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Listen in to a recitation of "Kagazon Mein Hai Salamat Ab Bhi Naksha Gaon Ka" written by Devmani Pandey.
Lyrics in Hindi:
Listen in to a recitation of "Covid" written by Harjeet Singh Tuktuk.
Lyrics in Hindi:
हमारा तो निकल गया रोना।
Listen in to a recitation of "Moko Kahan Dhunde Tu Bande" written by Kabir Das.
Lyrics in Hindi:
Listen in to a recitation of a "muktak" written by Kumar Vishwas.
Lyrics in Hindi:
Listen in to a recitation of the famous poem “Waqt” by Vikram Singh Rawat.
Lyrics in Hindi:
जो आज साथ होता है तुम्हारे वो कल नहीं रहता।
मैं फ़िज़ूल रोया करता था लम्हों पे दशको पे
समझ आया अब की वक़्त खुद भी सदा प्रबल नहीं रहता।
मरते हैं इसके भी पल जो बहते हैं इसकी धाराओ में
सदा को ठहरा हुआ कोई भी इसका पल नहीं रहता।
जीवनचक्र निरंतर है, मत कोस तू अपनी किस्मत को
इस दौर में ये दरिया किसी के लिये कल-कल नहीं बहता।
तुम्हे पता ही नहीं वक्त का दूसरा नाम ही जिंदगी है
यूँहीं तुम कहतें हो तुम्हारे पास ये किसीपल नहीं रहता।
इस दूध की धारा को मैंने पूजा भी दिए भी सिराये
पर जब से सागर में मिला फिर वो गंगाजल नहीं रहता।
कितना लालची हूँ की जिसके सजदे किये नवाज़ा भी
वो जिस दिन खारा हुआ ठोकरों के भी काबिल नहीं रहता।
ज़िन्दगी केवल मौत से मौत के सफ़र का नाम है
और बंजारों का कोर्इ् ठौर—ठिकाना ऊम्रभर नहीं रहता।
तू हाथों की लकीरों पे चला तो नदी जैसा भटकता रहा
तूने खुद को कभी नहीं खोजा तभी तू सफल नहीं रहता।
और तू मुझे मसीहा मत समझ मैं खुद विफल हूँ हालातों से
हाँ मगर हौंसला अब तक नहीं हरा वर्ना ये ग़ज़ल नहीं कहता।
॥ज़िन्दगी में कुछ भी कभी हरपल नहीं रहता॥
॥जो आज साथ होता है तुम्हारे वो कल नहीं रहता॥
Listen in to a recitation of the famous poem “Aaj Phir Se” by Harivansh Rai Bachchan.
Lyrics in Hindi:
आज फिर से तुम बुझा दीपक जलाओ ।
है कंहा वह आग जो मुझको जलाए,
रागिनी, तुम आज दीपक राग गाओ;
तुम नई आभा नहीं मुझमें भरोगी,
आज तुम मुझको जगाकर जगमगाओ;
मैं तपोमय ज्योती की, पर, प्यास मुझको,
स्नेह की दो बूंदे भी तो तुम गिराओ;
कल तिमिर को भेद मैं आगे बढूंगा,
किन्तु आज मुझको आंचल से बचाओ;
Listen in to a recitation of the famous poem “Aao Phir Se Diya Jalaye” by Atal Bihari Vajpayee.
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Listen in to a recitation of the famous poem “Jagmag Jagmag” by Sohan Lal Dwivedi.
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Listen in to a recitation of the famous poem “Bansuri Chali Aao” by Kumar Vishwas.
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Listen in to a recitation of the famous poem “Yun Hi Kuch Muskakar Tumne” by Trilochan.
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