्त राष्ट्र वॉलन्टियर्स (यूएनवी) नामक इस नैटवर्क में पिछले कुछ सालों में लगभग आठ हज़ार युवा क्लब और महिला मंडल भी शामिल किए गए हैं और सभी कार्यकर्ता युवाओं से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं.
दुनिया के अनेक देशों में जबरन तालाबंदी होने और आवागमन पर पाबंदी लगाने से महिलाओं व लड़कियों के ख़िलाफ़ घरेलू हिंसा के मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है जो गहरी चिंता का कारण है.
संयुक्त राष्ट्र की महिला सशक्तिकरण संस्था – यूएन वीमेन में कार्यक्रम विशेषज्ञ अंजू पांडे का कहना है कि महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा की रोकथाम और उसके निवारण के उपायों को कोविड-19 से निपटने की योजनाओं का अहम हिस्सा बनाना होगा.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने कोविड-19 के विनाशकारी नतीजों से निपटने के लिए एक नई योजना को पेश किया है जिसमें इस महामारी से लोगों के स्वास्थ्य और उनकी आजीविका की रक्षा करने की रूपरेखा तैयार की गई है.
साथ ही निम्न व मध्य आय वाले देशों की सहायता के लिए एक वैश्विक फ़ंड की स्थापना की गई है.
संयुक्त राष्ट्र रेडियो से 3 अप्रैल 2020 के इस बुलेटिन में शामिल हैं...
विश्वव्यापी महामारी कोविड-19 के कारण दुनिया के कई देशों में तालाबंदी लागू कर दी गई है और लोग अपने घरों तक सीमित हो गए हैं. लेकिन इस कठिन समय में भी इंटरनेट और सूचना-तकनीक साधनों की उपलब्धता से लॉकडाउन के दौरान ज़रूरी कामों को पूरा किया जा रहा है.
संयुक्त राष्ट्र के भारत कार्यालय में सूचना व संचार टैक्नॉलजी विभाग के प्रमुख चॉंद कौशल का कहना है कि कनेक्टिविटी बेहतर होने से तालाबंदी के समय में भी घर से काम करना आसान हुआ है.
From the publisher's feed

14 Listeners

43 Listeners

5 Listeners

5 Listeners

95 Listeners

25 Listeners

9 Listeners

18 Listeners

8 Listeners

15 Listeners

8 Listeners

10 Listeners

4 Listeners

4 Listeners

0 Listeners

0 Listeners

0 Listeners

0 Listeners