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By Anoop KumarArtsBooks
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  • Chapter SEVEN of See You At The Top

    Chapter SEVEN of See You At The Top

    अध्याय- सात, इच्छा

    इच्छा बुद्धिमान अज्ञानता पैदा करती है। बुद्धिमान अज्ञानता उसे न जानने की विशेषता या समर्थ्य है जौ आप नहीं कर सकते और उसे किसी भी तरह करते रहना है। कई बार यह व्यक्ति से लगभग असम्भव काम करा देती है। उदारहण के लिय, कोई नया सेल्समैन किसी संस्था में भर्ती होता है। बिना किसी सेल्स के अनुभव के साथ, उसे वास्तव में सेल्स के बारे में कुछ मालूम नहीं होता है और कोई व्यक्ति उसे प्रेरित कर देता है। परिणाम यह होता है क वह इतना उत्साही हो जाता है कि वह सेल्स में पूरी संस्था का नेतृत्व करने लगता है। बिना यह जाने कि वह नीहं कर सकता, वह कर देता है। हो सकता है इसी कारण एक ग्रीन सेल्समैन किसी ब्लू या यलो सेल्समैन से बेहतर होता है।

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    1 hr 32 min
  • Chapter SIX of See You At The Top

    Chapter SIX of See You At The Top

    अध्याय-6 कार्य

    एक बुद्धिमान आदमी ने अवलोकन किया कि शफल परिवार में कार्य पिता के रूप में और सत्यनिष्ठा माता के रूप में देखे जाते हैं। अगर आप अपने इस माता-पिता के साथ निभा सकते हैं तो आपको बाकी परिवार के साथ कोई अड़चन नहीं आयेगी।

    Ø  कार्य सभी काम-धन्धों की बुनियाद है, सारी सम्पन्नता का श्रोत है और बुद्धिमात्ता का जनक है।

    Ø क्राय किसी युवा की प्रगति में उसके माता पिता की अपेक्षा चाहे वे कितने भी धनवान क्यों न हों कहीं अधिक सहायक हो सकता है।

    Ø यह साधारण सी बचत के रूप में दिखता है और सह सौभाग्य की नींव रख देता है।

    Ø यह वह लवण है जो जीवन को उसका स्वाद और गंध देता है परन्तु इससे पहले कि इसके महानतम आशीष व परिणाम प्राप्त हो इसे प्यार किया जाना चाहिए।

    Ø जब इसे प्यार किया गया हो तो कार्य जीवन को मधुर, उद्देश्यपूर्ण एवं सार्थक बना देता है।

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    52 min
  • Chapter FIVE of See You At The Top

    Chapter FIVE of See You At The Top

    अध्याय- पाँच, नज़रिया (दृष्टिकोण)

    आज जितने भी स्कूल हैं जो आपको पैर के नाखून काटने व भारी मशीन चलाने से लेकर टाँसिल्स निकालने तथा बाल धुंघराले करने से लेकर हर चीज करना सिखाते हैं। तथापि ऐसा एक भी स्कूल नहीं है जो आपको सिखा दै कि बिना सही सोचने के ढंग के औसत दर्जे से बेहतर कैसे हुआ जा सकता है। यह एक ऐसी चीज़ है जिसके बारे में हर कोई सहमत है चाहे आप डॉक्टर हों, वकील, अध्यापक, सेल्समैन, माँ-बाप, बच्चे, प्रशिक्षक अथवा खिलाडी हों। उन सब की राय यही है कि जब आप कोई कार्य हाथ में लेते हैं तो उसकी सफलता में बहुत बड़ा हाथ आपके नज़रिये का होता है। संक्षेप में, आपका नज़रिया आपकी क़ाबिलियत से अधिक महत्वपूर्ण है।

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    3 hr 40 min
  • Chapter Four of See You At The Top

    Chapter Four of See You At The Top

    अध्याय- चार, ध्येय

    क्या आपके पास लक्ष्य या ध्येय है? आपका कोई ध्येय जरूर होना चाहिये क्योंकि बिना किसी गंतव्य के उस पर पहुँचना उसी तरह मुश्किल है जिस तरह किसी जगह पर बिना जाये वहाँ से वापिस आना।

    जब तक आपके पास कोई निश्चित, असंदिग्ध व स्पष्ट रूप से निर्धारित लक्ष्य नहीं है, आप अपने अन्दर निहित अधिकतम सम्भाव्यता को अनुभव नहीं कर सकते। अनिश्चितता के साथ भटकने से आप इसे नहीं पा सकते, इसके लिए आपमें एक सार्थक विशिष्टता का होना जरूरी है। आपका अपने और अपने ध्येय के बारे में क्या विचार है? क्या वे स्पष्ट हैं या अभी कुछ धुंधले हैं? शिखर पर मिलेंगे।

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    2 hr 23 min
  • Chapter Three of See You At The Top

    Chapter Three of See You At The Top

    अध्याय- तीन दूसरों के साथ आपका रिश्ता

    जीवन एक प्रतिध्वनि है। जो भी आप बाहर भेजते हैं - वापिस आता है। जो भी आप बोते हैं- वही काटते हैं। जो भी आप देते हैं. वही पाते हैं। जो आप हैं- वही आप दूसरों में देखते हैं। आप क्या हैं और आप क्या करते हैं इससे दरकिनार यदि आप जीवन के सभी क्षेत्रों में सर्वोत्तम पुरस्कार पाना चाहते हैं, तो आपको प्रत्येक व्यक्ति में और प्रत्येक स्थिति में अच्छा ही देखना चाहिये- अच्छाई ढुँढने वाला बनना चाहिये एवं इस स्वर्णिम सिद्धान्त को अपने जीवन की शैली के रूप में अपना लेना चाहिए।

    एक निषकपट प्रशंसा दुनिया की सबसे प्रभावशाली अध्यापन एवं प्रेरक विधियों में से है। शिखर पर मिलेंगे।

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    1 hr 59 min
  • Chapter TWO of See You At The Top

    Chapter TWO of See You At The Top

    अध्याय - 2 समय अब है "आप चतुर- और निर्धन हो सकते हैं"

    ओलिवर वेन्डेल होम्स न कहा था, "अमेरिका में सबसे बड़ी त्रासदी प्राकृतिक संसाधनों की बहुत अधिक बर्बादी नहीं है, हालांकी यह दुःख भरी बात है। सबसे बड़ी त्रासदी मानव संसाधनों की बर्बादी है।" मिस्टर होम्स न बताया कि औसत व्यक्ति अपने संगीत को अपने अन्दर रखे हुए ही अपनी क़ब्र तक पहुँच जाता हैं। इसलिए, दुर्भाग्यवश सबकी मधुरतम संगीत रचनायें वह हैं जो बजी ही नहीं।

    एक पैसे और 2 लाख रुपये के सोने के टुकडे का एक ही मूल्य है अगर वे समुद्र की तली में पड़े जंग खा रहे हैं। मूल्य में अन्तर तभी होता है जब आप उन सिक्कों को उठाकर उनका उसी तरह प्रयोग करतेहैं जैसा प्रयोग उनका होना चाहिए। आपका मूल्य वास्तविक हो जाता है जब आप अपने अन्दर पहुँचना और वहाँ पर उपलब्ध अपार संभाव्यता का उपयोग करना सीख जाते हैं।

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    2 hr 22 min
  • Chapter ONE of See You At The Top

    Chapter ONE of See You At The Top

    अध्याय -1 जीवन के "और" ढंग - बॉस्टन के लिए 2 बजकर 20 मिनट वाली उड़ान

    यह आडियो बुक उन लोगों के लिए है जो अच्छे जीवन का बहुत सा हिस्सा गंवाते जा रहे हैं। यह आपको उन अतिरिक्त गुणों को पाने में मदद करने के लिए तैयार की गयी है जिन्हें पाने के लिए आपमें पात्रता है और क्षमता है।

    शुरुआत से ही मै आशा, सफलता, प्रसन्नता, विश्वास और उत्साह के बीज बोऊंगा। मै इन बीजों को पानी और खाद दूँगा और इसके अतिरिक्त कुछ और भी दूँगा। पुस्तक के खत्म होने तक फसल कटने को तैयार हो जायेगी, उसी अनुपात व राशि में जिसमें आपने इस पुस्तक के संदेश का उपयोग किया है। मैं इस बात पर बल देता हूँ कि यह सकारात्मक सोचने के ढंग वाली पुस्तक है परन्तु यह बहुत हद तक इससे भी कहीं अधिक है। "शिखर पर मिलेंगे"

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    1 hr 1 min
  • Chapter FIFTEEN of Think and Grow Rich

    Chapter FIFTEEN of Think and Grow Rich

    अध्याय-15 डर के छह भूतों को कैसे निकाला जाए

    यह तीन शत्रुओं के अध्ययन, विश्लेषण और समझ से शुरू होती है, जिन्हें आपकों दूर भगाना होगा- अनिर्णय, शंका और डर।

    छठी इन्द्रिय तब तक काम नहीं करेगी, जब तक कि वह तीनों शत्रु या इनमें से एक भी आपके दिमाग में बने रहेंगे। इस दुष्ट त्रिमूर्ति के सदस्य आपस में करीबी रूप से जुड़े हैंष जहाँ एक मिलेगा, बाकी के दो भई आस-पास ही मिलेंगे।

    इस अध्ययन का उद्देश्य है,छह मूलभूत डरों के कारण और इलाज पर ध्यान केन्द्रित करना। इससे पहले कि हम किसी दुश्मन को जीत सकें, हमें उसका नाम, उसकी आदतें, उसके रहने की जगह पता होना चाहिए। जब आप सुनें या पढ़ें तो सावधानी से विश्लेषण करें और यह निर्धारित करे कि इन छह आम डरों में से कोई आपको साथ तो नहीं जुड़ा हुआ है।

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    1 hr 10 min
  • Chapter FOURTEEN of Think and Grow Rich

    Chapter FOURTEEN of Think and Grow Rich

    अध्याय- 14 छठी इन्द्रिय "बुद्धिमत्ता के मंदिर का द्वार"

    तेरहवाँ सिद्धान्त है छठी इंद्रिय, जिसके द्वारा असीम शक्ति इच्छानुसार संपर्क कर सकती है और करती है। इसमें व्यक्ति के प्रयासों की कोई आवश्यकता या माँग नहीं होती। यह सिद्धान्त इस फिलॉसफी के शीर्ष पर है। बाकी बारह सिद्धान्तों को आत्मसात करने के बाद ही स समझा और आत्मसात किया जा सकता है।

    छठी इंद्रिय अंतर्गन का वह हिस्सा है, जिसे रचनात्मक कल्पनाशीलता कहा गया है। इसे ग्रहण करनेवाला सेट कहा गया है, जिसके द्वारा विचार और योजनाए हमारे दिमाग में काढ़ते हैं। इन कौंधों को कई बार प्रेरणा या आभास कहा जाता है।

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    17 min
  • Chapter THIRTEEN of Think and Grow Rich

    Chapter THIRTEEN of Think and Grow Rich

    अध्याय-13 मन "विचारों का प्रासरम और प्राप्त करने वाला स्टेशन"

    प्रत्येक मानवीय मन विचार के कम्पनों का प्रसारण और प्राप्त करने वाला स्टेशन होता है। रचनात्मक कल्पनाशीलता मन का रिसीविग सेट है, जिसके द्वारा यह उन विचारों को प्राप्त करता है या यूँ कहें ग्रहण करता है, जो दूसरे व्यक्ति के मन द्वारा प्रसारित किए जाते है। यह संचार का वह माध्यम है, जो किसी इंसान के तार्किक मन और उन चार श्रोतो को जोड़ता है जहाँ से इनसान विचार की प्रेरणा प्राप्त करता है।

    जब इसे प्रेरित किया जाए या जब वह कम्पन की उच्च दर पर कार्य कर रहा हो तो मन बाहरी श्रोतों के द्वारा इस तक पहुंचनेवाले विचारों को ग्रहण करने के प्रति ज्यादा संवेदनशील होता है। कंपन की उच्च दर सकारात्मक भावनाओं या नकारात्मक भावनाओं द्वारा घटित होती है। भावनाओं के द्वारा विचार के कंपनों को बढ़ाया जा सकता हैं।


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    14 min

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